हालांकि, टॉस के बाद सबसे बड़ी चर्चा का विषय रही भारत की प्लेइंग इलेवन। पहले वनडे में मिली हार के बाद, क्रिकेट पंडितों और प्रशंसकों का एक बड़ा वर्ग उम्मीद कर रहा था कि टीम इंडिया अपनी रणनीति में बदलाव करेगी, खासकर कलाई के जादूगर स्पिनर कुलदीप यादव को शामिल किया जाएगा। पर्थ की तेज पिच पर उन्हें बाहर रखने के फैसले पर सवाल उठाए गए थे, लेकिन एडिलेड की अपेक्षाकृत स्पिन-अनुकूल मानी जाने वाली पिच पर भी भारतीय टीम मैनेजमेंट ने उन्हें अंतिम-11 में जगह नहीं दी। यह फैसला निश्चित रूप से कई भौंहें चढ़ाएगा और मैच के परिणाम पर इसका गहरा असर पड़ सकता है।
एडिलेड ओवल की पिच, जिसे अक्सर बल्लेबाजी के लिए अच्छी माना जाता है, लेकिन मध्य ओवरों में स्पिन गेंदबाजों को मदद देने की अपनी पुरानी पहचान रखती है। ऐसे में, दुनिया के बेहतरीन कलाई के स्पिनरों में से एक कुलदीप यादव का बाहर बैठना टीम इंडिया के संयोजन पर एक बड़ा सवाल खड़ा करता है। टीम मैनेजमेंट ने पहले वनडे वाली ही प्लेइंग इलेवन पर भरोसा जताया है, जिसमें स्पिन का दारोमदार ऑलराउंडर अक्षर पटेल और वॉशिंगटन सुंदर के कंधों पर है।
विश्लेषकों का मानना था कि, कप्तान शुभमन गिल और कोच राहुल द्रविड़ वाशिंगटन सुंदर या यहां तक कि तेज गेंदबाज हर्षित राणा में से किसी एक की जगह कुलदीप को लाकर गेंदबाजी आक्रमण को धार देंगे। हालांकि, टीम ने बल्लेबाजी की गहराई को बनाए रखने पर जोर दिया है, यही कारण है कि नीतीश कुमार रेड्डी और वॉशिंगटन सुंदर जैसे बल्लेबाजों को गेंदबाजी ऑलराउंडर के रूप में मौका दिया गया है। एडिलेड की छोटी स्क्वेयर बाउंड्री को देखते हुए भी, टीम ने शायद एक विशुद्ध कलाई के स्पिनर को महंगा साबित होने के जोखिम के कारण बाहर रखा होगा।
शुभमन गिल (कप्तान) की अगुवाई वाली भारतीय टीम दूसरे वनडे के लिए बिल्कुल अपरिवर्तित है। यह दर्शाता है कि टीम मैनेजमेंट अपने मौजूदा संयोजन पर विश्वास बनाए रखना चाहता है, भले ही उन्हें पर्थ में हार मिली हो।
भारत की प्लेइंग इलेवन:
रोहित शर्मा, शुभमन गिल (कप्तान), विराट कोहली, श्रेयस अय्यर, केएल राहुल (विकेटकीपर), अक्षर पटेल, वाशिंगटन सुंदर, नीतीश कुमार रेड्डी, हर्षित राणा, मोहम्मद सिराज, अर्शदीप सिंह।
इस लाइनअप में शीर्ष क्रम पर रोहित शर्मा और शुभमन गिल की अनुभवी जोड़ी पारी की शुरुआत करेगी। इन दोनों पर एक ठोस शुरुआत देने का भारी दबाव होगा, क्योंकि पर्थ में दोनों ही बल्लेबाज जल्दी आउट हो गए थे। नंबर तीन पर ‘किंग’ विराट कोहली हैं, जिनका एडिलेड ओवल में रिकॉर्ड असाधारण रहा है। एडिलेड कोहली का पसंदीदा मैदान रहा है, जहां उन्होंने कई यादगार पारियां खेली हैं। उनसे आज एक बड़ी, मैच जिताऊ पारी की उम्मीद रहेगी।
मध्य क्रम में श्रेयस अय्यर और विकेटकीपर-बल्लेबाज केएल राहुल हैं, जिनके कंधों पर पारी को संभालने की जिम्मेदारी होगी। केएल राहुल ने पिछले मैच में कुछ देर तक संघर्ष किया था, लेकिन वह हमेशा बड़े मंच के खिलाड़ी माने जाते हैं।
