दरभंगा | 28 फरवरी 2026:
बिहार के दरभंगा जिले में सरकारी जमीन और सार्वजनिक रास्तों पर भू-माफियाओं का कब्जा कोई नई बात नहीं है, लेकिन दरभंगा सदर अंचल की कार्यशैली ने एक बार फिर ‘सुशासन’ के दावों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
मामला सदर अंचल के रानीपुर मौजा का है, जहाँ एक सार्वजनिक रास्ते को अतिक्रमण मुक्त कराने का आदेश पिछले 8 सालों से अंचल कार्यालय की फाइलों में धूल फांक रहा है।
राजस्व अभिलेखों में जिसे “अनाबाद सर्वसाधारण” यानी आम जनता का रास्ता दर्ज किया गया है, उसे दबंगों के चंगुल से छुड़ाने में प्रशासन के हाथ-पांव फूल रहे हैं। ‘खबर आंगन’ की विशेष पड़ताल में यह बात सामने आई है कि द्वितीय अपीलीय प्राधिकारी द्वारा साल 2017 में ही सख्त आदेश पारित किया गया था, लेकिन जमीनी हकीकत आज भी जस की तस बनी हुई है।
रानीपुर का मामला: क्या है पूरा विवाद?
यह पूरा विवाद दरभंगा सदर अंचल के अंतर्गत आने वाले मौजा रानीपुर (थाना संख्या 515) से संबंधित है। विवादित भूमि का विवरण खाता संख्या 258, खेसरा संख्या 683 (नया) और 398 (पुराना) है। सरकारी कागजों के अनुसार, यह भूमि पूरी तरह से सार्वजनिक रास्ते के रूप में दर्ज है, जिसका उपयोग पूरे समुदाय के लिए अनिवार्य है।
