इंतजार की घड़ियां खत्म हुईं और ‘कॉमेडी किंग’ कपिल शर्मा एक बार फिर बड़े पर्दे पर लौट आए हैं। 2015 में अपनी डेब्यू फिल्म ‘किस किसको प्यार करूं’ से दर्शकों को गुदगुदाने वाले कपिल ने ठीक 10 साल बाद आज यानी 12 December को इसका सीक्वल Kis Kisko Pyaar Karoon 2 रिलीज कर दिया है।
आज सुबह से ही सिनेमाघरों के बाहर लंबी कतारें देखी जा रही हैं। अगर आप इस वीकेंड अपनी फैमिली के साथ एक हल्की-फुल्की कॉमेडी फिल्म देखने का प्लान बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए है।
यह फिल्म सिर्फ एक सीक्वल नहीं, बल्कि कपिल शर्मा के करियर के लिए एक लिटमस टेस्ट भी है। पहली फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड तोड़ कमाई की थी, इसलिए पार्ट 2 से उम्मीदें और भी ज्यादा हैं। निर्देशक अनुकल्प गोस्वामी ने इस बार कॉमेडी का डोज दोगुना करने की कोशिश की है।
फिल्म में वही पुराना कन्फ्यूजन, वही भागदौड़ और वही मासूमियत है, लेकिन इस बार बीवियों की संख्या और मुसीबतें दोनों बढ़ गई हैं। Kis Kisko Pyaar Karoon 2 में क्या नया है और क्या यह दर्शकों की उम्मीदों पर खरी उतर पाई है, आज के रिव्यू में हम इसी पर विस्तार से चर्चा करेंगे।
फिल्म की कहानी वहीं से शुरू होती है जहां एक सीधा-साधा इंसान मोहन शर्मा (कपिल शर्मा) हालात का मारा होकर एक नहीं, दो नहीं, बल्कि चार शादियों के जाल में फंस जाता है। पहली फिल्म में तीन बीवियां थीं, लेकिन इस बार मेकर्स ने कन्फ्यूजन को ‘नेक्स्ट लेवल’ पर ले जाने का फैसला किया है।
कहानी का प्लॉट भोपाल में सेट किया गया है। मोहन अपनी प्रेमिका सानिया (हिरा वारिना) से शादी करना चाहता है, लेकिन अंतर-धार्मिक विवाह के पचड़े में फंसकर उसे धर्म और नाम बदलने पड़ते हैं।
कभी वह मोहन बनता है, कभी महमूद तो कभी माइकल। हर बार वह एक नई मुसीबत से बचने के लिए एक नया झूठ बोलता है और अंत में एक नई शादी कर बैठता है। इस बार उसकी पत्नियों के रोल में त्रिधा चौधरी, पारुल गुलाटी और आयशा खान हैं। बेचारा मोहन इन तीनों को एक ही घर में अलग-अलग फ्लोर पर रखता है और अपनी जिंदगी को एक ‘टाइम टेबल’ के हिसाब से चलाता है।
कहानी में असली ट्विस्ट तब आता है जब सानिया भी वापस आ जाती है और मोहन का पुराना राज खुलने लगता है। फिल्म का फर्स्ट हाफ आपको कैरेक्टर्स से मिलवाने और सिचुएशन सेट करने में निकलता है, लेकिन असली मजा सेकंड हाफ में आता है जब सारे झूठ एक-एक करके सामने आते हैं। क्लाइमेक्स में एक बहुत बड़ा सरप्राइज है जो आपको अंत तक सीट से बांधे रखेगा।
कपिल शर्मा की कॉमेडी टाइमिंग: क्या जादू बरकरार है?
