पटना: बिहार के मुख्यमंत्री Nitish Kumar के इर्द-गिर्द छिड़ा हिजाब विवाद अब केवल एक राज्य का राजनीतिक मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि इसने ‘मर्यादा’ और ‘अधिकार’ की एक राष्ट्रीय बहस को जन्म दे दिया है। आज यानी 19 दिसंबर 2025 की शाम तक मिली ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, पटना के अणे मार्ग पर राजनीतिक हलचल अपने चरम पर पहुँच गई है।
यह विवाद तब शुरू हुआ जब एक सरकारी नियुक्ति समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने एक महिला डॉक्टर का हिजाब (नकाब) नीचे खींच दिया। इस एक घटना ने Nitish Kumar की उस ‘महिला समर्थक’ छवि पर सवाल खड़ा कर दिया है, जिसे उन्होंने पिछले दो दशकों में अपनी शराबबंदी और साइकिल योजना जैसी नीतियों से बनाया था।
खबर आंगन रिसर्च डेस्क ने इस पूरे विवाद का एक ‘360 डिग्री’ विश्लेषण तैयार किया है। इस रिपोर्ट में हम न केवल वर्तमान स्थिति की समीक्षा करेंगे, बल्कि उन कानूनी और सामाजिक पहलुओं को भी डिकोड करेंगे जो बिहार की भविष्य की राजनीति को प्रभावित करने वाले हैं।
1. अणे मार्ग पर ‘हाई-अलर्ट’: धमकियों के बाद सुरक्षा का घेरा
19 दिसंबर की दोपहर से मुख्यमंत्री Nitish Kumar के आवास की सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व रूप से बढ़ा दिया गया है। खुफिया विभाग को मिली जानकारी के अनुसार, इस विवाद के बाद सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री को लेकर कई आपत्तिजनक और धमकी भरे पोस्ट साझा किए जा रहे हैं।
सुरक्षा एजेंसियों ने मुख्यमंत्री के काफिले में अतिरिक्त बुलेटप्रूफ गाड़ियों को शामिल किया है। इसके साथ ही, अणे मार्ग और पटना के महत्वपूर्ण चौराहों पर दंगा नियंत्रण पुलिस (RPF) की तैनाती कर दी गई है ताकि किसी भी विरोध प्रदर्शन को हिंसक होने से रोका जा सके।
