Suchna Se Sacchai Tak
ADVERTISEMENT
IN FOCUS
Advertisement
  1. Home
  2. India News
  3. SHANTI Bill: संसद से परमाणु ऊर्जा का ‘शांति विधेयक’ पास, निजी क्षेत्र की एंट्री

SHANTI Bill: संसद से परमाणु ऊर्जा का ‘शांति विधेयक’ पास, निजी क्षेत्र की एंट्री

क्या भारत का परमाणु क्षेत्र अब सुरक्षित हाथों में रहेगा? SHANTI Bill के आने से निजी कंपनियां कैसे बदलेंगी आपकी बिजली का बिल? आखिर क्यों विपक्ष ने इस बिल को 'खतरनाक' बताया है? 100 GW ऊर्जा का लक्ष्य और बापू की शांति का ये कैसा मेल? पूरी रिपोर्ट पढ़ें...
Khabar Aangan Published on: 18 दिसम्बर 2025
ADVERTISEMENT

नई दिल्ली: भारतीय संसद ने आज यानी 18 दिसंबर 2025 को देश के ऊर्जा क्षेत्र में एक नया और ऐतिहासिक अध्याय लिख दिया है। लोकसभा के बाद अब राज्यसभा ने भी ‘द सस्टेनेबल हार्नेसिंग एंड एडवांसमेंट ऑफ न्यूक्लियर एनर्जी फॉर ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया’ यानी SHANTI Bill 2025 को अपनी मंजूरी दे दी है।

यह कानून अब 63 साल पुराने ‘परमाणु ऊर्जा अधिनियम 1962’ की जगह लेगा। इस विधेयक के पारित होने के साथ ही अब भारत के परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में निजी कंपनियों की भागीदारी का रास्ता साफ हो गया है।

संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान राज्यसभा में केंद्रीय परमाणु ऊर्जा राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने इस विधेयक को पेश किया। उन्होंने कहा कि परमाणु ऊर्जा 24×7 बिजली आपूर्ति का सबसे विश्वसनीय स्रोत है, जो सौर और पवन ऊर्जा की अनिश्चितताओं से मुक्त है।

ADVERTISEMENT

सरकार का लक्ष्य 2047 तक भारत की परमाणु ऊर्जा क्षमता को 100 गीगावाट (GW) तक पहुँचाना है। हालांकि, विपक्षी दलों ने इस विधेयक का विरोध करते हुए इसे निजीकरण की ओर एक ‘खतरनाक कदम’ बताया है।

आज की इस विस्तृत रिपोर्ट में हम SHANTI Bill के उन सभी प्रावधानों का विश्लेषण करेंगे जो भारत के भविष्य को बदलने की क्षमता रखते हैं। क्या निजी कंपनियों के आने से सुरक्षा मानकों में कोई समझौता होगा?

Read More

WELCOME TO KHABAR AANGANSuchna Se Sacchai Tak