कपिल शर्मा की सबसे बड़ी ताकत उनकी ‘कॉमिक टाइमिंग’ और ‘वन-लाइनर्स’ हैं। Kis Kisko Pyaar Karoon 2 में उन्होंने साबित कर दिया है कि वे आज भी कॉमेडी के बेताज बादशाह हैं। उनका भोलापन और मुसीबत में फंसे इंसान का एक्सप्रेशन दर्शकों को लोटपोट करने के लिए काफी है। जब वे स्क्रीन पर “भगवान… ये क्या हो रहा है” वाला चेहरा बनाते हैं, तो पूरा हॉल हंसी से गूंज उठता है।
अभिनय के मामले में कपिल पहले से ज्यादा परिपक्व नजर आए हैं। उन्होंने इमोशनल सीन्स में भी अच्छा काम किया है, लेकिन फिल्म की जान उनकी कॉमेडी ही है। मंजोत सिंह, जो फिल्म में उनके दोस्त का किरदार निभा रहे हैं, ने भी शानदार काम किया है। कपिल और मंजोत की जुगलबंदी ‘शले और सांबा’ जैसी नहीं, बल्कि ‘जय और वीरू’ की तरह मजेदार है।
हालांकि, कुछ जगहों पर कपिल का अभिनय थोड़ा लाउड लगता है, खासकर जब वे लाचारी दिखाते हैं। लेकिन एक मास एंटरटेनर फिल्म में इतना तो चलता है। कुल मिलाकर, यह फिल्म पूरी तरह से कपिल शर्मा के कंधों पर टिकी है और उन्होंने अपने फैंस को निराश नहीं किया है।
स्टार कास्ट और परफॉर्मेंस: बीवियों ने भी जमाया रंग
फिल्म की फीमेल लीड्स ने अपने किरदारों के साथ पूरा न्याय किया है। बिग बॉस फेम आयशा खान ने अपनी डेब्यू फिल्म में अच्छा काम किया है। उनकी स्क्रीन प्रेजेंस काफी अच्छी है। त्रिधा चौधरी और पारुल गुलाटी ने भी अपनी-अपनी भूमिकाएं बखूबी निभाई हैं। हालांकि, स्क्रीन टाइम बंट जाने की वजह से किसी भी एक एक्ट्रेस को बहुत ज्यादा मौका नहीं मिल पाया है।
वरिष्ठ अभिनेता असरानी और सुप्रिया शुक्ला ने अपनी कॉमेडी से फिल्म में चार चांद लगा दिए हैं। असरानी का किरदार आपको पुराने जमाने की याद दिला देगा। उनका “हम अंग्रेजों के जमाने के जेलर हैं” वाला अंदाज तो नहीं, लेकिन कुछ नया जरूर देखने को मिला है। सुप्रिया शुक्ला ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वे माँ के रोल में कितनी फिट बैठती हैं।
विलन के तौर पर सुशांत सिंह ने अच्छा काम किया है, लेकिन उनकी भूमिका को और दमदार बनाया जा सकता था। जैमी लीवर ने अपनी मिमिक्री और कॉमेडी से दर्शकों को खूब हंसाया है।
निर्देशन और संगीत: कहाँ हुई चूक?
निर्देशक अनुकल्प गोस्वामी ने फिल्म को तेज गति से आगे बढ़ाया है। उन्होंने कोशिश की है कि दर्शक बोर न हों। लेकिन स्क्रीनप्ले में कुछ कमियां साफ नजर आती हैं। कई जगह जोक्स बहुत पुराने और घिसे-पिटे लगते हैं। ऐसा लगता है कि हम कपिल शर्मा का टीवी शो देख रहे हैं, न कि कोई फिल्म। कुछ सीन्स जबरदस्ती ठूंसे हुए लगते हैं।
संगीत की बात करें तो Kis Kisko Pyaar Karoon 2 का म्यूजिक एवरेज है। हनी सिंह का गाना “फुर्र” थोड़ा कैची है और युवाओं को पसंद आ सकता है, लेकिन बाकी गाने याद रखने लायक नहीं हैं। बैकग्राउंड स्कोर ठीक-ठाक है और कॉमेडी सीन्स को सपोर्ट करता है। तकनीकी रूप से फिल्म अच्छी है, सिनेमेटोग्राफी और सेट्स कलरफुल हैं जो एक कॉमेडी फिल्म के लिए जरूरी होता है।
फिल्म की लंबाई 2 घंटे 24 मिनट है, जो एक कॉमेडी फिल्म के लिहाज से थोड़ी ज्यादा है। एडिटिंग टेबल पर इसे 15-20 मिनट और कम किया जा सकता था। खासकर गानों की प्लेसमेंट कई बार कहानी की रफ्तार को रोक देती है।
