दरभंगा, 11 सितंबर 2026: पोषण माह के अवसर पर अलीनगर में महिलाओं और बालिकाओं को पोषण, लैंगिक समानता और बाल विवाह की रोकथाम को लेकर जागरूक किया गया। समाज कल्याण विभाग, बिहार सरकार द्वारा संचालित महिला एवं बाल विकास निगम, बिहार, पटना के निर्देश के आलोक में जिला प्रशासन, दरभंगा और जिला हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वीमेन के तत्वावधान में यह कार्यक्रम आयोजित हुआ। समेकित बाल विकास परियोजना कार्यालय, अलीनगर में सखी वार्ता, बेबी किट वितरण-सह-पोषण संवेदीकरण सत्र का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में 12 लाभार्थियों को बेबी किट, फलों की टोकरी, कंबल और बधाई कार्ड देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल पोषण के प्रति जागरूकता बढ़ाना नहीं था, बल्कि महिलाओं और बालिकाओं को लैंगिक समानता, बाल विवाह की रोकथाम तथा उनके लिए संचालित विभिन्न सरकारी योजनाओं और सेवाओं की जानकारी देना भी था। प्रतिभागियों को अपने परिवार और समुदाय में इन विषयों को लेकर जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित किया गया।
लैंगिक भेदभाव और बाल विवाह पर हुई चर्चा
कार्यक्रम के दौरान बाल विकास परियोजना पदाधिकारी अंजू कुमारी ने लैंगिक भेदभाव, बाल विवाह और पोषण से जुड़े विषयों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि स्वस्थ और सशक्त समाज के लिए बालिकाओं और महिलाओं को समान अवसर मिलना जरूरी है। लैंगिक भेदभाव का असर बालिकाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और उनके समग्र विकास पर पड़ता है।

उन्होंने बाल विवाह के दुष्परिणामों की जानकारी देते हुए कहा कि कम उम्र में विवाह का असर बालिकाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा और भविष्य पर पड़ सकता है। उन्होंने उपस्थित लोगों से बाल विवाह के खिलाफ अपने-अपने क्षेत्र में जागरूकता फैलाने और इस सामाजिक कुरीति को समाप्त करने में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।
गर्भवती महिलाओं और बच्चों के पोषण पर जोर
पोषण के विषय पर जानकारी देते हुए नीतू कुमारी ने गर्भवती और धात्री महिलाओं, किशोरियों तथा बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और समुचित विकास के लिए संतुलित एवं पौष्टिक आहार के महत्व को बताया। उन्होंने कहा कि पोषण से जुड़े सही व्यवहार और अच्छी आदतों को केवल एक व्यक्ति तक सीमित रखने के बजाय परिवार और समुदाय तक पहुंचाना जरूरी है।
कार्यक्रम में प्रतिभागियों को यह भी समझाया गया कि महिलाओं और बालिकाओं के सशक्तीकरण का अर्थ केवल सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाना नहीं है। इसके लिए समाज में समानता, शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और सुरक्षा को लेकर सकारात्मक सोच विकसित करना भी आवश्यक है। बाल विवाह और लैंगिक भेदभाव जैसी सामाजिक कुरीतियों से निपटने में सामुदायिक भागीदारी को महत्वपूर्ण बताया गया।
सरकारी योजनाओं और सेवाओं की दी गई जानकारी
लैंगिक विशेषज्ञ डॉली कुमारी और वित्तीय साक्षरता विशेषज्ञ वीरेन्द्र कुमार ने जिला हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वीमेन, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना तथा महिलाओं और बालिकाओं के लिए संचालित विभिन्न सरकारी योजनाओं और सेवाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि महिलाओं और बालिकाओं के सशक्तीकरण, सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास के लिए सरकार की ओर से विभिन्न योजनाएं और सेवाएं संचालित की जा रही हैं।
विशेषज्ञों ने पात्र महिलाओं और बालिकाओं तक योजनाओं की जानकारी पहुंचाने और उन्हें उपलब्ध लाभ लेने के लिए प्रेरित करने की अपील की। कार्यक्रम में महिलाओं से जुड़ी योजनाओं और सेवाओं की जानकारी को अपने-अपने क्षेत्र में अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने पर भी जोर दिया गया।
वन स्टॉप सेंटर की सेवाओं के बारे में बताया
कार्यक्रम में वन स्टॉप सेंटर और जिला हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वीमेन के माध्यम से महिलाओं और बालिकाओं को उपलब्ध कराई जाने वाली सेवाओं के बारे में भी जानकारी दी गई। प्रतिभागियों को बताया गया कि वन स्टॉप सेंटर हिंसा से प्रभावित महिलाओं और बालिकाओं के लिए एकीकृत सहायता केंद्र के रूप में काम करता है।
बताया गया कि घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, लैंगिक हिंसा, यौन उत्पीड़न, बाल विवाह, मानव तस्करी और अन्य प्रकार की हिंसा से प्रभावित महिलाओं एवं बालिकाओं को वन स्टॉप सेंटर के माध्यम से चिकित्सकीय सहायता, मनो-सामाजिक परामर्श, कानूनी सहायता एवं परामर्श, पुलिस सहायता और अस्थायी आश्रय जैसी सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।
आंगनबाड़ी सेविकाओं सहित कई प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा
कार्यक्रम में समेकित बाल विकास परियोजना कार्यालय, अलीनगर की महिला पर्यवेक्षिकाओं, आंगनबाड़ी सेविकाओं सहित अन्य महिला और पुरुष प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान पोषण, लैंगिक समानता, बाल विवाह की रोकथाम और महिलाओं तथा बालिकाओं के लिए संचालित सरकारी योजनाओं और सेवाओं पर चर्चा की गई।
प्रतिभागियों ने विभिन्न विषयों पर सक्रिय रूप से चर्चा में हिस्सा लिया और अपने क्षेत्रों में महिलाओं एवं बालिकाओं को जागरूक करने के लिए जरूरी जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम के अंत में उनसे अपील की गई कि वे पोषण जागरूकता, बाल विवाह की रोकथाम, लैंगिक समानता और महिला-बालिका सशक्तीकरण का संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं।
- Darbhanga News: शिक्षा व्यवस्था की समीक्षा में आयुक्त का सख्त निर्देश, हर सप्ताह कस्तूरबा विद्यालयों का होगा निरीक्षण
- Darbhanga News: सखी वन स्टॉप सेंटर का मासिक निरीक्षण, पीड़ित महिलाओं को मिल रही सुविधाओं का अपर समाहर्त्ता ने लिया जायजा
- Darbhanga News: राष्ट्रीय लोक अदालत में ट्रैफिक चालानों के निपटारे के लिए लगेगा विशेष शिविर, डीएम ने तैयारियों का लिया जायजा
- Darbhanga News: मिथिला संस्कृत शोध संस्थान पहुंचे डीएम, पांडुलिपियों के डिजिटाइजेशन में गुणवत्ता और सुरक्षा पर दिया जोर
- Darbhanga News: जनसुनवाई में 40 से अधिक फरियादियों की पहुंची समस्याएं, एडीएम ने अधिकारियों को दिए त्वरित समाधान के निर्देश
आपका छोटा सा सहयोग हमारी पत्रकारिता को नई मजबूती देता है।



