दरभंगा, 28 सितंबर 2026। जिला अधिकारी सह जिला गंगा समिति के अध्यक्ष कौशल कुमार के निर्देश पर ‘स्वच्छता ही सेवा-2026’ अभियान के तहत सोमवार को एमके कॉलेज, दरभंगा में भव्य कार्यक्रम आयोजित हुआ। जिला गंगा समिति द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में रंगोली, कविता पाठ और प्लास्टिक क्राफ्ट प्रतियोगिताओं की धूम रही। इसमें जिले के विभिन्न स्कूलों और कॉलेजों के छात्र-छात्राओं ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का मजबूत संदेश दिया।

कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ राष्ट्रगान और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस प्रतियोगिता में 11वीं, 12वीं, स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर के सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। ऑन-द-स्पॉट पर्ची निकालकर प्रतिभागियों को उनके विषय बताए गए। रंगोली के लिए ‘हरित भारत’, कविता पाठ के लिए ‘नदी और जीवन’ और प्लास्टिक क्राफ्ट के लिए ‘रीयूज़ एंड रीक्रीएट’ विषय निर्धारित किया गया, जिस पर युवाओं ने अपनी शानदार कला दिखाई।
समारोह को संबोधित करते हुए जिला गंगा समिति के जिला परियोजना पदाधिकारी फारूक इमाम ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि ‘हरित भारत’ की सोच केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक स्वच्छ जीवनशैली और प्राकृतिक संसाधनों के बचाव से जुड़ी है। उन्होंने बताया कि आज सिंगल-यूज प्लास्टिक सबसे बड़ी पर्यावरणीय चुनौती है, इसलिए प्लास्टिक का सही पुनर्चक्रण और वैज्ञानिक निस्तारण करना समय की सबसे बड़ी मांग है।

फारूक इमाम ने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि स्वच्छता को केवल एक सरकारी अभियान या एक दिन का कार्यक्रम न समझें, बल्कि इसे अपने दैनिक व्यवहार में ढालें। जब तक हर युवा अपने घर, शैक्षणिक संस्थान और समाज में स्वच्छता का संदेश खुद नहीं पहुंचाएगा, तब तक पर्यावरण में बड़ा बदलाव संभव नहीं है। उन्होंने छात्र-छात्राओं से एकल-उपयोग प्लास्टिक का इस्तेमाल पूरी तरह बंद करने का संकल्प लेने को कहा।
एमके कॉलेज के प्राचार्य डॉ. रहमतुल्लाह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण में युवा वर्ग की भूमिका बेहद निर्णायक होती है। शैक्षणिक संस्थान सिर्फ किताबी पढ़ाई के केंद्र नहीं हैं, बल्कि ये समाज में सामाजिक और पर्यावरणीय चेतना जगाने के सबसे बड़े माध्यम हैं। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे अपनी रचनात्मकता के बल पर समाज को जल संरक्षण और नदियों की सफाई के प्रति जागरूक करें।
प्रतियोगिता के दौरान छात्र-छात्राओं ने अपनी कला से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। रंगोली प्रतियोगिता में खूबसूरत रंगों से स्वच्छ परिवेश का चित्र उकेरा गया, वहीं कविता पाठ में युवाओं ने मानव जीवन और नदियों के अटूट रिश्ते पर दिल छू लेने वाली प्रस्तुतियां दीं। प्लास्टिक क्राफ्ट प्रतियोगिता में बेकार और अनुपयोगी प्लास्टिक से सुंदर व काम की वस्तुएं बनाकर ‘रीयूज़ एंड रीक्रीएट’ की अवधारणा को साकार रूप दिया गया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में निर्णायक मंडल की भूमिका में डॉ. आलोक प्रभात, डॉ. सुरेश चंद्र, डॉ. संजय कुमार, डॉ. साधना कुमारी, डॉ. नाज़ परवीन आलम सहित कई वरिष्ठ प्राध्यापक मौजूद रहे। पूरे कार्यक्रम का मंच संचालन डॉ. रीता कुमारी ने कुशलतापूर्वक किया। इस अवसर पर पूजा कुमारी, संजीव कुमार, संगीता कुमारी, आदित्य सिंह और पार्थ कुमार का विशेष योगदान रहा, जिनकी बदौलत यह आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
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