
अबू धाबी: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के इतिहास में एक और रोमांचक अध्याय जुड़ने जा रहा है। दुनिया की सबसे महंगी क्रिकेट लीग के 2026 सीजन के लिए मंच पूरी तरह तैयार है।
कल यानी 16 दिसंबर, 2025 को अबू धाबी के एतिहाद एरिना (Etihad Arena) में खिलाड़ियों की नीलामी (Auction) होगी। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने इस महा-इवेंट के लिए सारी तैयारियां पूरी कर ली हैं।
यह लगातार तीसरा साल है जब आईपीएल की नीलामी विदेश में आयोजित की जा रही है। इससे पहले दुबई (2024) और जेद्दा (2025) में नीलामी हुई थी।
इस बार का आकर्षण इसलिए खास है क्योंकि कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) अब तक के सबसे बड़े पर्स (Purse) के साथ उतर रही है। वहीं, पांच बार की चैंपियन मुंबई इंडियंस (MI) के हाथ लगभग खाली हैं।
कल दोपहर 2:30 बजे से शुरू होगा एक्शन
क्रिकेट फैंस के लिए कल का दिन किसी त्योहार से कम नहीं होगा। भारतीय समयानुसार नीलामी का लाइव प्रसारण दोपहर 2:30 बजे शुरू होगा।
अबू धाबी के स्थानीय समय के अनुसार यह दोपहर 1:00 बजे का वक्त होगा। स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क (Star Sports) और जियो सिनेमा (JioCinema) पर इसका सीधा प्रसारण किया जाएगा।
बीसीसीआई के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि मल्लिका सागर (Mallika Sagar) एक बार फिर ऑक्शनर की भूमिका में नजर आ सकती हैं। उन्होंने पिछली बार अपनी सटीकता से काफी वाहवाही बटोरी थी।
350 खिलाड़ियों की किस्मत का होगा फैसला
बीसीसीआई द्वारा जारी फाइनल लिस्ट के मुताबिक, इस मिनी ऑक्शन (Mini Auction) में कुल 350 खिलाड़ी शॉर्टलिस्ट किए गए हैं। इनमें से 246 भारतीय खिलाड़ी हैं और 113 विदेशी खिलाड़ी अपनी किस्मत आजमाएंगे।
सभी 10 फ्रेंचाइजियों के पास कुल मिलाकर 77 स्लॉट्स खाली हैं। यानी औसतन हर टीम को 7-8 खिलाड़ी खरीदने हैं।
हालांकि, टीमों के पर्स में जमीन-आसमान का अंतर है। इसके कारण बोली लगाने की रणनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। कुल मिलाकर फ्रेंचाइजियों के पास खर्च करने के लिए 237.55 करोड़ रुपये की राशि शेष है।
कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR): सबसे अमीर खरीदार
इस बार की नीलामी में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) की स्थिति ‘शेर’ जैसी है। टीम ने आंद्रे रसेल, सुनील नरेन और वेंकटेश अय्यर जैसे अपने कोर खिलाड़ियों को रिलीज करने का कड़ा फैसला लिया।
इसका नतीजा यह है कि उनके पर्स में ₹64.3 करोड़ की विशाल धनराशि है। केकेआर मैनेजमेंट की नजरें एक धाकड़ विदेशी ऑलराउंडर और एक भारतीय विकेटकीपर पर होंगी।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, केकेआर ऑस्ट्रेलिया के कैमरून ग्रीन या मार्कस स्टोइनिस पर 15-20 करोड़ रुपये तक खर्च करने से पीछे नहीं हटेगी। गौतम गंभीर की मेंटरशिप से अलग होने के बाद टीम का नया थिंक टैंक देखना दिलचस्प होगा।
मुंबई इंडियंस (MI): हाथ तंग, उम्मीदें संग
दूसरी ओर, मुंबई इंडियंस (MI) की स्थिति काफी चिंताजनक है। हार्दिक पांड्या की कप्तानी वाली इस टीम ने अपना लगभग सारा बजट रिटेंशन में खर्च कर दिया है।
जसप्रीत बुमराह, सूर्यकुमार यादव और रोहित शर्मा को रिटेन करने के बाद उनके पास पर्स में मात्र ₹2.75 करोड़ बचे हैं। इतने कम पैसों में वे किसी भी स्टार खिलाड़ी (Marquee Player) के लिए बोली नहीं लगा पाएंगे।
मुंबई की रणनीति पूरी तरह से ‘स्काउटिंग’ पर निर्भर होगी। वे घरेलू क्रिकेट के अनकैप्ड (Uncapped) खिलाड़ियों और सस्ते विदेशी विकल्पों को टारगेट करेंगे जो बैकअप की भूमिका निभा सकें।
चेन्नई सुपर किंग्स (CSK): ‘धोनी फैक्टर’
चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) हमेशा की तरह एक संतुलित रणनीति के साथ उतर रही है। उनके पर्स में ₹43.4 करोड़ शेष हैं, जो किसी भी बड़े खिलाड़ी को खरीदने के लिए काफी हैं।
एमएस धोनी के भविष्य को लेकर अभी भी सस्पेंस बरकरार है। लेकिन टीम मैनेजमेंट अगले 3 साल के लिए एक मजबूत कोर तैयार करना चाहेगा।
सीएसके को एक अनुभवी विदेशी तेज गेंदबाज और एक मध्यक्रम के बल्लेबाज की तलाश है। न्यूजीलैंड के डेवोन कॉनवे और रचिन रवींद्र जैसे नाम उनकी हिटलिस्ट में सबसे ऊपर हो सकते हैं।
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB): गेंदबाजी पर फोकस
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के पास ₹38 करोड़ का पर्स है। टीम की बल्लेबाजी हमेशा से मजबूत रही है, लेकिन गेंदबाजी उनकी दुखती रग साबित होती आई है।
इस बार आरसीबी का पूरा फोकस विदेशी तेज गेंदबाजों पर होगा। मोहम्मद सिराज का साथ देने के लिए वे कगिसो रबाडा या ट्रेंट बोल्ट जैसे किसी अनुभवी गेंदबाज पर बड़ा दांव लगा सकते हैं।
इसके अलावा, विराट कोहली और फाफ डु प्लेसिस के बाद फिनिशर की भूमिका के लिए उन्हें एक विस्फोटक बल्लेबाज की भी तलाश होगी।
दिल्ली और पंजाब की रणनीति
दिल्ली कैपिटल्स (DC) के पास ₹21.8 करोड़ शेष हैं। ऋषभ पंत की टीम को एक मजबूत विदेशी स्पिनर की जरूरत है।
वहीं, पंजाब किंग्स (PBKS) के पास भी लगभग इतनी ही राशि बची है। पंजाब किंग्स हमेशा की तरह अपनी टीम में बड़े बदलाव करने के लिए जानी जाती है।
पंजाब को एक कप्तान सामग्री (Captaincy Material) खिलाड़ी की भी तलाश हो सकती है। शिखर धवन के संन्यास के बाद यह जगह खाली है।
विदेशी खिलाड़ियों पर नए नियम की मार
इस बार के ऑक्शन में बीसीसीआई ने विदेशी खिलाड़ियों की कमाई पर लगाम लगाने के लिए एक ऐतिहासिक फैसला लिया है।
नए नियम के मुताबिक, मिनी ऑक्शन में बिकने वाला कोई भी विदेशी खिलाड़ी उस राशि से ज्यादा नहीं कमा सकता, जो मेगा ऑक्शन में सबसे महंगे खिलाड़ी को मिली थी।
यदि किसी विदेशी खिलाड़ी पर 18 करोड़ रुपये से ज्यादा की बोली लगती है, तो अतिरिक्त पैसा खिलाड़ी को नहीं मिलेगा। वह राशि बीसीसीआई के ‘प्लेयर वेलफेयर फंड’ में जमा होगी।
इस नियम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि खिलाड़ी मिनी ऑक्शन के लिए जानबूझकर मेगा ऑक्शन न छोड़ें।
राइट टू मैच (RTM) कार्ड का पेंच
चूंकि यह एक मिनी ऑक्शन है, इसलिए फ्रेंचाइजियों के पास ‘राइट टू मैच’ (RTM) कार्ड का विकल्प उपलब्ध नहीं होगा।
आरटीएम कार्ड टीमों को अपने पुराने खिलाड़ी को वापस खरीदने का मौका देता था। इसके लिए उन्हें विपक्षी टीम की बोली के बराबर पैसा देना होता था।
इस सुविधा के न होने का मतलब है कि अगर केकेआर वेंकटेश अय्यर को वापस चाहती है, तो उन्हें सबसे ऊंची बोली लगानी ही होगी। वे किसी भी तरह के डिस्काउंट या मैचिंग का इंतजार नहीं कर सकते।
अनकैप्ड खिलाड़ियों पर रहेगी नजर
आईपीएल का असली मकसद नई प्रतिभाओं को खोजना है। इस बार सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन करने वाले कई युवा खिलाड़ियों पर धनवर्षा हो सकती है।
पंजाब के नेहल वढेरा, मुंबई के अंगकृष रघुवंशी और विदर्भ के अथर्व तायड़े जैसे नामों पर सभी फ्रेंचाइजियों की निगाहें होंगी।
समीर रिज़वी, जिन्हें पिछले साल सीएसके ने मोटी रकम में खरीदा था, इस बार फिर से नीलामी पूल में हैं। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी उन्हें हॉट प्रॉपर्टी बनाती है।
Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारी बीसीसीआई की आधिकारिक घोषणाओं और मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। ऑक्शन के अंतिम परिणाम और खिलाड़ियों की बिकवाली लाइव इवेंट के दौरान बदल सकती है।
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