नई दिल्ली: इंटरनेट पर किसी की निजता को तार-तार करने वाले ’19 मिनट’ जैसे वीडियो और एमएमएस लीक की बढ़ती घटनाओं ने अब भारत सरकार के सब्र का बांध तोड़ दिया है। क्या आपने कभी सोचा है कि जिस वीडियो को आप सिर्फ मनोरंजन के लिए फॉरवर्ड कर रहे हैं, वह आपको अगले 7 सालों के लिए सलाखों के पीछे पहुँचा सकता है?
आज यानी 27 दिसंबर 2025 की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, केंद्र सरकार ने ‘डिजिटल इंडिया’ को सुरक्षित बनाने के लिए उन सभी रास्तों को बंद कर दिया है जिनका फायदा उठाकर अब तक अश्लील और आपत्तिजनक कंटेंट फैलाया जाता था। पिछले कुछ हफ्तों में ’19:34′ वाले वीडियो के नाम पर हुए साइबर फ्रॉड और डीपफेक के गंदे खेल ने गृह मंत्रालय और आईटी मिनिस्ट्री को एक कड़ा ‘एक्शन प्लान’ लागू करने पर मजबूर कर दिया है।
खबर आंगन रिसर्च डेस्क ने सरकार के नए ‘मास्टर प्लान’ का गहराई से विश्लेषण किया है। इस रिपोर्ट में हम जानेंगे कि कैसे अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को महज 24 घंटे के अंदर वीडियो हटाना होगा और कैसे नए DPDP Rules 2025 आपकी प्राइवेसी के सबसे बड़े रक्षक बनने वाले हैं। यदि आप भी सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं, तो सरकार की ये नई ‘डिजिटल लक्ष्मण रेखा’ आपके लिए जानना बेहद ज़रूरी है।
सरकार का नया हथियार: 24 घंटे में खत्म होगा एमएमएस का खेल
रेलवे ग्रुप डी परीक्षा हो या कोई बड़ा सिनेमाई रिलीज, इंटरनेट पर लीक होने वाली चीजों ने हमेशा सिस्टम को चुनौती दी है। लेकिन अब एमएमएस लीक के मामले में सरकार ने ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई है। नए आईटी नियमों (IT Rules 2025) के तहत अब किसी भी आपत्तिजनक वीडियो या फोटो की शिकायत मिलने पर सोशल मीडिया कंपनियों को उसे 24 घंटे के भीतर हटाना अनिवार्य होगा।
यदि फेसबुक, इंस्टाग्राम या ट्विटर (X) जैसे प्लेटफॉर्म्स ऐसा करने में नाकाम रहते हैं, तो वे अपनी ‘सेफ हार्बर’ (Safe Harbour) सुरक्षा खो देंगे। इसका सीधा मतलब है कि उस वीडियो के लिए अब केवल अपलोड करने वाला ही नहीं, बल्कि वह प्लेटफॉर्म भी कानूनी तौर पर ज़िम्मेदार होगा। सरकार ने साफ़ कर दिया है कि अब “हमें जानकारी नहीं थी” वाला बहाना नहीं चलेगा।
