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दरभंगा में खाद खरीदने की व्यवस्था हुई आसान, OTP और QR Code से होगी उर्वरक की बिक्री

दरभंगा में किसानों के लिए खाद खरीदने की प्रक्रिया अब डिजिटल होगी। FSAS के तहत OTP, ऑनलाइन बुकिंग और QR Code से निर्धारित दर पर उर्वरक उठाने की सुविधा मिलेगी।
Ashutosh Kumar Jha Published on: 2 सितम्बर 2026
दरभंगा में खाद खरीदने की व्यवस्था हुई आसान, OTP और QR Code से होगी उर्वरक की बिक्री
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दरभंगा, 1 सितंबर 2026: किसानों को उर्वरक खरीदने के लिए होने वाली अनावश्यक भाग-दौड़, लंबी कतार और बिचौलियों की परेशानी से राहत देने के उद्देश्य से बिहार में खाद बिक्री एवं आवेदन प्रणाली (FSAS) के तहत नई Framework for Fertilizer Sale (FFS) व्यवस्था लागू की गई है। इसके माध्यम से किसान अपनी जरूरत के अनुसार खाद की ऑनलाइन बुकिंग कर सकेंगे और QR Code या Token के जरिए निर्धारित दर पर अधिकृत विक्रेता से उर्वरक का उठाव कर सकेंगे।

OTP से लॉगिन, खेसरा और फसल के आधार पर होगी खाद की बुकिंग

नई व्यवस्था में Farmer ID वाले किसान अपनी Farmer ID और मोबाइल पर प्राप्त OTP के जरिए AgriStack से जुड़े सर्वे या खेसरा नंबर के आधार पर प्रणाली में लॉगिन कर सकेंगे। जिन किसानों की अभी Farmer ID नहीं बनी है, वे आधार नंबर और OTP या Face Authentication के माध्यम से भी लॉगिन कर सकेंगे। इसमें रैयत किसान, वैध उत्तराधिकारी, नई भूमि पर खेती करने वाले किसान और गैर-रैयत बटाईदार सहित अन्य किसानों को भी शामिल किया गया है।

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FFS प्रणाली में किसान अपनी संबंधित भूमि के खेसरा और उस पर लगाई गई फसल का चयन कर सकेंगे। इसके बाद भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) की सामान्य अनुशंसा के आधार पर संबंधित फसल के लिए आवश्यक उर्वरक की मात्रा प्रणाली पर दिखाई जाएगी। किसान इस अनुशंसित मात्रा के अनुसार खाद का चयन कर सकते हैं और अपनी वास्तविक जरूरत के मुताबिक उपलब्ध मात्रा तय कर सकेंगे।

QR Code मिलने के बाद 72 घंटे में करना होगा उठाव

ऑनलाइन बुकिंग पूरी होने के बाद किसान को ऐप के माध्यम से QR Code या Token जारी किया जाएगा। इसकी वैधता 72 घंटे यानी तीन दिनों तक रहेगी। इस अवधि के भीतर यदि किसान उर्वरक का उठाव नहीं करता है, तो QR Code या Token स्वतः निरस्त हो जाएगा। इसके बाद किसान को दोबारा बुकिंग करनी होगी और नया QR Code प्राप्त करना होगा।

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खाद उठाने के लिए किसान को बुकिंग के बाद जारी QR Code लेकर संबंधित अधिकृत खुदरा उर्वरक विक्रेता के पास जाना होगा। विक्रेता अपनी POS मशीन से QR Code स्कैन करेगा, जिसके बाद किसान को निर्धारित दर पर उर्वरक उपलब्ध कराया जाएगा। POS आधारित बिक्री से प्रत्येक लेन-देन का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होगा, जिससे खाद की बिक्री, मात्रा और निर्धारित दर की निगरानी अधिक व्यवस्थित तरीके से की जा सकेगी।

CSC से लेकर PACS तक बुकिंग में मिलेगी सहायता

किसान चाहें तो स्वयं FFS App के माध्यम से उर्वरक की बुकिंग कर सकते हैं। डिजिटल प्रक्रिया में किसी किसान को परेशानी न हो, इसके लिए CSC और वसुधा केंद्र, FPO, PACS, SHG, कृषि समन्वयक और किसान सलाहकार के माध्यम से भी बुकिंग की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। सभी खुदरा उर्वरक विक्रेताओं को अपनी POS मशीन अपडेट करने का निर्देश दिया गया है।

