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दरभंगा-सुपौल फोरलेन हाईवे के लिए अंतरराष्ट्रीय टेंडर जारी, कनेक्टिविटी में आएगी भारी क्रांति

उत्तर बिहार के विकास को नई और ऐतिहासिक रफ्तार मिलने वाली है। बहुप्रतीक्षित दरभंगा-सुपौल फोरलेन हाईवे के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने का ग्लोबल टेंडर विधिवत जारी हो गया है।
Ashutosh Kumar Jha Published on: 12 जुलाई 2026
दरभंगा-सुपौल फोरलेन हाईवे के लिए अंतरराष्ट्रीय टेंडर जारी, कनेक्टिविटी में आएगी भारी क्रांति
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दरभंगा | 12 जुलाई 2026: उत्तर बिहार के विकास को एक बहुत बड़ी और ऐतिहासिक रफ्तार मिलने वाली है। खबर आंगन की सिटी डेस्क के अनुसार, मिथिलांचल और कोसी क्षेत्र को जोड़ने वाले बहुप्रतीक्षित दरभंगा-सुपौल फोरलेन हाईवे के निर्माण की दिशा में सरकार ने एक बहुत ही बड़ा और अहम कदम पूरी मजबूती के साथ उठा लिया है।

NHAI ने कंसल्टेंसी सेवा के लिए जारी किया ग्लोबल टेंडर

प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने इस महत्वाकांक्षी सड़क परियोजना को धरातल पर उतारने की प्रक्रिया तेज कर दी है। विभाग द्वारा इस नए और हाई-स्पीड हाईवे की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर की कंसल्टेंसी सेवा का ग्लोबल टेंडर विधिवत रूप से जारी कर दिया गया है।

दरभंगा से शुरू होकर मधेपुर होते हुए सुपौल तक जाएगा रूट

प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि यह प्रस्तावित और अत्याधुनिक फोरलेन सड़क लगभग 80 किलोमीटर लंबी होगी। इस हाईवे का मुख्य रूट दरभंगा जिले से शुरू होकर मधुबनी जिले के मधेपुर और सुपौल जिले के बेरिया मंच से होते हुए सीधा सुपौल तक जाएगा। इससे इन तीनों जिलों की भौगोलिक दूरी और भी ज्यादा सिमट कर रह जाएगी।

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नौ महीने के भीतर रिपोर्ट सौंपने की तय की गई है सख्त समय सीमा

टेंडर के आधिकारिक नियमों और शर्तों के अनुसार, चयनित कंसल्टेंसी एजेंसी को महज नौ महीने के भीतर अपनी विस्तृत और गहन अध्ययन रिपोर्ट सरकार को सौंपनी होगी। इस रिपोर्ट में सड़क की तकनीकी व्यवहार्यता, आवश्यक भूमि अधिग्रहण और पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव का बहुत ही बारीकी से अध्ययन करना अनिवार्य रूप से शामिल किया गया है।

तकनीकी पहलुओं और सड़क सुरक्षा पर दिया जाएगा विशेष ध्यान

विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने के दौरान कंसल्टेंसी एजेंसी को कई अहम तकनीकी पहलुओं का बारीकी से ध्यान रखना होगा। इसमें भविष्य के यातायात घनत्व का आकलन, मजबूत पुल-पुलियों का निर्माण, जल निकासी की बेहतर व्यवस्था और सड़क सुरक्षा के कड़े मानकों को सुनिश्चित करना शामिल है ताकि दुर्घटनाओं पर पूरी तरह लगाम लग सके।

आवागमन होगा तेज, किसानों और स्थानीय व्यापारियों को मिलेगा सीधा लाभ

इस फोरलेन सड़क के निर्माण से दरभंगा, मधुबनी और सुपौल जिलों के बीच दैनिक आवागमन बहुत ही तेज और सुरक्षित हो जाएगा। इससे न केवल आम यात्रियों के यात्रा समय में भारी कमी आएगी, बल्कि क्षेत्र के किसानों को भी अपने कृषि उत्पादों को बड़े बाजारों तक ले जाने में काफी सुविधा और बड़ी आर्थिक मदद मिलेगी।

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