7 Minutes Viral Video: ’19 मिनट’ के बाद अब ‘7 मिनट’ का नया फ्रॉड, क्लिक करते ही खाली हो सकता है खाता
7 Minutes Viral Video के जाल में न फंसें! पाकिस्तानी इन्फ्लुएंसर्स के नाम पर चल रहा है नया साइबर अटैक। जानें क्यों खतरनाक है '7 मिनट 11 सेकंड' वाला लिंक।
अभी इंटरनेट यूजर्स ’19 मिनट’ वाले वायरल वीडियो स्कैम से संभले भी नहीं थे कि एक और नया खतरनाक ट्रेंड “7 Minutes Viral Video” सामने आ गया है।
सोशल मीडिया पर एक पाकिस्तानी इन्फ्लुएंसर के नाम पर “7 मिनट 11 सेकंड” का वीडियो लिंक तेजी से वायरल हो रहा है। अगर आपके पास भी व्हाट्सएप या टेलीग्राम पर ऐसा कोई लिंक आया है, तो सावधान हो जाएं। यह कोई लीक वीडियो नहीं, बल्कि 2026 का सबसे नया ‘फिशिंग ट्रैप’ (Phishing Trap) है।
‘खबर आंगन’ की साइबर सुरक्षा डेस्क ने इस नए वायरल ट्रेंड की पड़ताल की है। जानिए क्या है इस 7 मिनट के वीडियो का सच और इसके पीछे कौन सा गिरोह काम कर रहा है।
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1. Marry Umair और Fatima Jatoi का नाम हो रहा इस्तेमाल
इस नए स्कैम में साइबर अपराधी पाकिस्तानी सोशल मीडिया स्टार्स के नामों का सहारा ले रहे हैं।
दावा: सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि पाकिस्तानी इन्फ्लुएंसर Marry Umair या Fatima Jatoi का एक प्राइवेट एमएमएस (MMS) लीक हो गया है, जिसकी लंबाई ठीक 7 मिनट 11 सेकंड या 6 मिनट 39 सेकंड है।
सच्चाई: यह पूरी तरह झूठ है। ऐसा कोई वीडियो अस्तित्व में नहीं है। यह सिर्फ लोगों को ललचाने के लिए एक फर्जी कहानी (Hoax) बनाई गई है।
2. सटीक टाइमस्टैम्प (Timestamp) का मनोवैज्ञानिक खेल
हैकर्स ने इस बार एक नई चाल चली है। वे “Full Video” लिखने के बजाय “7:11 Minutes” या “6:39 Minutes” जैसे सटीक समय का जिक्र कर रहे हैं।
वजह: साइबर एक्सपर्ट्स का कहना है कि जब यूजर एक स्पेसिफिक टाइम देखता है, तो उसे लगता है कि वीडियो असली है। इसी जिज्ञासा (Curiosity) का फायदा उठाकर उसे लिंक पर क्लिक करवाया जाता है।
नतीजा: लिंक पर क्लिक करते ही कोई वीडियो नहीं चलता, बल्कि बैकग्राउंड में Spyware डाउनलोड हो जाता है जो आपके पासवर्ड्स और निजी तस्वीरें चुरा सकता है।
3. ’19 मिनट’ वाले स्कैम से कैसे जुड़ा है यह?
यह नया ट्रेंड ठीक उसी पैटर्न पर काम कर रहा है, जिस पर “19 Minutes Viral Video” (पायल गेमिंग वाला स्कैम) काम कर रहा था।
पैटर्न: दोनों ही मामलों में इन्फ्लुएंसर्स के डीपफेक (Deepfake) फोटो थंबनेल के रूप में इस्तेमाल किए जा रहे हैं।
मकसद: इसका एकमात्र मकसद भारतीय यूजर्स को निशाना बनाना और उनके सोशल मीडिया अकाउंट्स को हैक करना है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन लिंक्स के आईपी एड्रेस (IP Address) संदिग्ध विदेशी सर्वरों से जुड़े हैं।
4. साइबर सेल की सलाह: ‘इग्नोर और रिपोर्ट’
साइबर सुरक्षा एजेंसियों ने यूजर्स के लिए सख्त हिदायत जारी की है:
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लिंक न खोलें: अगर कोई आपको “7 मिनट वाला वीडियो” भेजे, तो उसे ब्लॉक कर दें।
सर्च न करें: गूगल या ट्विटर पर इन कीवर्ड्स को सर्च करने से बचें, क्योंकि स्कैमर्स ने सर्च रिजल्ट्स में भी मैलिशियस (Malicious) वेबसाइट्स प्लांट कर रखी हैं।
वेरिफाई करें: याद रखें, किसी भी असली खबर की पुष्टि विश्वसनीय न्यूज़ पोर्टल्स पर ही होती है, व्हाट्सएप फॉरवर्ड्स पर नहीं।
हमारा निष्कर्ष (Verdict)
7 Minutes Viral Video इंटरनेट का सबसे ताजा ‘डिजिटल झूठ’ है। मैरी उमैर या फातिमा जटोई का कोई वीडियो लीक नहीं हुआ है। अपनी एक गलती से आप साइबर अपराधियों को अपने फोन की चाबी सौंप सकते हैं। सतर्क रहें और इस चेन को तोड़ें।
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Disclaimer: इस खबर की पुष्टि ‘खबर आंगन’ की साइबर सुरक्षा डेस्क ने ट्रेंडिंग स्कैम्स के विश्लेषण और साइबर एक्सपर्ट्स की एडवाइजरी (16 जनवरी 2026) के आधार पर की है।
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