भागलपुर, 28 सितंबर 2026। भागलपुर की जिलाधिकारी अलंकृता पाण्डेय ने सोमवार को शाहकुंड प्रखंड और अंचल कार्यालय का अचानक निरीक्षण कर दिया। डीएम के इस औचक निरीक्षण से पूरे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया। निरीक्षण के दौरान अंचल दफ्तर से अंचलाधिकारी (सीओ) खुद गायब मिले, वहीं सोमवार को लगने वाला जनता दरबार भी आयोजित नहीं किया गया था। इस गंभीर लापरवाही पर डीएम ने कड़ी नाराजगी जताते हुए गैरहाजिर अधिकारियों से तुरंत जवाब-तलब करने का आदेश दिया।

अंचल कार्यालय में जमीनी विवादों को लेकर पहुंचे ग्रामीण सीओ के न रहने से काफी परेशान और निराश नजर आए। डीएम ने लोगों की शिकायतें सुनने के बाद स्पष्ट निर्देश दिया कि अंचल अधिकारी आम जनता से मिलने का समय दफ्तर के नोटिस बोर्ड पर अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करें। इसके साथ ही उन्होंने हर सोमवार को नियमित जनता दरबार और हर शनिवार को अंचल स्तर पर ‘शनिवारीय भूमि विवाद समाधान शिविर’ का आयोजन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
राजस्व कार्यों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने लंबित मामलों पर अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी। उन्होंने 75 दिन और 120 दिन से अधिक समय से लटके अंचल के मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के आदेश दिए। इसके अलावा जिले में चल रहे जमाबंदी अद्यतनीकरण और उत्तराधिकार नामांतरण (म्यूटेशन) अभियान की धीमी रफ्तार पर नाराजगी जताते हुए कार्य में तेजी लाने को कहा। डीएम ने साफ किया कि जमीन से जुड़े मामलों में अकारण देरी बर्दाश्त नहीं होगी।
औचक निरीक्षण के दौरान सिर्फ अंचलाधिकारी ही नहीं, बल्कि कई अन्य बड़े अधिकारी भी अपनी कुर्सी से नदारद मिले। मनरेगा के कार्यक्रम अधिकारी, मनरेगा के कनीय अभियंता और शाहकुंड के प्रखंड कृषि अधिकारी भी बिना किसी पूर्व सूचना के दफ्तर से गायब पाए गए। डीएम अलंकृता पाण्डेय ने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए सभी अनुपस्थित अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगने का निर्देश दिया है और संतोषजनक जवाब न मिलने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की बात कही है।
शाहकुंड के बाल विकास परियोजना (CDPO) कार्यालय की जांच के दौरान एक बेहद गंभीर और संवेदनशील मामला सामने आया। कंप्यूटर ऑपरेटर रूम में बाहरी व्यक्तियों द्वारा सरकारी अभिलेखों और फाइलों के साथ छेड़छाड़ करने की कोशिश का पता चला। इस पर बिफरते हुए डीएम ने इसे अति संवेदनशील माना और दफ्तर में बाहरी लोगों के प्रवेश पर पूर्णतः रोक लगाने के साथ-साथ दोषियों के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई कर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया।
निरीक्षण के अंत में डीएम ने आंगनबाड़ी सेविकाओं और सहायिकाओं के साथ बैठक कर उनकी समस्याएं भी जानीं। उन्होंने पेयजल और शौचालय की सुविधा से वंचित आंगनबाड़ी केंद्रों को चिन्हित कर बीडीओ के साथ तालमेल बिठाकर बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराने का आदेश दिया। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि आमजन की शिकायतों के निष्पादन में किसी भी स्तर पर शिथिलता न बरती जाए, वरना दोषी कर्मियों पर सीधी गाज गिरेगी।
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