
झारखंड की कोयला राजधानी धनबाद में इस साल ‘Dhanbad Food Festival’ का आयोजन एक भव्य स्तर पर किया जा रहा है। स्थानीय खान-पान और वैश्विक व्यंजनों के अनूठे संगम के साथ यह महोत्सव न केवल भोजन प्रेमियों के लिए एक गंतव्य बन गया है, बल्कि यह क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूती दे रहा है। जिला प्रशासन और स्थानीय आयोजकों के सहयोग से इस महोत्सव का खाका तैयार किया गया है।
कोयलांचल के इस सबसे बड़े फूड फेस्टिवल में इस बार ‘मिलेट’ यानी मोटे अनाज के व्यंजनों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। हाल ही में आईआईटी (आईएसएम) धनबाद द्वारा जनजातीय महिलाओं के लिए आयोजित ‘मिल्लेट एंटरप्रेन्योरशिप प्रोग्राम’ की सफलता के बाद, इस महोत्सव में उनके द्वारा तैयार किए गए उत्पादों को भी एक विशेष मंच प्रदान किया गया है। यह पहल न केवल पोषण को बढ़ावा दे रही है बल्कि स्थानीय उद्यमिता को भी सशक्त कर रही है।
Dhanbad Food Festival 2025: मुख्य आकर्षण और विशेषताएं
इस साल का उत्सव केवल भोजन तक सीमित नहीं है। महोत्सव के दौरान विभिन्न प्रकार के लाइव म्यूजिक शो, कुकिंग प्रतियोगिताएं और बच्चों के लिए मनोरंजक गतिविधियों का भी प्रबंध किया गया है।
विशेष रूप से ओजोन गैलेरिया मॉल और सोनोटेल जैसे प्रमुख केंद्रों पर विशेष ‘फूड कार्निवल’ का आयोजन किया जा रहा है, जहां देश भर के मशहूर शेफ अपनी कला का प्रदर्शन कर रहे हैं।
महोत्सव की प्रमुख जानकारी
•मुख्य स्थान: गोल्फ ग्राउंड (रणधीर वर्मा स्टेडियम), ओजोन गैलेरिया मॉल और प्रमुख होटल परिसर।
•प्रमुख व्यंजन: लिट्टी-चोखा, धुस्का, मटन हांडी, कहवा,मिलेट आधारित मिठाइयां और कोयलांचल के पारंपरिक जनजातीय व्यंजन।
•विशेष ऑफर: ‘The Great Dhanbad Feastival’ के तहत कई प्रमुख रेस्टोरेंट्स में ‘Buy 2 Get 1 Free’ जैसे आकर्षक ऑफर्स 31 दिसंबर 2025 तक उपलब्ध हैं।
•सुरक्षा मानक: जिला प्रशासन द्वारा भीड़ नियंत्रण और स्वच्छता के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
स्थानीय संस्कृति और आधुनिक स्वाद का संगम
Khabar Aangan Research Desk के अनुसार, इस फूड फेस्टिवल का उद्देश्य धनबाद की छवि को केवल एक औद्योगिक शहर से बदलकर एक सांस्कृतिक और पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित करना है।
महोत्सव में लगाए गए स्टॉल्स पर झारखंड के पारंपरिक व्यंजनों के साथ-साथ कॉन्टिनेंटल, चाइनीज और मुगलई व्यंजनों की भी भरमार है। विशेष रूप से बिरयानी और कबाब के शौकीनों के लिए इस बार अलग से एक विशेष खंड तैयार किया गया है।
शहर के विभिन्न हिस्सों से आए स्थानीय वेंडर्स को इस बार प्राथमिकता दी गई है। इससे स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिल रहा है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, महोत्सव में आने वाले आगंतुकों की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरों और अग्निशमन यंत्रों की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। साथ ही, ‘जीरो वेस्ट’ पॉलिसी के तहत प्लास्टिक के उपयोग पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया गया है।
पर्यटकों और स्थानीय निवासियों के लिए दिशा-निर्देश
यदि आप इस महोत्सव का हिस्सा बनना चाहते हैं, तो शाम के समय यहां पहुंचना सबसे बेहतर विकल्प है। महोत्सव परिसर में प्रवेश के लिए कुछ स्थानों पर मामूली शुल्क रखा गया है, जबकि कई कार्यक्रम सार्वजनिक रूप से निःशुल्क हैं। प्रशासन ने सलाह दी है कि भीड़ से बचने के लिए सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें और पार्किंग के लिए निर्धारित स्थानों का ही चयन करें।
आगंतुकों के लिए महत्वपूर्ण सुझाव
समय: महोत्सव दोपहर 12:00 बजे से रात 10:00 बजे तक संचालित हो रहा है।
डिजिटल भुगतान: अधिकांश स्टॉल्स पर यूपीआई और कार्ड भुगतान की सुविधा उपलब्ध है।
स्वच्छता: कूड़ा फैलाने पर नगर निगम द्वारा जुर्माने का प्रावधान किया गया है, इसलिए डस्टबिन का ही उपयोग करें।
परिवहन: धनबाद रेलवे स्टेशन से आयोजन स्थलों तक पहुंचने के लिए ई-रिक्शा और ऑटो की सुगम व्यवस्था है।
100 से ज्यादा स्टॉल, 17 राज्यों के पारंपरिक व्यंजनफूड
फेस्टिवल में करीब 100 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं, जिन पर देश के 15–17 राज्यों के पारंपरिक और लोकप्रिय व्यंजन परोसे जा रहे हैं।
बिहार का लिट्टी-चोखा, कश्मीर का कहवा, दक्षिण भारत के इडली–डोसा–उत्तपम, राजस्थान की दाल–बाटी–चूरमा, गुजरात का ढोकला–फाफड़ा और पंजाब के छोले–भटूरे व सरसों का साग जैसे व्यंजन लोगों को अपनी ओर खींच रहे हैं। साथ ही अलग-अलग राज्यों का स्ट्रीट फूड, चाट, मिठाइयां और फ्यूजन डिशेज भी मेन्यू में शामिल हैं, जिससे लोग एक ही जगह पर पूरे भारत के स्वाद का अनुभव कर पा रहे हैं।
भविष्य की योजनाएं और आर्थिक प्रभाव
धनबाद में आयोजित इस प्रकार के बड़े कार्यक्रमों से न केवल पर्यटन क्षेत्र में उछाल आया है, बल्कि यह स्थानीय कलाकारों और रसोइयों के लिए आय का एक बड़ा स्रोत भी बना है। जिला प्रशासन आगामी वर्षों में इसे एक ‘वार्षिक कैलेंडर इवेंट’ बनाने की योजना पर काम कर रहा है। आईआईटी (आईएसएम) और अन्य शैक्षणिक संस्थानों के सहयोग से ‘फूड इनोवेशन’ पर भी काम किया जा रहा है।
कुल मिलाकर, Dhanbad Food Festival 2025 स्वाद, संस्कृति और समुदाय का एक बेहतरीन उत्सव साबित हो रहा है। यह आयोजन धनबाद की जीवंतता और यहां के लोगों की मेहमाननवाजी को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करने का एक सुनहरा अवसर है। यदि आप झारखंड में हैं, तो इस उत्सव का अनुभव लेना आपके लिए एक यादगार पल हो सकता है।
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