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उर्वरक की बुकिंग, वितरण या किसी विवाद की स्थिति में पंचायत स्तर से जिला स्तर तक शिकायत निवारण की व्यवस्था भी विकसित की गई है। प्राप्त शिकायतों का निर्धारित प्रक्रिया के तहत लगभग 2 से 7 कार्य दिवस के भीतर समाधान सुनिश्चित करने की व्यवस्था बताई गई है।

दरभंगा में 1,62,853 किसानों की Farmer Registry पूरी

कृषि विभाग की AgriStack परियोजना के तहत Farmer ID को उर्वरक वितरण के साथ विभिन्न सरकारी कृषि योजनाओं का लाभ किसानों तक पहुंचाने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दरभंगा जिले में अब तक 1,62,853 किसानों की Farmer Registry पूरी हो चुकी है। इससे किसानों की कृषि संबंधी जानकारी डिजिटल रूप से व्यवस्थित होगी और मांग के आधार पर उर्वरक तथा अन्य कृषि सुविधाओं की उपलब्धता को अधिक पारदर्शी बनाने में मदद मिलेगी।

प्रखंडवार Farmer Registry

दरभंगा जिले में Farmer ID जारी किए जाने की स्थिति इस प्रकार है:

  • केवटी – 11,731
  • सिंहवाड़ा – 12,583
  • दरभंगा – 12,555
  • मनीगाछी – 9,114
  • बहादुरपुर – 10,473
  • हायाघाट – 6,819
  • अलीनगर – 7,871
  • कुशेश्वरस्थान पूर्वी – 6,955
  • कुशेश्वरस्थान – 9,079
  • बेनीपुर – 9,947
  • किरतपुर – 4,528
  • तारडीह – 5,761
  • जाले – 9,447
  • घनश्यामपुर – 6,375
  • हनुमाननगर – 6,500
  • गौड़ाबौराम – 6,769
  • बहेड़ी – 14,502
  • बिरौल – 11,844

कृषि विभाग ने जिन किसानों की अभी तक Farmer Registry नहीं हुई है, उनसे निकटतम CSC/वसुधा केंद्र, किसान सलाहकार, कृषि समन्वयक, FPO या PACS के माध्यम से पंजीकरण कराने की अपील की है। इसके लिए आधार कार्ड और भूमि से संबंधित आवश्यक विवरण या दावा उपलब्ध कराना होगा, जिसके आधार पर e-KYC और Farmer Registry की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

नई FSAS-FFS व्यवस्था का उद्देश्य उर्वरक वितरण को डिजिटल माध्यम से अधिक पारदर्शी और किसान हितैषी बनाना है। OTP प्रमाणीकरण, ऑनलाइन बुकिंग, QR Code आधारित उठाव और POS मशीन के माध्यम से बिक्री होने से खाद की मांग से लेकर वितरण तक डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होगा। इससे किसानों को निर्धारित दर पर उनकी जरूरत के अनुसार उर्वरक उपलब्ध कराने और वितरण व्यवस्था पर निगरानी मजबूत करने में सहायता मिल सकती है।

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Ashutosh Kumar Jha

Ashutosh Kumar Jha Admin

Ashutosh Kumar Jha एक डिजिटल पत्रकार और न्यूज़ लेखक हैं, जो भारत की राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, टेक्नोलॉजी और सामाजिक मुद्दों से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं। वे तथ्य आधारित रिपोर्टिंग और विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर समाचार लिखने के लिए जाने जाते हैं।डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहते हुए Ashutosh Jha ने कई महत्वपूर्ण विषयों पर विश्लेषणात्मक लेख और समाचार प्रकाशित किए हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक निष्पक्ष, प्रमाणिक और जनहित से जुड़ी जानकारी पहुँचाना है।वर्तमान में वे Khabar Aangan न्यूज़ प्लेटफॉर्म के माध्यम से देश-दुनिया की ताज़ा खबरों, सरकारी नीतियों, सामाजिक बदलाव और टेक्नोलॉजी से जुड़े विषयों पर नियमित लेखन और रिपोर्टिंग कर रहे हैं।

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