पटना | 14 जुलाई 2026: बिहार में सुशासन और प्रशासनिक पारदर्शिता को नई गति देने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया है। खबर आंगन की सिटी डेस्क के अनुसार, आम नागरिकों की लंबित शिकायतों के त्वरित और सीधे समाधान के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज पटना में राज्य स्तरीय सहयोग कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ कर दिया है।
संवाद कक्ष में दोनों उपमुख्यमंत्रियों की मौजूदगी में हुई शुरुआत
इस महत्वाकांक्षी जन-कल्याणकारी कार्यक्रम का शानदार उद्घाटन पटना स्थित मुख्यमंत्री सचिवालय के संवाद कक्ष (4 देशरत्न मार्ग) में किया गया। इस खास और ऐतिहासिक मौके पर मुख्यमंत्री के साथ राज्य के दोनों उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और विजेंद्र प्रसाद यादव भी विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहे। सरकार की इस नई पहल की पूरे राज्य में खूब चर्चा हो रही है।
जिला स्तर पर अनसुलझे मामलों की अब सीधे सीएम करेंगे सुनवाई
सरकार द्वारा शुरू किए गए इस नए और अनूठे कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य उन पीड़ित लोगों को त्वरित न्याय दिलाना है, जिनकी समस्याओं का निपटारा जिला स्तर पर लंबे समय से नहीं हो पाया है। अब ऐसे सभी गंभीर और लंबित मामलों की सीधी सुनवाई खुद मुख्यमंत्री के स्तर पर की जाएगी, ताकि परेशान जनता को दर-दर न भटकना पड़े।
हर महीने के दूसरे मंगलवार को राजधानी पटना में लगेगा दरबार
प्रशासनिक अधिकारियों ने आधिकारिक तौर पर बताया है कि यह बहुप्रतीक्षित कार्यक्रम अब हर महीने के दूसरे मंगलवार को राजधानी पटना में आयोजित किया जाएगा। सरकार की इस स्पष्ट और नई व्यवस्था से उन हजारों फरियादियों में एक नई और मजबूत उम्मीद जगी है, जो न्याय के लिए सरकारी दफ्तरों के बार-बार चक्कर लगाकर पूरी तरह से निराश हो चुके थे।
केवल पुरानी और दर्ज शिकायतों वाले फरियादियों को मिलेगा मौका
इस कार्यक्रम की एक अहम शर्त यह है कि इसमें सिर्फ वही फरियादी सीधे आवेदन कर सकेंगे, जिनकी शिकायत पहले से ही जिला स्तर पर विधिवत दर्ज हो चुकी है और उसका कोई भी समाधान नहीं निकला है। ऐसे सभी पात्र आवेदकों को अब राज्य स्तर पर अपनी बात मुख्यमंत्री के सामने सीधे तौर पर रखने का एक बड़ा अवसर मिलेगा।
सहयोग पोर्टल पर रेफरेंस नंबर और ओटीपी के जरिए होगा आवेदन
इस कार्यक्रम में शामिल होने के इच्छुक आवेदकों को सबसे पहले सरकारी ‘सहयोग पोर्टल’ (sahyog.bihar.gov.in) पर जाकर अपना ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन करते समय फरियादी को अपनी पुरानी शिकायत का रेफरेंस नंबर तथा अपना चालू मोबाइल नंबर डालकर ओटीपी (OTP) के जरिए अपना डिजिटल सत्यापन पूरी तरह से अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करना होगा।
सत्यापन के बाद एसएमएस के जरिए मिलेगी सुनवाई की पक्की तारीख
ओटीपी सत्यापन की यह प्रक्रिया पूरी होते ही, कंप्यूटर स्क्रीन पर आवेदक के पुराने मामले का पूरा विस्तृत विवरण अपने आप सामने आ जाएगा। इसके बाद विभाग द्वारा समीक्षा करके चयनित किए गए आवेदकों को उनके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एसएमएस (SMS) के माध्यम से सुनवाई की पक्की तारीख, सही समय और अन्य जरूरी जानकारी तुरंत भेज दी जाएगी।
सीएम ने किया नए ‘आवेदन केंद्र’ और ‘सहयोग पथ’ का उद्घाटन
इस बड़े कार्यक्रम के दौरान, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सचिवालय परिसर में बनाए गए नए ‘आवेदन प्राप्ति केंद्र’ और आम लोगों की सुविधा के लिए विशेष रूप से तैयार किए गए ‘सहयोग पथ’ का भी फीता काटकर उद्घाटन किया। यह विशेष पथ देशरत्न मार्ग से लेकर सीधा आवेदन केंद्र तक जाता है, जिससे फरियादियों को अंदर आने में कोई परेशानी नहीं होगी।
अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध समाधान के सख्त निर्देश
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने सभी आला अधिकारियों और जिलाधिकारियों को बेहद सख्त लहजे में कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने साफ कहा है कि आम जनता की शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण, पूरी तरह पारदर्शी और समयबद्ध समाधान हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। जनता के काम में किसी भी प्रकार की सरकारी लापरवाही या बहानेबाजी बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कोताही बरतने वाले लापरवाह अधिकारियों पर होगी कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि अगर किसी भी स्तर पर शिकायतों को जानबूझकर लटकाने या फरियादियों को परेशान करने की बात सामने आती है, तो दोषी अधिकारियों और संबंधित कर्मियों के खिलाफ तुरंत और बेहद कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। सरकार का यह सख्त और कड़क रवैया लालफीताशाही के लिए एक बहुत बड़ी चेतावनी है।
24 घंटे चलने वाली हेल्पलाइन 1100 जारी, 30 दिन का मिला लक्ष्य
जनता की सुविधा के लिए सरकार ने 24 घंटे काम करने वाली एक विशेष टोल-फ्री हेल्पलाइन सेवा ‘1100’ भी आज से जारी कर दी है। सरकार ने सभी विभागों को यह कड़ा लक्ष्य दिया है कि इस जन-शिकायत शिविर के माध्यम से आने वाली हर एक समस्या का संतोषजनक समाधान अधिकतम 30 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से कर दिया जाए।
हमारा निष्कर्ष
हमारा एकदम स्पष्ट निष्कर्ष है कि यह राज्य स्तरीय सहयोग कार्यक्रम जनता और सरकार के बीच संवाद को मजबूत करेगा और भ्रष्टाचार पर करारा प्रहार करेगा। इस बड़ी पहल से आम आदमी का सिस्टम पर भरोसा और ज्यादा बढ़ेगा। बिहार सरकार की प्रशासनिक योजनाओं और हर एक पक्की सरकारी खबर के लिए हमेशा खबर आंगन के साथ जुड़े रहें।
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