असम की संस्कृति और संगीत की दुनिया में आज का दिन बेहद भावुक और महत्वपूर्ण है। Zubeen Garg की रहस्यमयी मौत के मामले में आज वो घड़ी आ गई है जिसका इंतजार उनके लाखों फैंस कर रहे थे। गुवाहाटी में असम पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने आज, यानी 12 दिसंबर को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में अपनी चार्जशीट दाखिल कर दी है। इस चार्जशीट में जो खुलासे हुए हैं, उन्होंने सबको चौंका कर रख दिया है। पुलिस ने इसे महज एक हादसा नहीं, बल्कि एक सोची-समझी साजिश और हत्या करार दिया है।
पिछले तीन महीनों से Zubeen Garg के चाहने वाले इस सवाल का जवाब मांग रहे थे कि आखिर सिंगापुर में उस दिन क्या हुआ था। आज एसआईटी द्वारा दाखिल की गई 3,500 पन्नों की चार्जशीट ने उस काले सच से पर्दा उठा दिया है। जांच एजेंसी ने सिंगापुर इवेंट के आयोजक और जुबीन के मैनेजर समेत चार लोगों पर हत्या का औपचारिक आरोप लगाया है। यह खबर सामने आते ही पूरे पूर्वोत्तर भारत में सनसनी फैल गई है। सोशल मीडिया पर #JusticeForZubeen एक बार फिर ट्रेंड करने लगा है।
यह मामला केवल एक सेलिब्रिटी की मौत का नहीं, बल्कि विश्वासघात का भी है। जिन लोगों पर Zubeen Garg सबसे ज्यादा भरोसा करते थे, वही अब उनकी मौत के आरोपी बनकर सामने आए हैं। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने भी इस मामले में कड़ा रुख अपनाया था और अब पुलिस की जांच ने उनके दावों की पुष्टि कर दी है। आइए जानते हैं कि आज कोर्ट में क्या-क्या हुआ और चार्जशीट में किन लोगों के नाम शामिल हैं।
3500 पन्नों की चार्जशीट और हत्या की धारा 103
असम पुलिस की सीआईडी के नेतृत्व वाली एसआईटी ने आज गुवाहाटी कोर्ट में एक भारी-भरकम चार्जशीट पेश की। सूत्रों के मुताबिक, इस चार्जशीट में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103 (हत्या) के तहत आरोप लगाए गए हैं। पहले इस मामले को लापरवाही से हुई मौत के तौर पर देखा जा रहा था, लेकिन जांच आगे बढ़ने पर इसे हत्या की धारा में बदल दिया गया।
एसआईटी ने अपनी जांच में 300 से ज्यादा लोगों के बयान दर्ज किए हैं। इसमें सिंगापुर पुलिस की रिपोर्ट, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और टॉक्सिकोलॉजी रिपोर्ट को भी शामिल किया गया है। Zubeen Garg की मौत के परिस्थितियों को रिक्रिएट करने के लिए फोरेंसिक टीम ने कड़ी मेहनत की थी। चार्जशीट में कहा गया है कि आरोपियों ने जुबीन की सुरक्षा में जानबूझकर कोताही बरती और साजिश रची।