दरभंगा | 12 अप्रैल 2026: जिले की व्यवस्था और संस्कृति में एक बहुत बड़ा बदलाव होने जा रहा है। दरभंगा डीएम कौशल कुमार ने जिले के सभी सरकारी कार्यालयों, विद्यालयों और सार्वजनिक जगहों के लिए एक बेहद सख्त और अहम आदेश जारी किया है। इस नए फरमान के बाद अब पूरे जिले का प्रशासनिक रंग-रूप पूरी तरह से बदला हुआ नजर आएगा।
‘खबर आंगन’ की एडमिनिस्ट्रेटिव डेस्क ने जिलाधिकारी कार्यालय से जारी हुए इस नए आदेश की पूरी कॉपी का गहराई से विश्लेषण किया है। आइए जानते हैं कि आखिर यह नया नियम क्या है और इससे आम जनता और अधिकारियों के कामकाज पर क्या सीधा असर पड़ेगा।
दरभंगा डीएम के इस नए आदेश में क्या है खास?
बिहार सरकार के मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग और उर्दू निदेशालय की तरफ से मिले कड़े निर्देशों के बाद जिले में यह बड़ा कदम उठाया गया है। जिलाधिकारी ने साफ कर दिया है कि अब जिले में प्रदर्शित होने वाली सभी प्रकार की सरकारी सूचनाएं सिर्फ एक भाषा में नहीं लिखी जाएंगी।
अब से हर सरकारी जगह पर हिंदी के साथ-साथ उर्दू भाषा का भी अनिवार्य रूप से इस्तेमाल किया जाएगा। राज्य सरकार की इस पहल का मुख्य उद्देश्य उर्दू भाषा का तेजी से प्रचार-प्रसार करना और समाज में इसकी अहमियत को और भी ज्यादा मजबूत करना है।
किन जगहों पर तुरंत लागू होगा यह नया नियम?
जिला प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि यह नया नियम जिला स्तर से लेकर प्रखंड और अंचल स्तर तक के हर छोटे-बड़े कार्यालय में सख्ती से लागू होगा। इस आदेश के तहत इन मुख्य जगहों पर दो भाषाओं का इस्तेमाल करना पूरी तरह अनिवार्य होगा:
- सभी सरकारी कार्यालयों के साइन बोर्ड और दिशा बताने वाले संकेत पट्ट।
- कार्यालयों में बैठने वाले तमाम पदाधिकारियों के नामपट्ट।
- सभी सार्वजनिक भवनों के नाम और सरकारी योजनाओं के बड़े बैनर।
- किसी भी नए प्रोजेक्ट के उद्घाटन शिलापट्ट और सड़कों पर लगने वाले होर्डिंग।
लापरवाही करने वाले अधिकारियों को मिली सख्त चेतावनी
इस आदेश को सिर्फ कागजों तक सीमित न रखने के लिए प्रशासन फुल एक्शन मोड में है। जिलाधिकारी ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों, अंचलाधिकारियों, थाना प्रभारियों और अन्य कार्यालय प्रमुखों को कड़ी चेतावनी दी है।
सभी को यह सख्त निर्देश दिया गया है कि वे बिना किसी बहाने या देरी के अपने-अपने विभागों में इस आदेश का 100% पालन सुनिश्चित करें। साथ ही, काम पूरा होने के बाद इसकी पूरी रिपोर्ट जल्द से जल्द मुख्यालय में जमा कराने को भी कहा गया है।
हमारा निष्कर्ष
‘खबर आंगन’ की डेस्क का यह स्पष्ट रूप से मानना है कि दरभंगा डीएम का यह आदेश भाषा के सम्मान और राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को जमीनी स्तर पर उतारने का एक बहुत ही शानदार कदम है।
जब सरकारी स्तर पर दोनों भाषाओं को एक समान जगह मिलेगी, तो इससे समाज में एक बहुत ही सकारात्मक और अच्छा संदेश जाएगा। अब देखना यह है कि जिले के अधिकारी कितनी जल्दी इस आदेश को धरातल पर उतारते हैं। प्रशासन से जुड़ी हर बड़ी और सच्ची खबर के लिए हमारे साथ लगातार जुड़े रहें।
Disclaimer: यह खबर ‘खबर आंगन’ की एडमिनिस्ट्रेटिव डेस्क द्वारा दरभंगा जिलाधिकारी कार्यालय (डीएम कौशल कुमार) से जारी किए गए आधिकारिक निर्देश और मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के आदेशों के आधार पर आम जनता की जानकारी के लिए तैयार की गई है।
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