दरभंगा | 14 मार्च 2026: उत्तर बिहार के सबसे बड़े और प्रमुख चिकित्सा केंद्र, दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (DMCH) में इन दिनों मरीजों के इलाज से ज्यादा आपराधिक घटनाओं की चर्चा हो रही है। अस्पताल परिसर अब उचक्कों और शातिर चोरों के लिए एक सुरक्षित पनाहगाह बन चुका है।
रात के अंधेरे में बेखौफ बदमाश लगातार सरकारी संपत्ति को अपना निशाना बना रहे हैं। अस्पताल की जीवन रक्षक प्रणालियों से लेकर महंगे उपकरणों तक की सरेआम चोरी की जा रही है, लेकिन अस्पताल और कॉलेज प्रशासन पूरी तरह से मूकदर्शक बना हुआ है।
प्रशासन द्वारा सुरक्षा के नाम पर निजी एजेंसियों को हर महीने लाखों रुपये का भुगतान किया जाता है। इसके बावजूद, अस्पताल परिसर में चोरी की यह लगातार बढ़ती घटनाएं सुरक्षा व्यवस्था की घोर विफलता और संभावित मिलीभगत की ओर सीधा इशारा कर रही हैं।
चोरी की ताजा और बेहद दुस्साहसिक घटना फोरेंसिक मेडिसिन विभाग (Forensic Medicine Department) में सामने आई है। उचक्कों ने विभाग के पोस्टमार्टम हाउस परिसर में स्थित ‘डिमॉन्सट्रेशन रूम’ पर अपना हाथ साफ किया है।
जानकारी के अनुसार, चोरों ने इस रूम में लगे चार महंगे एयर कंडीशनरों (AC) के तांबे के कॉयल को बड़ी ही सफाई से काट लिया। हैरानी की बात यह है कि भीषण गर्मी को देखते हुए हाल ही में इन सभी एसी की मरम्मत और सर्विसिंग कराई गई थी।
इस घटना ने कॉलेज प्रशासन की नींद उड़ा दी है। फोरेंसिक विभाग जैसा संवेदनशील इलाका, जहां अक्सर पुलिस और प्रशासन की आवाजाही रहती है, वहां से चार एसी के कॉयल चोरी हो जाना सीधे तौर पर सुरक्षा तंत्र की नाकामी को दर्शाता है।
लाखों रुपये खर्च करने के बाद भी सुरक्षा पूरी तरह फेल
Darbhanga के इस सबसे बड़े अस्पताल में मरीजों और सरकारी संपत्ति की सुरक्षा के लिए एक निजी आउटसोर्सिंग एजेंसी को ठेका दिया गया है। इस एजेंसी के दर्जनों सुरक्षा गार्ड पूरे परिसर में तैनात रहते हैं।
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कॉलेज और अस्पताल प्रशासन की ओर से इस सुरक्षा एजेंसी को हर महीने एक मोटी रकम का भुगतान किया जाता है। लेकिन जिस तरह से परिसर में एक के बाद एक चोरी की वारदातें हो रही हैं, उससे इन गार्डों की ड्यूटी और उनकी कार्यशैली पर बड़े सवालिया निशान खड़े हो गए हैं।
स्थानीय लोगों और अस्पताल के कर्मचारियों में इस बात को लेकर भारी रोष है। कई लोगों का तो यहां तक आरोप है कि बिना किसी अंदरूनी मिलीभगत के इतनी भारी-भरकम सरकारी संपत्ति को काटकर अस्पताल परिसर से बाहर ले जाना बिल्कुल भी संभव नहीं है।
डीएमसीएच में चोरी की यह कोई पहली या इकलौती घटना नहीं है। उचक्कों ने इससे पहले भी कॉलेज के अति-सुरक्षित माने जाने वाले प्रशासनिक भवन स्थित ‘परीक्षा भवन’ को अपना निशाना बनाया था।
शातिर चोरों ने परीक्षा भवन से बारी-बारी से कुल 12 एयर कंडीशनरों के तांबे के कॉयल काट लिए थे। इससे पहले भी परिसर के अन्य हिस्सों से आठ एसी के कॉयल चोरी हो चुके हैं। चोरों का मनोबल इतना बढ़ चुका है कि वे पोस्टमार्टम कॉम्प्लेक्स को भी कई बार खंगाल चुके हैं।
सबसे ज्यादा डराने वाली बात यह है कि इन उचक्कों ने डीएमसीएच के गायनी विभाग (Gynecology Department) परिसर से भी लाखों रुपये की सरकारी संपत्ति उड़ा ली है। मरीजों की जान बचाने के लिए लगाए गए ‘ऑक्सीजन पाइप’ और वहां लगे एसी के कॉयल हमेशा उनके मुख्य निशाने पर रहते हैं।
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इमरजेंसी में आए मरीज के परिजनों का टेंपो भी नहीं बख्शा
सरकारी उपकरणों की चोरी तक ही सीमित न रहकर, अब ये उचक्के अस्पताल में इलाज कराने आ रहे आम मरीजों और उनके बेबस परिजनों को भी नहीं बख्श रहे हैं। शुक्रवार को इमरजेंसी परिसर के ठीक बाहर एक बेहद शर्मनाक घटना घटी।
एक टेंपो चालक अपने गंभीर रूप से बीमार परिजन को इलाज के लिए डीएमसीएच की इमरजेंसी में लेकर आया था। जब वह अपने मरीज को अंदर वॉर्ड में भर्ती कराकर बाहर लौटा, तो उसने देखा कि उचक्कों ने उसके खड़े टेंपो से ‘स्टेपनी’ (Spare tire) ही चुरा ली है।
इस घटना के बाद पीड़ित चालक ने अस्पताल परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। इमरजेंसी वॉर्ड के सामने जहां हर वक्त लोगों की भीड़ और सुरक्षा गार्ड मौजूद होने चाहिए, वहां से दिनदहाड़े स्टेपनी चोरी हो जाना प्रशासन के मुंह पर एक करारा तमाचा है।
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Ashutosh Kumar Jha Admin
Ashutosh Jha एक डिजिटल पत्रकार और न्यूज़ लेखक हैं, जो भारत की राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, टेक्नोलॉजी और सामाजिक मुद्दों से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं। वे तथ्य आधारित रिपोर्टिंग और विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर समाचार लिखने के लिए जाने जाते हैं।डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहते हुए Ashutosh Jha ने कई महत्वपूर्ण विषयों पर विश्लेषणात्मक लेख और समाचार प्रकाशित किए हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक निष्पक्ष, प्रमाणिक और जनहित से जुड़ी जानकारी पहुँचाना है।वर्तमान में वे Khabar Aangan न्यूज़ प्लेटफॉर्म के माध्यम से देश-दुनिया की ताज़ा खबरों, सरकारी नीतियों, सामाजिक बदलाव और टेक्नोलॉजी से जुड़े विषयों पर नियमित लेखन और रिपोर्टिंग कर रहे हैं।