जब देश आज़ाद हुआ था: शून्य से शक्ति तक भारत का सफर
15 अगस्त 1947 को हमने एक टूटी हुई विरासत संभाली—मात्र 32 वर्ष की जीवन प्रत्याशा, 12% साक्षरता और औपनिवेशिक लूट से खाली खजाना। इस गहन लेख में जानें कि कैसे नेहरू और शुरुआती सरकारों ने पूंजी की कमी के बावजूद IITs, ISRO और हरित क्रांति की नींव रखकर आधुनिक भारत की आधारशिला रखी। लाइसेंस राज क्यों ज़रूरी था? 1991 के सुधारों और वर्तमान में 25 करोड़ लोगों की गरीबी से मुक्ति तक, भारत के अभूतपूर्व उत्थान की पूरी, तथ्यात्मक गाथा जो आपकी आँखें खोल देगी।