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Kuldeep Sengar : क्या सलाखों से बाहर आएगा उन्नाव का गुनहगार? दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट में ‘महायुद्ध’ शुरू

क्या कुलदीप सेंगर को मिली जमानत उन्हें सच में जेल से बाहर लाएगी? आखिर क्यों सीबीआई को सुप्रीम कोर्ट भागना पड़ा?
Khabar Aangan Published on: 27 दिसम्बर 2025
Kuldeep Sengar : क्या सलाखों से बाहर आएगा उन्नाव का गुनहगार? दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट में ‘महायुद्ध’ शुरू
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नई दिल्ली: “इंसाफ की जीत हुई या कानून की हार?”—यह सवाल आज पूरे देश की जुबान पर है। उन्नाव रेप कांड के मुख्य दोषी और पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को लेकर पिछले तीन दिनों में जो कुछ भी हुआ है, उसने भारतीय न्यायपालिका के इतिहास में एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। क्या आपने कभी सोचा था कि उम्रकैद की सजा काट रहा अपराधी अचानक ‘जमानत’ की दहलीज पर खड़ा होगा?

आज यानी 27 दिसंबर 2025 की सबसे बड़ी कानूनी खबर यह है कि कुलदीप सिंह सेंगर की रिहाई की उम्मीदों पर एक बार फिर ‘ब्रेक’ लग गया है। जहाँ 23 दिसंबर को दिल्ली हाई कोर्ट ने उनकी सजा को सस्पेंड (Suspend) करते हुए जमानत दी थी, वहीं कल देर शाम यानी 26 दिसंबर 2025 को सीबीआई (CBI) ने सुप्रीम कोर्ट में ‘स्पेशल लीव पिटीशन’ (SLP) दाखिल कर इस रिहाई को खुली चुनौती दे दी है।

खबर आंगन रिसर्च डेस्क ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल इस याचिका और दिल्ली हाई कोर्ट के उस विवादित आदेश की बारीकियों को डिकोड किया है। आखिर क्यों पीड़िता की माँ ने इंडिया गेट पर विरोध प्रदर्शन किया और क्यों राहुल गांधी को इस मामले में हस्तक्षेप करना पड़ा? इस रिपोर्ट में हम उस ‘कानूनी शतरंज’ का खुलासा करेंगे जो साल 2025 के इस अंतिम सप्ताह की सबसे सनसनीखेज कहानी बन गई है।

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दिल्ली हाई कोर्ट का वो फैसला जिसने सबको चौंकाया

23 दिसंबर 2025 को दिल्ली हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच ने एक ऐसा आदेश सुनाया जिसकी उम्मीद किसी को नहीं थी। कोर्ट ने कुलदीप सिंह सेंगर की उम्रकैद की सजा को उनकी अपील लंबित रहने तक सस्पेंड कर दिया। अदालत ने उन्हें 15 लाख रुपये के निजी मुचलके और कुछ कड़ी शर्तों के साथ रिहा करने का आदेश दिया।

इस फैसले के पीछे कोर्ट का तर्क था कि सेंगर पिछले 7 साल और 5 महीने से जेल में हैं और उनकी अपील पर सुनवाई में देरी हो रही है। खबर आंगन की पड़ताल के अनुसार, कोर्ट ने सेंगर पर यह पाबंदी भी लगाई कि वे पीड़िता के घर के 5 किलोमीटर के दायरे में नहीं जा सकेंगे। लेकिन इस फैसले ने पूरे देश में एक आक्रोश पैदा कर दिया है, क्योंकि ट्रायल कोर्ट ने उन्हें ‘मरते दम तक’ जेल में रहने की सजा सुनाई थी।


CBI की सुप्रीम कोर्ट में एंट्री: क्या रुक जाएगी रिहाई?

हाई कोर्ट के आदेश के बाद कल, यानी 26 दिसंबर 2025 की रात को सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया। सीबीआई का तर्क है कि कुलदीप सेंगर एक बेहद रसूखदार व्यक्ति हैं और उनके बाहर आने से पीड़िता और उसके परिवार की जान को खतरा हो सकता है।

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