सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम न होने के कारण स्थिति अनियंत्रित हो गई और निधि अग्रवाल को भीड़ के बीच बेहद असहज स्थिति का सामना करना पड़ा। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में साफ़ देखा जा सकता है कि कैसे बेकाबू भीड़ अभिनेत्री के काफी करीब पहुँच गई थी।
पुलिस का कहना है कि मॉल प्रबंधन ने इस बड़े कार्यक्रम के आयोजन के लिए पहले से अनुमति नहीं ली थी। केपीएचबी थाना प्रभारी के अनुसार, भीड़ इतनी अधिक थी कि मॉल की संपत्ति को भी नुकसान पहुँचा है और आम नागरिकों के लिए खतरा पैदा हो गया था। यह मामला अब केवल एक सेलिब्रिटी इवेंट तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा में भारी चूक (Lapse in Security) का बड़ा मुद्दा बन गया है।
- बिना अनुमति कार्यक्रम: पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक, आयोजकों ने इतने बड़े क्राउड को बुलाने की लिखित परमिशन नहीं ली थी।
- सोशल मीडिया पर आलोचना: निधि अग्रवाल के फैंस और गायिका चिन्मयी श्रीपदा ने भीड़ के इस व्यवहार की कड़ी निंदा की है।
- मॉल प्रबंधन पर आरोप: पुलिस ने सुरक्षा में लापरवाही बरतने के लिए मॉल के मैनेजमेंट को मुख्य रूप से जिम्मेदार ठहराया है।
- वीडियो साक्ष्य: पुलिस ने मॉल के सीसीटीवी फुटेज और सोशल मीडिया पर मौजूद वीडियो को साक्ष्य के तौर पर जब्त कर लिया है।
- आगे की जांच: केपीएचबी पुलिस अब उन आयोजकों की पहचान कर रही है जिन्होंने नियमों की धज्जियां उड़ाईं।
‘द राजा साब’ के प्रमोशन के दौरान मची भगदड़ जैसे हालात
फिल्म ‘द राजा साब’ को लेकर प्रभास और निधि अग्रवाल के फैंस के बीच पहले ही काफी उत्सुकता है। आयोजकों ने शायद यह नहीं सोचा था कि गाने के लॉन्च पर इतनी बड़ी संख्या में लोग पहुँच जाएंगे। मॉल के भीतर जाने वाले सभी रास्तों पर जाम लग गया और कई लोग तो एस्केलेटर पर भी गिरते-गिरते बचे।
सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि जब भी किसी बड़े स्टार का कार्यक्रम किसी मॉल जैसे सार्वजनिक स्थान पर होता है, तो वहां की सुरक्षा क्षमता (Capacity) का ध्यान रखना अनिवार्य होता है। Lulu Mall हैदराबाद के सबसे व्यस्त मॉल्स में से एक है, और वहां बिना अनुमति के ऐसा कार्यक्रम करना बड़ी दुर्घटना को आमंत्रण देने जैसा था। पुलिस ने अब इस मामले में धारा 290 (सार्वजनिक उपद्रव) और अन्य संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया है।
निधि अग्रवाल को किसी तरह सुरक्षाकर्मियों ने सुरक्षित बाहर निकाला, लेकिन इस घटना ने उनके प्रशंसकों को झकझोर कर रख दिया है। फिल्म की टीम ने अभी तक इस विवाद पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है, लेकिन पुलिस ने मॉल के अधिकारियों को पूछताछ के लिए तलब किया है। यह पहली बार नहीं है जब हैदराबाद के मॉल्स में ऐसी भीड़ बेकाबू हुई है, लेकिन इस बार पुलिस सख्त कार्रवाई के मूड में दिख रही है।
लखनऊ के लुलु मॉल में भी हुई थी छापेमारी: क्या है पूरा सच?
