बिहार की 2025 विधानसभा चुनाव की दूसरी पारी में मतदान संपन्न हो चुका है और आउटपुट के इंतजार में एग्जिट पोल के रूझान चर्चा में हैं। एग्जिट पोल के तमाम अनुमानों में जनता दल (यूनाइटेड)–भाजपा गठबंधन (एनडीए) को बहुमत मिलने का अनुमान लगाया गया है, जिसमें NDA को लगभग 140-150 सीटें मिलने की संभावना बताई गई है, जबकि महागठबंधन (इंडिया ब्लॉक) को लगभग 85-95 सीटें मिलने की आशंका रखी गई है।
इस statewide रुझान के परिप्रेक्ष्य में Samastipur जिले की सभी 10 विधानसभा सीटों पर भी NDA और महागठबंधन की कड़ी टक्कर मानी जा रही है। 2020 में Samastipur जिले की 10 सीटों में से NDA को 5 सीटें मिली थीं (कल्याणपुर, वारिसनगर, सरायरंजन, मोहिउद्दीननगर, रोसेरा), जबकि महागठबंधन (कांग्रेस, वाम दल) को 5 सीटें (Samastipur, उजियारपुर, मोरवा, बिभूतिपुर, हसनपुर) मिली थीं। हालिया एग्जिट पोल के आधार पर यह अनुमान लगाया जा सकता है कि NDA गठबंधन इस बार भी जिले में मजबूत स्थिति में दिख रहा है।
इस रिपोर्ट में Samastipur जिले की प्रत्येक विधानसभा सीट (जैसे Samastipur, वारिसनगर, रोसेरा आदि) पर NDA बनाम महागठबंधन की वर्तमान स्थिति, 2020 के परिणाम और स्थानीय मुद्दों का प्रभाव पर चर्चा की गई है। नीचे दी गई सीट-वार जानकारी में 2020 के विजेताओं की जानकारी के लिए मीडिया रिपोर्टों के आंकड़े उद्धृत किए गए हैं।
2020 के चुनाव में जदयू के महेश्वर हजारी जीते थे। कल्याणपुर अनुसूचित जाति सीट पर NDA (सहयोगी जदयू) का कब्जा है। इस बार भी महेश्वर हजारी जदयू प्रत्याशी हैं और उन्हें NDA के कंधे पर भरोसा दिख रहा है। Statewide एग्जिट पोल रुझान NDA के पक्ष में हैं, इसलिए अनुमान है कि NDA यहां मजबूत बनेगा। प्रमुख स्थानीय मुद्दों में विकास कार्य और जातिगत समीकरण शामिल हैं, लेकिन वर्तमान रुझान NDA के पक्ष में ही दिख रहे हैं।
वारिसनगर विधानसभा सीट
वारिसनगर सीट पर 2020 में जदयू के अशोक कुमार जीते थे। अशोक कुमार (जदयू) जिलें की इस सीट पर लगातार जीत दर्ज कर चुके हैं। NDA गठबंधन में इस बार भी जदयू का कद्दावर उम्मीदवार है। एग्जिट पोल में NDA को भारी बहुमत का अनुमान दिख रहा है, इसलिए वारिसनगर में भी NDA पक्ष को फायदा मिलने की संभावना है। इस क्षेत्र में जदयू और LJP के समर्थक मजबूत हैं, और विकास के मुद्दे (सड़क, सिंचाई) का भी प्रभाव रहता है।
Samastipur विधानसभा सीट पर 2020 में RJD के अख्तरुल इस्लाम शाहिन जीते थे। यह सीट महागठबंधन (खासकर RJD) का गढ़ रही है। इस बार NDA ने भी इस सीट पर पूरी ताकत झोंक रखी है। बड़े पैमाने पर तेजस्वी यादव व राजद की पकड़ है, लेकिन Statewide रुझान NDA के पक्ष में हैं। स्थानीय मुद्दों में अतिक्रमण, बाढ़ नियंत्रण और आधारभूत विकास की मांग शामिल है। NDA गठबंधन इस क्षेत्र में जनाधार बढ़ाने की कोशिश कर रहा है, इसलिए मुकाबला कड़ा है।
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उजियारपुर विधानसभा सीट
उजियारपुर में 2020 में आरजेडी के आलोक कुमार मेहता विजयी हुए थे। यह सीट मध्यमवर्गीय मतदाता और कृषक समुदायों पर निर्भर है। इस बार NDA की ओर से भी प्रत्याशी मैदान में है। एग्जिट पोल के Statewide रुझानों के अनुसार NDA को बढ़त मिलने की उम्मीद है, जिससे उजियारपुर में भी मुकाबला कड़ा होने की संभावना है। कृषि एवं सिंचाई, रोजगार जैसे स्थानीय मुद्दे अहम हैं।
मोरवा विधानसभा सीट
मोरवा सीट पर 2020 में आरजेडी के राणविजय साहू जीते थे। यह भी RJD के प्रभुत्व वाली सीट मानी जाती है। NDA गठबंधन ने यहां भी सक्रिय रणनीति अपनाई है। पूरे बिहार में NDA की बढ़त के संकेत हैं, इसलिए मोरवा में भी NDA उम्मीदवारों को आत्मविश्वास दिखता है। इस क्षेत्र में सड़क निर्माण और आवागमन के मुद्दे चलते रहे हैं।
सरायरंजन पर 2020 में जदयू के विजय कुमार चौधरी (विजय चौधरी) जीते थे। NDA गठबंधन की यह सीट पारंपरिक रूप से मजबूत रही है। इस बार भी NDA (जदयू-बिहार जनता दल) प्रत्याशी यहां अग्रिम स्थिति में है। एग्जिट पोल के अनुमानों में NDA के लिए बहुमत की संभावनाएं जताई गई हैं, जिससे सरायरंजन में NDA की स्थिति जमी हुई मानी जाती है। स्थानीय मुद्दों में शिक्षा-संरचना और यातायात सुविधाएं शामिल रही हैं।
