पटना | 24 अप्रैल 2026: बिहार में नई सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में कुल बाईस बड़े और ऐतिहासिक फैसलों पर पक्की मुहर लग गई है। खबर आंगन की रिपोर्ट के अनुसार राज्य में सुनियोजित शहरीकरण की दिशा में एक बहुत बड़ा कदम उठाया गया है। पटना गया और मुंगेर समेत ग्यारह बड़े शहरों के पास नए ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउन पूरी तरह से बसाए जाएंगे।
नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार द्वारा एक बहुत ही सख्त आदेश जारी किया गया है। इसके अनुसार इन सभी ग्यारह चयनित टाउनशिप क्षेत्रों में जमीन की खरीद बिक्री और किसी भी तरह के नए निर्माण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। यह पाबंदी मास्टर प्लान लागू होने तक पूरी तरह से रहेगी।
शहरों को दो समूहों में बांटकर मास्टर प्लान होगा तैयार
सरकार ने बेहतरीन मास्टर प्लान अधिसूचित करने के लिए इन सभी शहरों को दो अलग अलग समूहों में बांटा है। पहले समूह में पटना सोनपुर गया दरभंगा सहरसा पूर्णिया और मुंगेर को मुख्य रूप से रखा गया है। इन सभी बड़े शहरों का जोनल या मास्टर प्लान इकतीस मार्च दो हजार सत्ताईस तक पूरी तरह से अधिसूचित किया जाना तय है।
दूसरे अहम समूह में मुजफ्फरपुर छपरा भागलपुर और सीतामढ़ी को पूरी तरह से शामिल किया गया है। इन शहरों के लिए आयोजना क्षेत्र का भारी विस्तार करते हुए तीस जून दो हजार सत्ताईस की समय सीमा एकदम तय की गई है। सरकार का मुख्य उद्देश्य इन क्षेत्रों में अवैध और अनियोजित निर्माण को पूरी तरह से रोकना और खत्म करना है।
सड़क दुर्घटनाओं को अब मिला स्थानीय आपदा का अहम दर्जा
कैबिनेट के अन्य बड़े फैसलों में सड़क दुर्घटनाओं को अब स्थानीय आपदा का अहम दर्जा मिल गया है। अब हादसों में जान गंवाने वालों को बाढ़ या भूकंप की तरह ही सीधे मुआवजा आसानी से मिलेगा। पंद्रह सितंबर दो हजार इक्कीस से लेकर इकतीस मार्च दो हजार बाईस तक के सभी दुर्घटना पीड़ितों को भी इसका सीधा लाभ दिया जाएगा।

