इंटरनेट की दुनिया में खतरों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। अभी लोग “19 मिनट” के वीडियो स्कैम से संभल भी नहीं पाए थे कि अब एक और नए वीडियो ने सोशल मीडिया पर कोहराम मचा दिया है। पिछले 24 घंटों से 5 Minute Viral Video नामक कीवर्ड गूगल और ट्विटर (X) पर टॉप ट्रेंड कर रहा है।
दावा किया जा रहा है कि यह पुराने वायरल कांड का दूसरा हिस्सा (Part 2) है। लेकिन इस बार मामला पहले से कहीं ज्यादा गंभीर और संवेदनशील है।
इस नए वीडियो को लेकर साइबर एक्सपर्ट्स और पुलिस ने ‘रेड अलर्ट’ जारी कर दिया है। वजह यह है कि इस 5 मिनट 39 सेकंड के वीडियो में कथित तौर पर एक बच्चे (Child) के शामिल होने की बात कही जा रही है।
अगर यह सच है, तो इसे देखना या शेयर करना आपको पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) के तहत सलाखों के पीछे पहुंचा सकता है। यह महज एक वीडियो नहीं, बल्कि एक ऐसा जाल है जिसमें फंसने पर जमानत मिलना भी मुश्किल हो जाएगा।
आज की इस रिपोर्ट में हम आपको इस नए वायरल ट्रेंड की पूरी सच्चाई बताएंगे। क्यों इस वीडियो को सर्च करना आपके लिए सबसे बड़ी गलती साबित हो सकता है? क्या यह वीडियो असली है या फिर डीपफेक का एक और नमूना? और पुलिस ने इसे लेकर क्या सख्त चेतावनी दी है?
सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं के मुताबिक, यह नया वीडियो “19 मिनट” वाले वायरल वीडियो का सीक्वल बताया जा रहा है। इसे 5 Minute Viral Video या “5.39 Video” के नाम से सर्च किया जा रहा है। दावों के अनुसार, इस क्लिप में एक महिला और एक बच्चे को आपत्तिजनक स्थिति में देखा गया है।
यही वह बिंदु है जहां यह मामला बेहद खतरनाक हो जाता है। भारतीय कानून के मुताबिक, बच्चों से जुड़ी किसी भी तरह की आपत्तिजनक सामग्री (CSAM – Child Sexual Abuse Material) को देखना, शेयर करना, स्टोर करना या यहां तक कि सर्च करना भी एक गंभीर अपराध है। चाहे वीडियो असली हो या नकली, अगर उसमें बच्चा शामिल है, तो कानून अपना काम करेगा।
पॉक्सो एक्ट (POCSO Act): एक क्लिक और जिंदगी बर्बाद
इस वीडियो को लेकर सबसे बड़ी चेतावनी पॉक्सो एक्ट को लेकर है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अगर आपके फोन में यह 5 Minute Viral Video पाया जाता है, तो आप पर पॉक्सो एक्ट की धारा 13, 14 और 15 के तहत कार्रवाई हो सकती है।
- गैर-जमानती अपराध: इस कानून के तहत दर्ज मामलों में आसानी से जमानत नहीं मिलती।
- सजा: दोषी पाए जाने पर कम से कम 5 साल से लेकर उम्रकैद तक की सजा हो सकती है।
- डिजिटल फुटप्रिंट: अगर आपने वीपीएन (VPN) लगाकर या इनकॉग्निटो मोड में भी इसे सर्च किया है, तो भी साइबर सेल आपको ट्रैक कर सकती है।
इसलिए, जिज्ञासा के चक्कर में अपना भविष्य दांव पर न लगाएं। यह वीडियो देखने लायक नहीं है, बल्कि इससे दूर रहने में ही भलाई है।
क्या यह वीडियो भी फेक या डीपफेक है?
