
बिहार में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया अब निर्णायक मोड़ पर आ चुकी है। विधानसभा चुनाव 2025 में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की प्रचंड जीत के बाद, अब केवल औपचारिकताओं का दौर बाकी है। आज (बुधवार, 19 नवंबर, 2025) का दिन बिहार की राजनीति के लिए बेहद अहम है, क्योंकि आज ही NDA के विधायक दल की संयुक्त बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में गठबंधन के नेता के नाम पर अंतिम और औपचारिक मुहर लगाई जाएगी, जिसके बाद नई सरकार के गठन का दावा राज्यपाल के समक्ष पेश किया जाएगा।
बीते कुछ दिनों से राजनीतिक गलियारों में यह सवाल तैर रहा था कि क्या भारतीय जनता पार्टी (BJP) गठबंधन में सबसे बड़ी पार्टी बनने के बाद मुख्यमंत्री पद पर अपना दावा ठोकेगी? लेकिन, शीर्ष नेतृत्व के सूत्रों और गठबंधन के नेताओं की बयानों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि NDA अपने पुराने वादे और चुनावी चेहरे के साथ खड़ा है। इसलिए, जनता दल यूनाइटेड (JDU) के प्रमुख नीतीश कुमार का फिर से मुख्यमंत्री बनना लगभग तय माना जा रहा है।
NDA बैठक का विस्तृत एजेंडा
NDA विधायक दल की संयुक्त बैठक से पहले, गठबंधन के दोनों मुख्य दल – बीजेपी और जेडीयू – अपने-अपने विधायक दल की अलग-अलग बैठकें आयोजित कर रहे हैं:
1.भाजपा विधायक दल की बैठक: सुबह 10:00 बजे पार्टी प्रदेश कार्यालय में आयोजित होगी। इस बैठक में बीजेपी विधायक दल के नेता का चुनाव होगा। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को इस प्रक्रिया के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक बनाया गया है।
2.जेडीयू विधायक दल की बैठक: सुबह 11:00 बजे मुख्यमंत्री आवास पर होगी, जिसमें जेडीयू के विधायक दल के नेता के रूप में नीतीश कुमार को औपचारिक रूप से चुना जाएगा।
3.NDA विधायक दल की संयुक्त बैठक: दोपहर 3:00 बजे विधानसभा स्थित सेंट्रल हॉल में होगी। इसी बैठक में दोनों दलों (और सहयोगी दलों) के समर्थन से नीतीश कुमार को सर्वसम्मति से NDA विधायक दल का नेता चुना जाएगा।
इस चुनाव के तुरंत बाद, नीतीश कुमार राज्यपाल के पास जाकर सरकार बनाने का विधिवत दावा पेश करेंगे।
10वीं बार शपथ और गांधी मैदान का इतिहास
यह बिहार के राजनीतिक इतिहास का एक अभूतपूर्व क्षण होगा जब नीतीश कुमार 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। उनके राजनीतिक करियर में यह तीसरा दशक है, जब वह बिहार के शीर्ष पद पर काबिज होने जा रहे हैं। शपथ ग्रहण समारोह ऐतिहासिक गांधी मैदान में होगा।
शपथ ग्रहण समारोह की भव्य तैयारी
इस बार शपथ ग्रहण समारोह को ऐतिहासिक और भव्य बनाने की तैयारी है। शपथ ग्रहण राजभवन के बजाय, पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में आयोजित किया जा रहा है।
तारीख: गुरुवार, 20 नवंबर 2025 (संभावित)।
अतिथि: समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत भाजपा और जेडीयू के कई शीर्ष नेताओं के शामिल होने की उम्मीद है।
संदेश: गांधी मैदान में शपथ ग्रहण करके NDA गठबंधन जनता के बीच एक मजबूत एकता और नई शुरुआत का संदेश देना चाहता है।
नीतीश का राजनीतिक सफर: इस्तीफों और शपथों का रिकॉर्ड
नीतीश कुमार का राजनीतिक सफर उतार-चढ़ाव से भरा रहा है, जिसने उन्हें ‘सुशासन बाबू’ के साथ-साथ ‘इस्तीफों के मास्टर’ की छवि भी दी है। उन्होंने बहुमत न होने, गठबंधन बदलने, और संवैधानिक प्रक्रिया के तहत विधानसभा भंग होने जैसे विभिन्न कारणों से अपने 20 वर्षों के कार्यकाल में कई बार इस्तीफा दिया और फिर शपथ ली है। इस 10वीं शपथ के साथ, वह भारतीय राजनीति में सबसे अधिक बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले नेताओं में से एक बन जाएंगे, जो उनके राजनीतिक कौशल और गठबंधन को साधने की कला का प्रतीक है।
मंत्रिमंडल का स्वरूप और शक्ति संतुलन
नई सरकार के गठन में सबसे महत्वपूर्ण पहलू मंत्रिमंडल का स्वरूप और सहयोगी दलों के बीच शक्ति संतुलन है। चुनाव में सीटों के आंकड़ों में बदलाव आया है, जिसका सीधा असर मंत्रिमंडल के बंटवारे पर दिखना तय है।






