मिथिलांचल की लाइफलाइन कहे जाने वाले Darbhanga Airport पर आज सुबह एक अलग ही नजारा देखने को मिला। पिछले 96 घंटों से जो रनवे घने कोहरे की चादर में लिपटा हुआ था, वहां आज फिर से विमानों की गड़गड़ाहट सुनाई दी।
15 दिसंबर की सुबह यात्रियों के लिए नई उम्मीद लेकर आई। चार दिनों तक उड़ानों के रद्द होने और डायवर्ट होने के बाद आखिरकार हवाई सेवा फिर से पटरी पर लौट आई है। हजारों यात्री जो दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु जाने के लिए हताश होकर एयरपोर्ट के चक्कर काट रहे थे, उनके चेहरों पर आज राहत की मुस्कान है।
लेकिन खुशियों का यह सिलसिला यहीं नहीं थमता। उड़ानों की बहाली के साथ ही एक और ऐसी खबर आई है जिसका इंतजार पिछले तीन साल से पूरा मिथिलांचल कर रहा था। एयरपोर्ट के विस्तार और नाइट लैंडिंग सुविधा के रास्ते में जो सबसे बड़ा रोड़ा अटका हुआ था, वह अब हट गया है।
जल संसाधन विभाग ने एक महत्वपूर्ण एनओसी (NOC) जारी कर दी है, जो Darbhanga Airport के भविष्य को पूरी तरह बदल देगी।
आज की इस विस्तृत ग्राउंड रिपोर्ट में हम आपको बताएंगे कि पिछले चार दिनों में यात्रियों ने किस तरह की मुसीबतों का सामना किया, आज का फ्लाइट शेड्यूल कैसा रहा और वह कौन सी बड़ी खुशखबरी है जो अब रात में भी विमानों को उतरने की इजाजत देगी।