नई दिल्ली | 12 अप्रैल 2026: मध्य पूर्व (West Asia) में जारी भीषण तनाव के बीच एक बहुत बुरी खबर सामने आई है। पाकिस्तान में आयोजित एक मैराथन बैठक के बाद US और Iran के बीच चल रही शांति वार्ता बिना किसी नतीजे के समाप्त हो गई है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance ने बैठक के बाद एक कड़ा बयान जारी करते हुए कहा कि अमेरिका ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रस्ताव दिया था, लेकिन ईरान ने उसे ठुकरा दिया।
वार्ता विफल होने की इस खबर ने वैश्विक बाजारों में हड़कंप मचा दिया है। ‘खबर आंगन’ की इंटरनेशनल डेस्क ने इस घटना के बाद भारतीय शेयर बाजार, कच्चे तेल की कीमतों और रुपये पर पड़ने वाले असर की पूरी पड़ताल की है। जानकारों का मानना है कि कल यानी 13 अप्रैल 2026 को जब भारतीय बाजार खुलेंगे, तो निवेशकों को भारी उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ सकता है।
कच्चे तेल की कीमतों में आ सकता है भीषण उबाल
शांति वार्ता विफल होने का सबसे पहला और बड़ा असर कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों पर दिखने लगा है। वार्ता के दौरान उम्मीद थी कि तनाव कम होगा, लेकिन अब फिर से तेल की सप्लाई बाधित होने का डर सता रहा है। US द्वारा ईरान पर और कड़े प्रतिबंध लगाने की आशंका से ब्रेंट क्रूड की कीमतें फिर से 100 डॉलर प्रति बैरल के पार जा सकती हैं।
चूंकि भारत अपनी जरूरत का 80 प्रतिशत से ज्यादा तेल आयात करता है, इसलिए कच्चे तेल की कीमतों में होने वाली मामूली बढ़ोतरी भी देश की अर्थव्यवस्था के लिए बहुत बड़ा झटका साबित होगी। विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर तनाव जल्द कम नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी देखी जा सकती है।
भारतीय शेयर बाजार पर मंदी के काले बादल
Moneycontrol की रिपोर्ट और बाजार विशेषज्ञों के विश्लेषण के मुताबिक, कल शेयर बाजार में बिकवाली का भारी दबाव देखने को मिल सकता है। US और ईरान के बीच बढ़ता तनाव वैश्विक स्तर पर ‘जोखिम न उठाने’ (Risk-off) की भावना पैदा करता है, जिससे विदेशी निवेशक उभरते बाजारों जैसे भारत से अपना पैसा निकाल लेते हैं।
सेंसेक्स और निफ्टी में कल 1.5 से 2 प्रतिशत तक की गिरावट की आशंका जताई जा रही है। खासतौर पर ऑयल और गैस, एविएशन और पेंट कंपनियों के शेयरों पर सबसे बुरा असर पड़ेगा क्योंकि इन उद्योगों की लागत सीधे कच्चे तेल से जुड़ी होती है। वहीं, बाजार में बढ़ती अस्थिरता के कारण India VIX (डर का सूचकांक) में भी बड़ा उछाल आने की संभावना है।