जिस तरह “19 मिनट” वाले वीडियो को पुलिस ने एआई (AI) जनरेटेड और डीपफेक बताया था, उसी तरह इस 5 Minute Viral Video की सत्यता पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। साइबर एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह वीडियो भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करके बनाया गया हो सकता है।
ठगों का मकसद सिर्फ सनसनी फैलाना है। वे जानते हैं कि “Part 2” और “Child” जैसे कीवर्ड्स लोगों का ध्यान खींचते हैं। एआई टूल्स की मदद से चेहरों को मॉर्फ (Morph) करना आजकल बहुत आसान हो गया है। हो सकता है कि वीडियो में दिख रहे लोग असली हों ही नहीं, लेकिन कानून की नजर में डीपफेक चाइल्ड पोर्नोग्राफी भी उतना ही बड़ा अपराध है जितना कि असली।
स्कैमर्स का पुराना खेल: लिंक क्लिक करो, डेटा गंवाओ
इस ट्रेंड के पीछे भी वही गिरोह सक्रिय है जो “19 मिनट” और “40 मिनट” वाले स्कैम चला रहा था। इंटरनेट पर 5 Minute Viral Video के नाम से जो लिंक शेयर किए जा रहे हैं, वे दरअसल ‘फिशिंग’ और ‘मैलवेयर’ के जाल हैं।
- कैसे होता है स्कैम: आप “Watch Full 5 Min Video” के लिंक पर क्लिक करते हैं।
- क्या होता है: वीडियो तो नहीं चलता, लेकिन आपके फोन में एक वायरस डाउनलोड हो जाता है।
- नुकसान: यह वायरस आपके बैंकिंग पासवर्ड, गैलरी के फोटो और कॉन्टैक्ट्स चुरा लेता है। कई मामलों में यूजर का कैमरा हैक करके उसे ब्लैकमेल (Sextortion) करने की कोशिश की जाती है।
पुलिस और साइबर सेल की चेतावनी
हालांकि इस स्पेसिफिक 5 मिनट वाले वीडियो पर अभी कोई अलग से प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं हुई है, लेकिन साइबर सेल की पुरानी एडवाइजरी अभी भी लागू है। पुलिस ने साफ किया है कि किसी भी वायरल एमएमएस (MMS) को फॉरवर्ड करना आईटी एक्ट की धारा 67B का उल्लंघन है।
विशेष रूप से वॉट्सऐप और टेलीग्राम ग्रुप एडमिन्स को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। अगर आपके ग्रुप में कोई मेंबर ऐसा कंटेंट डालता है, तो उसे तुरंत हटाना और पुलिस को रिपोर्ट करना एडमिन की जिम्मेदारी है। चुप रहना आपको सह-आरोपी बना सकता है।
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आपको क्या करना चाहिए?
- इग्नोर करें: अगर सोशल मीडिया पर ऐसा कोई वीडियो या लिंक दिखे, तो उसे इग्नोर करें।
- रिपोर्ट करें: उस पोस्ट या लिंक को तुरंत प्लेटफॉर्म पर रिपोर्ट करें।
- डिलीट करें: अगर गलती से डाउनलोड हो गया है, तो उसे ‘परमानेंटली डिलीट’ करें।
- सर्च न करें: गूगल या किसी भी ब्राउज़र पर इस वीडियो को खोजने की कोशिश न करें। आपका आईपी एड्रेस मॉनिटर किया जा सकता है।
निष्कर्ष
5 Minute Viral Video का ट्रेंड महज एक डिजिटल ट्रैप है। इसमें फंसने का मतलब है कानूनी दांव-पेच और सामाजिक बदनामी। एक जिम्मेदार नागरिक बनें और ऐसे कंटेंट के प्रसार को रोकने में मदद करें। याद रखें, इंटरनेट पर आपकी सुरक्षा आपके अपने हाथ में है।
Related Disclaimer : यह लेख साइबर सुरक्षा चेतावनियों और भारतीय कानूनों (विशेषकर POCSO एक्ट) के प्रावधानों पर आधारित है। हम किसी भी प्रकार की अवैध सामग्री के प्रसार का कड़ा विरोध करते हैं। हमारा उद्देश्य पाठकों को कानूनी और डिजिटल खतरों के प्रति जागरूक करना है।