बॉक्स ऑफिस कलेक्शन: पहले दिन की कमाई का अनुमान
ट्रेड एनालिस्ट्स के मुताबिक, Kis Kisko Pyaar Karoon 2 ने बॉक्स ऑफिस पर अच्छी शुरुआत की है। सुबह के शोज़ में ऑक्यूपेंसी 30-40% के आसपास रही है, जो दोपहर और शाम के शोज़ में बढ़ने की उम्मीद है। पहले दिन का कलेक्शन 8 से 10 करोड़ रुपये के बीच रहने का अनुमान है।
चूंकि यह एक फैमिली एंटरटेनर है, इसलिए वीकेंड पर इसे बड़ा जंप मिल सकता है। फिल्म का बजट नियंत्रित है, इसलिए इसके हिट होने की प्रबल संभावना है। हालांकि, साउथ की बड़ी फिल्म ‘अखंडा 2’ से इसे कड़ी टक्कर मिल रही है, लेकिन हिंदी बेल्ट में कपिल का जादू चल सकता है।
सोशल मीडिया पर दर्शकों की प्रतिक्रिया मिली-जुली है। कुछ इसे “पैसा वसूल” बता रहे हैं तो कुछ इसे “आउटडेटेड” कह रहे हैं। लेकिन कपिल के कट्टर फैंस के लिए यह फिल्म किसी तोहफे से कम नहीं है।
क्या यह फिल्म देखनी चाहिए? (वर्डिक्ट)
अगर आप लॉजिक, साइंस और दुनियादारी को घर छोड़कर सिर्फ ढ़ाई घंटे हंसना चाहते हैं, तो Kis Kisko Pyaar Karoon 2 आपके लिए परफेक्ट वॉच है। यह एक साफ-सुथरी पारिवारिक फिल्म है जिसे आप बच्चों और बुजुर्गों के साथ देख सकते हैं। इसमें कोई अश्लीलता या डबल मीनिंग जोक्स नहीं हैं, जो आज के दौर में कम ही देखने को मिलता है।
लेकिन अगर आप एक बुद्धिमान कॉमेडी या नई कहानी की तलाश में हैं, तो शायद आपको निराशा हाथ लगे। यह फिल्म पुराने फार्मूले पर ही बनी है। इसमें नयापन कम और नॉस्टेल्जिया ज्यादा है।
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मेरी राय में, कपिल शर्मा की वापसी के लिए और वीकेंड पर तनाव दूर करने के लिए इसे एक बार देखा जा सकता है। यह एक ‘नो ब्रेनर’ कॉमेडी है जो आपको हंसाएगी जरूर।
रेटिंग: 3/5 स्टार
क्लाइमेक्स का बड़ा खुलासा (स्पॉयलर अलर्ट के बिना)
फिल्म का सबसे बड़ा आकर्षण इसका क्लाइमेक्स है। अंत में एक ऐसा ट्विस्ट आता है जब मोहन की माँ (सुप्रिया शुक्ला) एक राज खोलती हैं। पता चलता है कि मोहन की चार नहीं बल्कि पांच बीवियां हैं! और वो पांचवीं बीवी कौन है? यह जानकर आप अपनी हंसी नहीं रोक पाएंगे।
मेकर्स ने कपिल की रियल वाइफ गिन्नी चतरथ को भी एक सरप्राइज कैमियो में शामिल किया है। यह सीन फिल्म का हाईलाइट है। जिस तरह से फिल्म खत्म होती है, उससे लगता है कि मेकर्स ‘किस किसको प्यार करूं 3’ की तैयारी भी कर चुके हैं।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर, Kis Kisko Pyaar Karoon 2 एक मास एंटरटेनर है। इसमें कमियां हैं, कहानी पुरानी है, लेकिन कपिल शर्मा का अभिनय इसे देखने लायक बनाता है। 10 साल का इंतजार पूरी तरह से बेकार नहीं गया। इस वीकेंड सिनेमाघरों में हंसी के ठहाके गूंजने वाले हैं।
Related Disclaimer : यह फिल्म समीक्षा लेखक के व्यक्तिगत विचारों और फिल्म के प्रदर्शन पर आधारित है। बॉक्स ऑफिस के आंकड़े शुरुआती अनुमान हैं और बदल सकते हैं। हम पाठकों को निष्पक्ष जानकारी देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। ताज़ा अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट पर बने रहें।