दरभंगा | 28 फरवरी 2026:
उत्तर बिहार के विकास का गेटवे कहे जाने वाले दरभंगा एयरपोर्ट से एक बेहद उत्साहजनक खबर सामने आ रही है। अगर आप भी यहाँ की संकरी गलियों और छोटे से वेटिंग एरिया से परेशान हैं, तो आपके लिए अच्छी खबर है। Darbhanga Airport के नए और अत्याधुनिक टर्मिनल भवन का निर्माण कार्य अब अपने अंतिम चरणों की ओर बढ़ रहा है।
ताज़ा आधिकारिक आंकड़ों और साइट पर चल रहे काम की गति को देखते हुए यह साफ है कि टर्मिनल का लगभग 55% से अधिक काम पूरा हो चुका है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) का लक्ष्य है कि साल 2026 के नवंबर महीने तक इसे पूरी तरह से चालू कर दिया जाए। ‘खबर आंगन’ की टीम ने आज निर्माण स्थल का जायजा लिया और अधिकारियों से इस मेगा प्रोजेक्ट की प्रगति पर खास बातचीत की।
23 लाख यात्रियों की क्षमता वाला बनेगा नया टर्मिनल
वर्तमान में Darbhanga Airport से सफर करने वाले यात्रियों को अक्सर जगह की कमी और सुविधाओं के अभाव का सामना करना पड़ता है। लेकिन नया टर्मिनल इस तस्वीर को पूरी तरह बदल देगा। इसे 50,000 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र में विकसित किया जा रहा है, जिसकी सालाना यात्री क्षमता लगभग 23 लाख होगी।
नए टर्मिनल में वे सभी विश्वस्तरीय सुविधाएं होंगी जो आमतौर पर दिल्ली या मुंबई जैसे बड़े एयरपोर्ट्स पर मिलती हैं। इसमें चेक-इन काउंटरों की संख्या बढ़ाई जा रही है, जिससे पीक आवर्स के दौरान लगने वाली लंबी कतारों से छुटकारा मिलेगा। इसके अलावा, यात्रियों के बैठने के लिए विशाल लाउंज, अत्याधुनिक फूड कोर्ट और आधुनिक बैगेज हैंडलिंग सिस्टम भी इस प्रोजेक्ट का हिस्सा हैं।
पार्किंग और कनेक्टिविटी पर भी विशेष ध्यान
एयरपोर्ट के बाहर होने वाली ट्रैफिक की समस्या को सुलझाने के लिए एक विशाल पार्किंग एरिया भी विकसित किया जा रहा है। Darbhanga Airport तक पहुंचने के लिए सड़कों का चौड़ीकरण भी तेज गति से चल रहा है। एयरपोर्ट प्रशासन का मानना है कि जैसे ही नया टर्मिनल शुरू होगा, यहाँ से फ्लाइट्स की संख्या और डेस्टिनेशन (जैसे हाल ही में शुरू हुई बेंगलुरु उड़ान) में और भी बढ़ोतरी होगी।
रनवे विस्तार और नाइट लैंडिंग की सुविधा
सिर्फ टर्मिनल ही नहीं, बल्कि Darbhanga Airport के रनवे की क्षमता बढ़ाने पर भी काम चल रहा है। सिविल एन्क्लेव के पास चल रहे इस निर्माण कार्य का उद्देश्य बड़े विमानों की सुरक्षित लैंडिंग और टेक-ऑफ को सुनिश्चित करना है। नाइट लैंडिंग की सुविधा पूरी तरह से सुचारू होने के बाद यहाँ से देर रात की उड़ानें भी संभव हो सकेंगी, जो मिथिलांचल के लोगों के लिए एक गेम-चेंजर साबित होगा।
इस प्रोजेक्ट के लिए जमीन अधिग्रहण से जुड़ी जो भी अड़चनें थीं, उन्हें जिला प्रशासन ने लगभग सुलझा लिया है। निर्माण कार्य में लगी कंपनी ‘होली’ के बाद अपनी लेबर और मशीनरी की संख्या और बढ़ाने वाली है, ताकि नवंबर की डेडलाइन को हर हाल में हासिल किया जा सके।
हमारा निष्कर्ष
इसमें कोई दो राय नहीं है कि Darbhanga Airport उत्तर बिहार की आर्थिक रीढ़ बन चुका है। नए टर्मिनल का निर्माण न केवल यात्रियों के सफर को आसान बनाएगा, बल्कि इससे दरभंगा के पर्यटन और व्यापार को भी अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलेगी।
प्रशासन की सक्रियता और बजट का सही आवंटन यह दर्शाता है कि केंद्र और राज्य सरकार दोनों ही इस प्रोजेक्ट को प्राथमिकता पर रख रहे हैं। ‘खबर आंगन’ उम्मीद करता है कि नवंबर 2026 में जब आप इस नए टर्मिनल से अपनी पहली उड़ान भरेंगे, तो आपको एक सच में ‘ग्लोबल’ अनुभव मिलेगा।
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