गेंदबाजी विभाग में, तेज आक्रमण की अगुवाई मोहम्मद सिराज, अर्शदीप सिंह और युवा हर्षित राणा कर रहे हैं। इन तीनों को ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों पर शुरुआती दबाव बनाना होगा। हर्षित राणा, अपने पहले मैच में कुछ खास प्रदर्शन नहीं कर पाए थे, लेकिन अपनी गति और उछाल से वह खतरनाक साबित हो सकते हैं। स्पिन विभाग की जिम्मेदारी अक्षर पटेल और वॉशिंगटन सुंदर के हाथों में है, जो बल्ले से भी योगदान देने की क्षमता रखते हैं।
ऑस्ट्रेलियाई टीम में तीन बदलाव
दूसरी ओर, ऑस्ट्रेलियाई टीम ने अपने संयोजन में तीन महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। पहले वनडे में शानदार प्रदर्शन करने वाली ऑस्ट्रेलिया की टीम में विकेटकीपर जोश फिलिप की जगह एलेक्स कैरी को शामिल किया गया है। इसके अलावा, तेज गेंदबाज नाथन एलिस की जगह एक्स बैरलेट और स्पिनर एडम जाम्पा को मैथ्यू रेनशॉ की जगह मौका मिला है। जाम्पा की एंट्री एडिलेड की पिच के स्पिन-अनुकूल स्वभाव को देखते हुए एक समझदारी भरा कदम है।
ऑस्ट्रेलिया की प्लेइंग इलेवन:
मिचेल मार्श (कप्तान), ट्रेविस हेड, मैथ्यू शॉर्ट, मैट रेनशॉ, एलेक्स कैरी (विकेटकीपर), कूपर कोनोली, मिचेल ओवेन, जेवियर बार्टलेट, मिचेल स्टार्क, एडम जाम्पा, जोश हेजलवुड।
भारत को सीरीज में वापसी की दरकार
पर्थ में मिली सात विकेट की करारी हार (DLS मैथड) के बाद, यह मुकाबला भारतीय टीम के लिए ‘करो या मरो’ का है। टीम इंडिया को न केवल सीरीज को जीवित रखना है, बल्कि आगामी विश्व कप से पहले अपनी लय और आत्मविश्वास को भी वापस पाना है। पहले मैच में, भारतीय बल्लेबाज तेज गेंदबाजी के सामने संघर्ष करते दिखे थे और बारिश के कारण ओवर्स कम होने से भी उन्हें फ्लो नहीं मिल पाया था।
एडिलेड की पिच, हालांकि पर्थ जितनी तेज और उछाल वाली नहीं होगी, लेकिन मिचेल स्टार्क और जोश हेजलवुड जैसे विश्व स्तरीय तेज गेंदबाजों का सामना करना रोहित और गिल के लिए आसान नहीं होगा। बल्लेबाजी में कोहली का फॉर्म और उनका एडिलेड प्रेम भारत के लिए एक बड़ी उम्मीद है।
आपका छोटा सा सहयोग हमारी पत्रकारिता को नई मजबूती देता है।
भारत को पहले बल्लेबाजी करते हुए कम से कम $300$ से अधिक का स्कोर बोर्ड पर लगाना होगा ताकि वह ऑस्ट्रेलिया को दबाव में ला सके। पिच से स्पिनरों को मिलने वाली मामूली मदद को देखते हुए, अक्षर पटेल और वॉशिंगटन सुंदर को अपनी भूमिका से अधिक प्रदर्शन करना होगा।
मैच का महत्व
यह मैच सिर्फ सीरीज बराबर करने का मौका नहीं है, बल्कि यह एक तरह से भारतीय टीम की लचीलापन (bouncebackability) का भी टेस्ट है। पर्थ में हार के बाद, शुभमन गिल की कप्तानी में टीम कैसा प्रदर्शन करती है, यह देखना दिलचस्प होगा। वहीं, ऑस्ट्रेलिया, सीरीज में $2-0$ की अजेय बढ़त बनाने के इरादे से उतरेगी।
क्रिकेट प्रेमियों को एक रोमांचक मुकाबला देखने की उम्मीद है, जहां भारत की बल्लेबाजी की कला और ऑस्ट्रेलिया के गेंदबाजी कौशल की कड़ी टक्कर होगी। कुलदीप यादव को बाहर रखने का जोखिम भरा फैसला भारतीय टीम के लिए फायदेमंद साबित होता है या नहीं, यह तो वक्त ही बताएगा, लेकिन एडिलेड ओवल में आज का दिन बेहद महत्वपूर्ण होने वाला है।
(लेखक की टिप्पणी: यह लेख खेल के आंकड़ों और टीम संयोजन के आधार पर लिखा गया है)