ऐतिहासिक कदम! बिहार में पेपरलेस रजिस्ट्री का हुआ शुभारंभ
बिहार सरकार ने जमीन निबंधन प्रक्रिया को पूरी तरह से डिजिटल और पारदर्शी बना दिया है। वैशाली से बिहार में पेपरलेस रजिस्ट्री का शुभारंभ हुआ है, जिससे फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी और दस्तावेज सीधे व्हाट्सएप पर मिलेंगे।
हाजीपुर | 13 जुलाई 2026: बिहार में जमीन की खरीद-बिक्री की प्रक्रिया में एक बहुत बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव होने जा रहा है। खबर आंगन की सिटी डेस्क के अनुसार, वैशाली जिले के हाजीपुर से बिहार में पेपरलेस रजिस्ट्री की अत्याधुनिक और डिजिटल निबंधन प्रणाली का आधिकारिक शुभारंभ मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा मजबूती से किया गया है।
डिजिटल बिहार की दिशा में सरकार का बहुत बड़ा मील का पत्थर
इस नई डिजिटल व्यवस्था के लागू होने से जमीन की रजिस्ट्री प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी, सुरक्षित और बहुत सरल हो जाएगी। मुख्यमंत्री ने इस ऐतिहासिक कदम को डिजिटल बिहार की दिशा में एक बहुत बड़ा और अहम मील का पत्थर बताया है। इससे आम नागरिकों को दफ्तरों के अनावश्यक चक्कर लगाने से हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाएगी।
निबंधन कार्यालय में एक साथ शुरू हुईं चार बड़ी आधुनिक सेवाएं
कार्यक्रम के दौरान जिला निबंधन कार्यालय हाजीपुर में चार महत्वपूर्ण और नई सेवाओं की शुरुआत की गई है। इनमें होम रजिस्ट्रेशन, भूमि संबंधी ऑनलाइन जांच, पूरी तरह से पेपरलेस निबंधन, और जीआईएस (GIS) तकनीक के जरिए स्थल निरीक्षण की सुविधाएं मुख्य रूप से शामिल हैं। इन आधुनिक सुविधाओं से भ्रष्टाचार पर भी बहुत बड़ा और कड़ा प्रहार होगा।
बुजुर्गों के लिए आयु सीमा घटाकर अब 75 वर्ष कर दी गई
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बुजुर्ग नागरिकों के लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी ऐतिहासिक घोषणा की है। सरकार ने घर बैठे रजिस्ट्री (होम रजिस्ट्रेशन) की सुविधा का लाभ उठाने के लिए तय की गई आयु सीमा को 80 वर्ष से घटाकर अब 75 वर्ष कर दिया है। इससे लाखों बुजुर्गों को बहुत बड़ी सहूलियत और काफी आराम मिलेगा।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए किया गया होम रजिस्ट्री का लाइव प्रदर्शन
इस खास सेवा को घर-घर तक आसानी से पहुंचाने के लिए मुख्यमंत्री ने हाजीपुर में मोबाइल रजिस्ट्रेशन यूनिट वाहनों को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम के दौरान ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 83 वर्षीय बुजुर्ग अवधेश कुमार के घर पर डिजिटल निबंधन प्रक्रिया का सीधा लाइव प्रदर्शन भी सफलतापूर्वक किया गया, जो बेहद सराहनीय कदम रहा।
जीआईएस तकनीक से होगी जमीन की वास्तविक स्थिति की सटीक जांच
नई डिजिटल व्यवस्था के तहत अब जमीन की खरीद-बिक्री से पहले जीआईएस तकनीक और ऑनलाइन सत्यापन के माध्यम से भूमि की एकदम वास्तविक स्थिति की सटीक जांच की जाएगी। इससे जमीन के फर्जीवाड़े, बेनामी संपत्तियों के खेल और भूमि विवादों में भारी कमी आएगी तथा आम खरीदारों का हित भी पूरी तरह से एकदम सुरक्षित रहेगा।
सीधे व्हाट्सएप और ई-मेल पर मिलेंगे निबंधन के सभी जरूरी दस्तावेज
राज्य सरकार की इस आधुनिक पहल से कागजी कार्रवाई का अनावश्यक बोझ लगभग पूरी तरह खत्म हो जाएगा। प्रक्रिया के ऑनलाइन हो जाने से निबंधन के बाद जरूरी दस्तावेज अब सीधे आवेदकों के व्हाट्सएप और ई-मेल पर डिजिटल रूप में उपलब्ध करा दिए जाएंगे, जिससे दस्तावेजों के खोने या चोरी होने का डर पूरी तरह खत्म होगा।
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राज्य से बाहर रहने वालों के लिए ऐप से होगी डिजिटल रजिस्ट्री
