दरभंगा पुलिस की सक्रियता और सख्त कार्यशैली का एक बड़ा उदाहरण सामने आया है। पुलिस कस्टडी से फरार होकर सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देने वाला आरोपी अब फिर से सलाखों के पीछे है। दरभंगा की Biraul Police ने अपनी पेशेवर दक्षता दिखाते हुए अस्पताल से फरार हुए आरोपी मणिकांत पासवान को महज 24 घंटे के भीतर दोबारा दबोच लिया है।
इस बड़ी सफलता के बाद शनिवार को आरोपी को कड़ी सुरक्षा के बीच न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। ‘खबर आंगन’ ने इस मामले में हुई लापरवाही और चौकीदारों पर हुई कार्रवाई की खबर को प्रमुखता से दिखाया था, जिसके बाद पुलिस टीम ने दिन-रात एक करके इस शातिर आरोपी को फिर से गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की।
क्या था पूरा मामला? छेड़खानी के आरोप में हुई थी गिरफ्तारी
इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत 26 फरवरी को हुई थी। पुलिस को सूचना मिली थी कि बिरौल थाना क्षेत्र के डुमरी गांव में एक युवक ने एक महिला के साथ अशोभनीय व्यवहार और छेड़खानी की है। जब पुलिस टीम मौके पर पहुंची, तो वहां ग्रामीणों ने मणिकांत पासवान को पकड़ रखा था। ग्रामीणों का सीधा आरोप था कि मणिकांत ने अपनी ही एक महिला संबंधी के साथ दुर्व्यवहार किया है।
थानाध्यक्ष चन्द्र मणि के नेतृत्व में पुलिस ने मणिकांत को हिरासत में लिया। लेकिन गिरफ्तारी के तुरंत बाद उसने शारीरिक अस्वस्थता और तबीयत बिगड़ने का बहाना बनाया। पुलिस ने मानवता और विभागीय नियमों का पालन करते हुए उसे इलाज के लिए सीएचसी (CHC) बिरौल में पुलिस अभिरक्षा के बीच भर्ती कराया था।
इलाज के दौरान ही 27 फरवरी की सुबह करीब 5 बजे, मणिकांत ने सुरक्षा में तैनात कर्मियों को चकमा दिया और अस्पताल से भागने में सफल रहा। इस घटना से पूरे महकमे में हड़कंप मच गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) के मार्गदर्शन में एक विशेष छापामारी दल का गठन किया गया, जिसे Biraul Police की सबसे तेज-तर्रार टीम के रूप में जाना जाता है।
पुलिस ने अपनी हार नहीं मानी और मणिकांत के हर संभावित ठिकाने पर दबिश देना शुरू किया। मुखबिरों का जाल बिछाया गया और उसके करीबियों पर नजर रखी गई। पुलिस की इस भारी घेराबंदी ने आरोपी को इलाके से बाहर भागने का मौका ही नहीं दिया।
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गुप्त सूचना और घेराबंदी: ऐसे दोबारा पकड़ा गया मणिकांत
28 फरवरी की सुबह Biraul Police को एक पुख्ता गुप्त सूचना मिली कि मणिकांत पासवान कहीं दूर नहीं भागा है, बल्कि वह बिरौल थाना क्षेत्र के ही एक सुनसान इलाके में छिपा बैठा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने बिना देरी किए इलाके को चारों तरफ से घेर लिया। खुद को पुलिस से घिरा देख आरोपी ने फिर से भागने की कोशिश की, लेकिन इस बार पुलिस की पकड़ इतनी मजबूत थी कि वह बच नहीं सका।
गिरफ्तारी के बाद मणिकांत को तुरंत थाने लाया गया और कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई। शनिवार को उसे माननीय न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे सीधे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
दो अलग-अलग एफआईआर (FIR) दर्ज: अब और बढ़ेगी मुश्किलें
थानाध्यक्ष चन्द्र मणि ने स्पष्ट किया है कि आरोपी मणिकांत पासवान के विरुद्ध अब दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं। पहली एफआईआर छेड़खानी और दुर्व्यवहार के मामले में है, जबकि दूसरी एफआईआर पुलिस अभिरक्षा से फरार होने (Escaping Custody) के जुर्म में दर्ज की गई है।
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इन दोहरे कानूनी मामलों के कारण अब आरोपी को जमानत मिलना भी बेहद मुश्किल होगा। Biraul Police की इस त्वरित कार्रवाई ने न केवल ग्रामीणों के गुस्से को शांत किया है, बल्कि उन पुलिसकर्मियों और चौकीदारों के लिए भी एक सबक पेश किया है जिनकी लापरवाही से यह स्थिति पैदा हुई थी।
हमारा निष्कर्ष
24 घंटे के भीतर आरोपी को दोबारा गिरफ्तार करना दरभंगा पुलिस की एक बड़ी जीत है। हालांकि, अस्पताल से फरारी की घटना ने ट्रांजिट सुरक्षा प्रोटोकॉल पर जो सवाल खड़े किए थे, उन पर भी विभाग को आत्ममंथन करने की जरूरत है। ‘खबर आंगन’ प्रशासन की इस मुस्तैदी की सराहना करता है और उम्मीद करता है कि भविष्य में ऐसी सुरक्षा चूक दोबारा नहीं होगी।
Disclaimer: इस न्यूज़ रिपोर्ट में दी गई सभी जानकारियां (तारीख, नाम और घटनाक्रम) बिरौल थाना पुलिस के आधिकारिक बयान और 28 फरवरी 2026 की नवीनतम मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित हैं। ‘खबर आंगन’ पुलिसिया कार्रवाई का सम्मान करता है। मामला अभी कानूनी प्रक्रिया के अधीन है।
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