रोहतास | 14 अगस्त 2026: बिहार के रोहतास जिले से एक बेहद दर्दनाक और संवेदनहीन घटना सामने आई है। जिले के डेहरी थाना क्षेत्र में पारिवारिक कलह और लोक-लाज के कारण एक व्यक्ति द्वारा रोहतास में सोन नदी में छलांग लगाने की सनसनीखेज वारदात सामने आई है।
घटना के बाद से ही पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल कायम हो गया है। पुल पर राहगीरों और स्थानीय ग्रामीणों की भारी भीड़ जुट गई है। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस के साथ एसडीआरएफ (SDRF) की टीम मौके पर पहुंची और तलाश शुरू कर दी।
पुल पर मिली बाइक और चप्पल से खुला घटना का राज
घटना का खुलासा उस वक्त हुआ जब डेहरी स्थित सोन नदी के बड़े पुल से गुजर रहे लोगों की नजर एक लावारिस मोटरसाइकिल पर पड़ी। पुल के फुटपाथ के पास एक बाइक खड़ी थी और उसके ठीक बगल में एक जोड़ी चप्पलें रखी हुई थीं।
काफी देर तक जब वहां कोई नहीं लौटा, तो स्थानीय लोगों को किसी अनहोनी की आशंका हुई। उन्होंने तत्काल इसकी जानकारी डेहरी थाने को दी। पुलिस ने बाइक के रजिस्ट्रेशन नंबर और कागजात की जांच कर व्यक्ति की शिनाख्त की।
पुलिस ने तुरंत परिजनों को सूचित किया, जिसके बाद बदहवास परिजन घटनास्थल पर पहुंचे। परिजनों के मौके पर पहुंचते ही चीख-पुकार मच गई और पूरे माहौल में मातम पसर गया।
सामाजिक लोक-लाज और अवसाद में उठाया खौफनाक कदम
स्थानीय ग्रामीणों और परिजनों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस कदम के पीछे सामाजिक बदनामी और पारिवारिक तनाव मुख्य वजह है। व्यक्ति की बेटी कुछ ही दिन पहले अपने ही गांव के एक युवक के साथ घर से फरार हो गई थी।
बेटी के इस कदम के बाद से ही पिता अत्यधिक मानसिक दबाव और सामाजिक शर्मिंदगी का सामना कर रहे थे। ग्रामीण परिवेश में इस प्रकार की घटनाओं के बाद परिजनों को जिस मानसिक प्रताड़ना से गुजरना पड़ता है, उसने उन्हें अंदर से तोड़ दिया था।
परिजनों का कहना है कि बेटी के जाने के बाद से उन्होंने खाना-पीना छोड़ दिया था और पूरी तरह गुमसुम रहने लगे थे। परिजनों को अंदेशा नहीं था कि वे इस मानसिक अवसाद में आकर रोहतास में सोन नदी में छलांग जैसा खौफनाक कदम उठा लेंगे।
सोन नदी के तेज बहाव में SDRF का बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
मानसून के मौसम के कारण इस समय सोन नदी का जलस्तर काफी बढ़ा हुआ है। इंद्रपुरी बैराज से पानी छोड़े जाने की वजह से नदी की धारा बेहद तेज और खतरनाक बनी हुई है।
एसडीआरएफ (SDRF) की टीम अपनी बोट्स और आधुनिक उपकरणों की मदद से नदी की तेज धार में लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है। तेज बहाव को देखते हुए गोताखोरों को पानी में उतरने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रशासन को आशंका है कि नदी की तेज धारा के कारण व्यक्ति काफी दूर तक बह सकता है। इसी वजह से नदी के निचले तटीय इलाकों में भी अलर्ट जारी कर दिया गया है और स्थानीय मछुआरों से मदद ली जा रही है।
पुलिस की दोहरी कार्रवाई: फरार प्रेमी जोड़े की तलाश भी तेज
मामले की गंभीरता को देखते हुए रोहतास पुलिस दो अलग-अलग पहलुओं पर काम कर रही है। एक तरफ जहां नदी में व्यक्ति की तलाश के लिए एसडीआरएफ का ऑपरेशन जारी है, वहीं दूसरी तरफ फरार हुई बेटी और उसके प्रेमी को ढूंढने के लिए पुलिस टीम गठित की गई है।
डेहरी थाना प्रभारी ने बताया कि परिजनों के शुरुआती बयान दर्ज कर लिए गए हैं। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या व्यक्ति को इस कदम के लिए किसी ने मानसिक रूप से उकसाया था।
पुलिस का मानना है कि यदि प्रेमी जोड़े को जल्द से जल्द बरामद कर लिया जाता है, तो पूरे घटनाक्रम से जुड़ी कई कानूनी और व्यावहारिक कड़ियों को सुलझाने में काफी मदद मिलेगी।
ग्रामीण इलाकों में मानसिक स्वास्थ्य और सामाजिक दबाव का संकट
इस दुखद हादसे ने एक बार फिर ग्रामीण भारत में सामाजिक दबाव और मानसिक तनाव के गंभीर मुद्दे को उजागर कर दिया है। मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि ऐसे संवेदनशील मामलों में परिजनों को सामाजिक सहयोग और उचित काउंसलिंग की सख्त आवश्यकता होती है।
रोहतास में सोन नदी में छलांग लगाने की इस घटना ने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी है और प्रशासन से हर संभव मदद की मांग की है।
Disclaimer: यह रिपोर्ट स्थानीय पुलिस के आधिकारिक बयानों, परिजनों के इनपुट्स और प्रत्यक्षदर्शियों से मिली प्रामाणिक जानकारी पर आधारित है। एसडीआरएफ (SDRF) के रेस्क्यू ऑपरेशन की अंतिम स्थिति और आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए आधिकारिक पुलिस बुलेटिन की प्रतीक्षा करें।
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