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी सख्त निर्देश दिया है कि जो नागरिक रोजगार या अन्य कारणों से राज्य से बाहर रहते हैं, उनके लिए भी एक विशेष एप्लीकेशन के माध्यम से डिजिटल निबंधन की सुविधा जल्द से जल्द सुनिश्चित की जाए। इससे आपसी बंटवारे और जमीन के अन्य आवश्यक कार्यों के लिए उन्हें बार-बार बिहार नहीं आना पड़ेगा।
दफ्तरों में बुनियादी सुविधाओं को दुरुस्त करने का सख्त प्रशासनिक निर्देश
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि निबंधन कार्यालयों में आने वाले आम लोगों के लिए सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाएं हर हाल में उपलब्ध कराई जानी चाहिए। जब जनता सरकार को इतना टैक्स दे रही है, तो उनके सम्मान के लिए दफ्तरों में पीने के पानी और बैठने की उचित व्यवस्था अनिवार्य रूप से होनी चाहिए।
15 जुलाई से पूरे बिहार में बंद हो जाएंगे पुराने ऑफलाइन दस्तावेज
आगामी 15 जुलाई से राज्य भर के सभी जिला निबंधन कार्यालयों में यह नई पेपरलेस रजिस्ट्री व्यवस्था पूरी तरह से लागू होने जा रही है। इसके तहत आवेदन से लेकर डीड मिलने तक की हर एक प्रक्रिया को ऑनलाइन पोर्टल के जरिए पूरा किया जाएगा और किसी भी प्रकार के पुराने ऑफलाइन दस्तावेज बिल्कुल भी स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
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ई-साइन और ऑनलाइन स्लॉट बुकिंग से प्रक्रिया होगी और भी तेज
ई-फाइलिंग, ई-साइन, बायोमेट्रिक सत्यापन और ऑनलाइन स्लॉट बुकिंग जैसी शानदार सुविधाओं के साथ यह एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म निबंधन विभाग की कार्यक्षमता को कई गुना बढ़ा देगा। ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से संपत्ति का सरकारी मूल्यांकन और स्टांप शुल्क का निर्धारण भी बहुत ही आसान और पारदर्शी हो जाएगा, जिससे आम जनता को कोई भी आर्थिक नुकसान नहीं होगा।
हमारा निष्कर्ष
हमारा स्पष्ट निष्कर्ष है कि यह बिहार में पेपरलेस रजिस्ट्री की डिजिटल प्रणाली राज्य को विकास और पारदर्शी ई-गवर्नेंस के एक नए शिखर पर ले जाएगी। इससे लोगों का सरकारी तंत्र पर विश्वास और भी ज्यादा मजबूत होगा। राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था और विकास योजनाओं की हर पक्की खबर के लिए हमेशा खबर आंगन के साथ जुड़े रहें।
Disclaimer: यह खबर ‘खबर आंगन’ की सिटी डेस्क द्वारा मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग, बिहार सरकार द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं और हालिया आयोजनों के आधार पर तैयार की गई है। निबंधन प्रक्रिया, स्लॉट बुकिंग और शुल्क से जुड़ी किसी भी सटीक जानकारी के लिए हमेशा विभाग की आधिकारिक वेबसाइट (e-nibandhan) का ही उपयोग करें।
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Ashutosh Kumar Jha Admin
Ashutosh Jha एक डिजिटल पत्रकार और न्यूज़ लेखक हैं, जो भारत की राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, टेक्नोलॉजी और सामाजिक मुद्दों से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं। वे तथ्य आधारित रिपोर्टिंग और विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर समाचार लिखने के लिए जाने जाते हैं।डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहते हुए Ashutosh Jha ने कई महत्वपूर्ण विषयों पर विश्लेषणात्मक लेख और समाचार प्रकाशित किए हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक निष्पक्ष, प्रमाणिक और जनहित से जुड़ी जानकारी पहुँचाना है।वर्तमान में वे Khabar Aangan न्यूज़ प्लेटफॉर्म के माध्यम से देश-दुनिया की ताज़ा खबरों, सरकारी नीतियों, सामाजिक बदलाव और टेक्नोलॉजी से जुड़े विषयों पर नियमित लेखन और रिपोर्टिंग कर रहे हैं।