हैदराबाद की घटना से ठीक पहले इसी महीने दिसंबर की शुरुआत में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के Lulu Mall में भी भारी हंगामा हुआ था। वहां खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) की टीम ने मॉल के भीतर स्थित लुलु हाइपरमार्केट पर छापा मारा था। उस छापेमारी के दौरान हाइपरमार्केट के भीतर कई खाद्य पदार्थों में एक्सपायरी डेट की हेराफेरी पाई गई थी।
प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए लखनऊ के लुलु हाइपरमार्केट को सील कर दिया था। उस समय भी प्रबंधन पर काफी सवाल उठे थे और अब हैदराबाद में सुरक्षा को लेकर हुई इस चूक ने Lulu Group की कार्यप्रणाली को फिर से चर्चा में ला दिया है। लखनऊ के मामले में तो गंदगी और खराब खाने के आरोप भी सही पाए गए थे, जिसके बाद भारी जुर्माना लगाया गया था।
इन दोनों ही घटनाओं ने यह साबित कर दिया है कि इतने बड़े ब्रांड के मॉल्स में भी प्रबंधन की ओर से बड़ी लापरवाही हो सकती है। हैदराबाद पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या मॉल में सुरक्षाकर्मियों की संख्या भीड़ के अनुपात में बहुत कम थी। यह भी देखा जा रहा है कि क्या आयोजकों ने मॉल को गलत जानकारी देकर कार्यक्रम आयोजित किया था।
सेलिब्रिटी सुरक्षा और मॉल्स की जवाबदेही पर बड़े सवाल
आज के डिजिटल दौर में किसी भी सेलिब्रिटी को देखने के लिए भीड़ उमड़ना स्वाभाविक है, लेकिन इसकी पूरी जिम्मेदारी वेन्यू पार्टनर और आयोजकों की होती है। Nidhhi Agerwal के मामले में यह साफ़ देखा गया कि मॉल के भीतर बैरिकेडिंग को भीड़ ने आसानी से तोड़ दिया। पुलिस अब उन अधिकारियों की भी सूची बना रही है जो कल शाम ड्यूटी पर तैनात थे।
सेलिब्रिटी सुरक्षा के लिए विशेषज्ञों द्वारा सुझाए गए कुछ नियम:
- भीड़ का आकलन: इवेंट से पहले यह तय होना चाहिए कि वहां अधिकतम कितने लोग आ सकते हैं।
- स्थानीय पुलिस का समन्वय: किसी भी बड़े इवेंट के लिए स्थानीय थाने को सूचित करना और अतिरिक्त बल की मांग करना अनिवार्य है।
- इमरजेंसी एग्जिट: सेलिब्रिटी के लिए एक अलग और सुरक्षित निकासी द्वार (Safe Exit) हमेशा तैयार रहना चाहिए।
- बैरिकेडिंग की मजबूती: फैंस और सेलिब्रिटी के बीच कम से कम 10-15 फीट की दूरी सुनिश्चित करने वाली मजबूत बैरिकेडिंग होनी चाहिए।
हैदराबाद के Lulu Mall में इनमें से लगभग सभी नियमों की अनदेखी की गई। मॉल प्रबंधन ने शायद अधिक फुटफॉल (Footfall) के लालच में सुरक्षा से समझौता किया, जिसका खामियाजा अब उन्हें अदालती कार्रवाई के रूप में भुगतना होगा। पुलिस ने कहा है कि ऐसी घटनाओं से न केवल भगदड़ मच सकती है, बल्कि किसी की जान को भी खतरा हो सकता है।
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निष्कर्ष
हैदराबाद के Lulu Mall में निधि अग्रवाल के साथ हुई यह घटना एक बड़ी चेतावनी है। मनोरंजन और प्रमोशन के नाम पर सार्वजनिक सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करना किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है। पुलिस की यह त्वरित कार्रवाई यह संदेश देती है कि नियम सभी के लिए बराबर हैं, चाहे वह कितना ही बड़ा मॉल या प्रोडक्शन हाउस क्यों न हो।
उम्मीद है कि आने वाले समय में सेलिब्रिटी प्रमोशन्स के लिए अधिक पारदर्शी और सुरक्षित व्यवस्था अपनाई जाएगी। निधि अग्रवाल अब सुरक्षित हैं, लेकिन उनके साथ हुई इस बदसलूकी के घाव डिजिटल दुनिया में लंबे समय तक चर्चा में रहेंगे। अब सबकी नजरें पुलिस की चार्जशीट पर टिकी हैं कि मॉल प्रबंधन के किन-किन अधिकारियों पर गाज गिरती है।
Related Disclaimer : यह समाचार रिपोर्ट Khabar Aangan Research Desk द्वारा 18 दिसंबर 2025 को हैदराबाद पुलिस के आधिकारिक बयानों, स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया पर मौजूद वीडियो साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद तैयार की गई है। पुलिस जांच जारी है और अंतिम रिपोर्ट आने तक मॉल प्रबंधन और आयोजकों की स्थिति में बदलाव हो सकता है।