मोहिउद्दीननगर विधानसभा सीट
मोहिउद्दीननगर सीट पर 2020 में भाजपा के राजेश कुमार सिंह जीते थे। यह NDA के सहयोगी क्षेत्र बापू प्रताप शाही (JAP) की सीट भी रही है। NDA गठबंधन यहां भी प्रत्याशी खड़ा है। Statewide माहौल NDA के पक्ष में है, अतः मोहिउद्दीननगर में NDA प्रत्याशी मजबूत माने जा रहे हैं। क्षेत्र में बाढ़ नियंत्रण और सड़क संपर्क प्रमुख स्थानीय मुद्दे हैं।
बिभूतिपुर विधानसभा सीट
2020 में बिभूतिपुर सीट पर CPI(M) के अजय कुमार जीते थे, जो महागठबंधन के घटक थे। यह सीट वाम-रक्षा की पकड़ रखती है। NDA गठबंधन ने इस सीट पर भी प्रत्याशी मैदान में उतारा है। हालाँकि NDA के Statewide रुझानों में बढ़त दिखाई दे रही है, बिभूतिपुर में आक्रामक जनाधार की दृष्टि से मुकाबला कड़ा हो सकता है। कृषि और छात्रवृत्ति जैसे स्थानीय मुद्दे यहाँ फोकस में हैं।
रोसेरा (SC) विधानसभा सीट
रोसेरा अनुसूचित जाति सीट 2020 में भाजपा के बीरेंद्र कुमार ने जीती थी। यह NDA गठबंधन की सीट है। इस बार भी NDA की बढ़त के रुझान दिख रहे हैं, इसलिए रोसेरा में NDA प्रत्याशी के लिए स्थिति मजबूत मानी जा रही है। यहाँ दलित कल्याण योजनाएं और अधोसंरचना बने रहने की मांग रही है।
हसनपुर विधानसभा सीट
हसनपुर सीट पर 2020 में तेजप्रताप यादव जीते थे, लेकिन इस बार तेजप्रताप ने महुआ सीट से नामांकन किया है। राजद ने हसनपुर से महिला प्रत्याशी माला पुष्पम को उतारा है, जबकि NDA (जदयू) के राजकुमार राय दो बार के विधायक हैं। लोकल मुद्दे भी यहां महत्वपूर्ण हैं: हसनपुर बाजार में जाम की समस्या और बाइपास न होने की शिकायतें वर्षों से हैं, जो चुनावी बहस का हिस्सा हैं। एग्जिट पोल में NDA के पक्ष में रुझान दिखाई दे रहे हैं, लेकिन यहाँ के सामाजिक समीकरण और तेज प्रताप यादव की लोकप्रियता के कारण मुकाबला रोचक है।
विधानसभा सीट
एग्जिट पोल रुझान (किसे बढ़त / कैसी स्थिति?)
कल्याणपुर (SC)
NDA (मजबूत स्थिति)
वारिसनगर
NDA (फायदा मिलने की संभावना)
समस्तीपुर
कड़ा मुकाबला (NDA जनाधार बढ़ाने की कोशिश में)
उजियारपुर
कड़ा मुकाबला (NDA को बढ़त की उम्मीद)
मोरवा
NDA को आत्मविश्वास (RJD प्रभुत्व वाली सीट, कड़ा मुकाबला)
सरायरंजन
NDA (पारंपरिक रूप से मजबूत स्थिति)
मोहिउद्दीननगर
NDA (प्रत्याशी मजबूत माने जा रहे)
बिभूतिपुर
कड़ा मुकाबला (वाम दलों का आधार, NDA की चुनौती)
रोसेरा (SC)
NDA (प्रत्याशी के लिए मजबूत स्थिति)
हसनपुर
कड़ा मुकाबला (NDA पक्ष में रुझान, सामाजिक समीकरणों के कारण रोचक)
निष्कर्ष: बिहार के एग्जिट पोल अनुमान NDA की प्रबल बहुमत की ओर इशारा करते हैं। यदि ये रुझान सही साबित होते हैं, तो Samastipur जिले की कई सीटों पर भी NDA गठबंधन को सफलता मिलने की संभावना है। हालांकि कुछ सीटों पर महागठबंधन ने मजबूती दिखाई है, फिर भी Samastipur जिले में इस बार NDA गठबंधन की बढ़त देखी जा सकती है। लोकल मुद्दों और 2020 के मुकाबलों की तुलना में इस बार जनादेश में बदलाव के संकेत एग्जिट पोल में दिख रहे हैं।
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यह रिपोर्ट बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए विभिन्न मीडिया आउटलेट्स और सर्वेक्षण एजेंसियों द्वारा जारी किए गए एग्जिट पोल्स (Exit Polls) के अनुमानों और रुझानों पर आधारित है।
यह अंतिम परिणाम नहीं है: एग्जिट पोल केवल संभावित रुझानों को दर्शाते हैं और इन्हें वास्तविक चुनाव परिणाम नहीं माना जाना चाहिए।
परिवर्तन संभव: मतगणना के दौरान वास्तविक परिणाम इन एग्जिट पोल के अनुमानों से भिन्न हो सकते हैं।
जानकारी का स्रोत: यहाँ दी गई सभी जानकारी केवल सूचनात्मक उद्देश्य (Informational Purposes) के लिए है। हम पाठकों को सलाह देते हैं कि वे अंतिम परिणामों के लिए भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission of India - ECI) द्वारा जारी आधिकारिक घोषणाओं पर ही भरोसा करें।
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