बिहार पुलिस की कार्यशैली और सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर से गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। दरभंगा जिले के Biraul इलाके से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जिसने पूरे पुलिस महकमे की नींद उड़ा दी है।
यहाँ पुलिस की कस्टडी (अभिरक्षा) से एक आरोपी सरेआम जवानों को चकमा देकर फरार हो गया। इस बड़ी लापरवाही के बाद स्थानीय थाने से लेकर जिले के आला अधिकारियों तक में भारी हड़कंप मच गया है।
‘खबर आंगन’ की क्राइम इन्वेस्टिगेशन डेस्क इस ब्रेकिंग न्यूज़ की पूरी ग्राउंड रिपोर्ट आपके लिए लेकर आई है। जानिए कैसे पुलिस की आंखों में धूल झोंककर यह आरोपी भाग निकला और अब विभाग क्या एक्शन ले रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पुलिस ने एक मामले में इस आरोपी को गिरफ्तार किया था। नियम के मुताबिक, जेल भेजने से पहले उसे रूटीन मेडिकल चेकअप के लिए Biraul के सरकारी अस्पताल लाया गया था।
अस्पताल परिसर में हमेशा की तरह मरीजों और उनके परिजनों की काफी भीड़भाड़ थी। इसी आपाधापी और सुरक्षाकर्मियों की एक मामूली सी चूक का फायदा उठाकर, आरोपी ने मौके से रफूचक्कर होने में जरा भी देर नहीं लगाई।
जब तक ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को माजरा समझ में आता और वे कुछ एक्शन ले पाते, तब तक आरोपी अस्पताल की बाउंड्री से काफी दूर निकल चुका था। यह सीधे तौर पर पुलिस की भारी लापरवाही को दर्शाता है।
पुलिस महकमे में मचा भारी हड़कंप
जैसे ही आरोपी के कस्टडी से फरार होने की खबर वायरलेस पर फ्लैश हुई, Biraul थाने की पुलिस के हाथ-पांव फूल गए। आनन-फानन में पूरे अस्पताल परिसर को छावनी में तब्दील कर दिया गया।
मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तुरंत अस्पताल के चप्पे-चप्पे और आस-पास के इलाकों में सघन तलाशी अभियान शुरू किया। लेकिन भागने वाला शातिर आरोपी पुलिस के हाथ नहीं लग सका।
सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाल रही है टीम
इस बड़ी चूक के बाद अब पुलिस अस्पताल परिसर और बाहर मुख्य सड़क पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को बारीकी से खंगाल रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी किस दिशा में भागा है।
इसके अलावा, यह भी जांच का विषय है कि क्या अस्पताल के बाहर उसका कोई साथी पहले से बाइक या गाड़ी लेकर इंतजार कर रहा था। पुलिस हर एक एंगल से इस फरारी की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
डीएसपी (DSP) का कड़ा बयान और सख्त एक्शन
इस गंभीर मामले के तूल पकड़ने और मीडिया में खबर आने के बाद, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO/DSP) ने इस पर कड़ा संज्ञान लिया है। आला अधिकारियों ने तुरंत घटनास्थल की पूरी जानकारी तलब की।
डीएसपी ने मीडिया को आधिकारिक जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस अभिरक्षा से फरार हुए आरोपी को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस महकमा इस घटना को लेकर पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गया है।
फरार आरोपी की जल्द से जल्द दोबारा गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए Biraul पुलिस की एक विशेष और तेज-तर्रार टीम का गठन कर दिया गया है। संभावित ठिकानों पर लगातार और ताबड़तोड़ छापेमारी की जा रही है।
लापरवाह पुलिसकर्मियों पर गिरेगी निलंबन की गाज?
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे बड़ा और तीखा सवाल उन पुलिसकर्मियों की कार्यशैली पर उठ रहा है, जिनकी कस्टडी से यह आरोपी भागा। आखिर एक अपराधी पुलिस के घेरे से इतनी आसानी से कैसे निकल सकता है?
विभागीय सूत्रों और पुलिस मुख्यालय के रुख को देखते हुए यह माना जा रहा है कि ड्यूटी में कोताही बरतने वाले जवानों पर निलंबन (Suspension) जैसी सख्त विभागीय कार्रवाई होना लगभग तय है।
बिहार में पुलिस कस्टडी से भागने का पुराना ट्रेंड
यह कोई पहला मौका नहीं है जब बिहार में कोई आरोपी इस तरह सरेआम पुलिस को चकमा देकर फरार हुआ हो। इससे पहले भी मेडिकल चेकअप, पेशी या कोर्ट ले जाते वक्त ऐसी कई शर्मनाक घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
यह बार-बार होने वाली चूक राज्य की पुलिसिंग और बंदियों की सुरक्षा व्यवस्था (Prisoner Transit Protocol) की गंभीर खामियों को उजागर करती है। हर बार जांच बैठती है, लेकिन जमीनी हालात जस के तस रहते हैं।
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जब तक कैदियों को ले जाने वाले जवानों को विशेष ट्रेनिंग और सख्त जवाबदेही के दायरे में नहीं लाया जाएगा, तब तक ऐसी घटनाओं पर पूरी तरह से लगाम लगाना नामुमकिन सा लगता है।
हमारा निष्कर्ष
दरभंगा जिले के Biraul अस्पताल की यह घटना पुलिस प्रशासन के लिए एक बहुत बड़ा सबक है। जब रक्षक ही इतनी बड़ी लापरवाही बरतने लगें, तो अपराधियों के हौसले अपने आप ही सातवें आसमान पर पहुंच जाते हैं।
अब देखना यह दिलचस्प होगा कि गठित की गई स्पेशल पुलिस टीम इस फरार आरोपी को कितनी जल्दी दोबारा सलाखों के पीछे ला पाती है। साथ ही, दोषी पुलिसकर्मियों पर होने वाली कार्रवाई से ही महकमे में एक सख्त संदेश जाएगा।
Disclaimer: इस न्यूज़ रिपोर्ट में दी गई सभी जानकारियां (आरोपी के फरार होने और स्पेशल टीम के गठन) स्थानीय मीडिया स्रोतों और पुलिस के शुरुआती बयानों पर आधारित हैं। ‘खबर आंगन’ पुलिस जांच का सम्मान करता है। आरोपी की दोबारा गिरफ्तारी और विभागीय कार्रवाई से जुड़े अपडेट्स के लिए पुलिस की आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति का इंतजार करें।