Darbhanga Murder: 15 धूर जमीन के लिए चचेरे भाई की हत्या, सबूत मिटाने के लिए गाछी में जलाया शव
महज 15 धूर जमीन के लिए अपनों ने खेला खूनी खेल! चचेरे भाई की हत्या कर गाछी में जलाया शव। इस बहुचर्चित Darbhanga Murder मामले में एक आरोपी गिरफ्तार, पढ़ें क्राइम रिपोर्ट।
बिहार के दरभंगा जिले से एक बेहद खौफनाक और रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है। यहां महज 15 धूर जमीन के लालच में अपनों ने ही एक हंसते-खेलते परिवार को खून के आंसू रुला दिए। एक 32 वर्षीय युवक की बेरहमी से हत्या कर दी गई और उसके बाद सबूत मिटाने की खौफनाक साजिश रची गई।
इस दर्दनाक Darbhanga Murder मामले ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। अपराधियों के हौसले इतने बुलंद थे कि उन्होंने न सिर्फ हत्या की, बल्कि पुलिस से बचने के लिए शव को गांव के ही एक बगीचे (गाछी) में ले जाकर जला दिया। यह पूरी दुस्साहसिक वारदात बहेड़ी थाना क्षेत्र के शिवराम गांव की है।
‘खबर आंगन’ की क्राइम इन्वेस्टिगेशन डेस्क ने इस खूनी वारदात की पूरी जमीनी पड़ताल की है। शुरुआती जांच और मृतक के परिजनों के बयानों से यह साफ हो गया है कि यह कोई अचानक हुआ हादसा नहीं था। यह जमीन के लालच में रची गई एक बेहद सोची-समझी और क्रूर साजिश थी।
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शराब पिलाकर लिखवाई थी जमीन, विरोध बना हत्या का कारण
पुलिस की सघन तफ्तीश में इस Darbhanga Murder केस की जो असल वजह सामने आई है, वह बेहद हैरान करने वाली है। मृतक की पहचान शिवराम गांव के रहने वाले 32 वर्षीय बबलू लालदेव के रूप में हुई है। बबलू की हत्या किसी और ने नहीं, बल्कि उसके सगे चचेरे भाइयों ने ही की है।
मृतक के बहनोई (जीजा) राजेश लालदेव ने पुलिस को दी गई अपनी लिखित शिकायत में इस पूरी साजिश का पर्दाफाश किया है। उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले आरोपियों ने बबलू के पिता घूरन लालदेव को धोखे से भारी मात्रा में शराब पिलाई थी। नशे की हालत का फायदा उठाकर आरोपियों ने एक बड़ा खेल कर दिया।
नशे में धुत पिता से चचेरे भाई अशोक लालदेव और श्याम लालदेव ने महज 70 हजार रुपये में 15 धूर जमीन की रजिस्ट्री अपने नाम करवा ली थी। जब बेटे बबलू लालदेव को इस धोखाधड़ी का पता चला, तो उसने इस सौदे का पुरजोर विरोध किया। यही कड़ा विरोध उसकी दर्दनाक मौत का सबसे बड़ा कारण बन गया।
सबूत मिटाने की खौफनाक साजिश: गाछी में जलाया शव
जमीन के इस फर्जीवाड़े का विरोध करने पर आरोपियों ने बबलू को रास्ते से हमेशा के लिए हटाने की ठान ली। गुरुवार की सुबह जब गांव वाले अपने काम में व्यस्त थे, तब इन चचेरे भाइयों ने बबलू की निर्मम तरीके से हत्या कर दी। लेकिन इस Darbhanga Murder केस में उनका खूनी खेल यहीं नहीं रुका।
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कानून और पुलिस की नजरों से बचने के लिए आरोपियों ने एक बेहद खौफनाक कदम उठाया। वे बबलू के शव को घसीटते हुए गांव के ही एक सुनसान बगीचे (गाछी) में ले गए। वहां उन्होंने आनन-फानन में चिता सजाकर शव को आग के हवाले कर दिया, ताकि हत्या का कोई भी सुराग या सबूत बाकी न रहे।
इस वीभत्स घटना की जानकारी मृतक के जीजा राजेश लालदेव को उनके साढ़ू अनुज लालदेव ने फोन पर दी। सूचना मिलते ही राजेश अपनी पत्नी रंगीला देवी के साथ बदहवास हालत में शिवराम गांव पहुंचे। वहां बगीचे से उठते धुएं और अधजले शव को देखकर पूरे परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई और चीख-पुकार मच गई।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और एफएसएल (FSL) जांच
हत्या और शव जलाए जाने की भनक लगते ही पूरे शिवराम गांव में दहशत का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना बहेड़ी थाना पुलिस को दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए थानाध्यक्ष सूरज कुमार गुप्ता भारी पुलिस बल के साथ तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गए और इलाके की घेराबंदी कर दी।
पुलिस ने बगीचे से बबलू के अधजले शव और हड्डियों के अवशेषों को अपने कब्जे में ले लिया है। हत्या के सटीक कारणों और मौत के समय का पता लगाने के लिए शव के अवशेषों को पोस्टमार्टम के लिए दरभंगा मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (DMCH) भेज दिया गया है।
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इसके साथ ही, मौके से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने के लिए फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की एक विशेष टीम को भी बुलाया गया। एफएसएल टीम ने राख, हड्डियों के टुकड़ों और आस-पास के खून के धब्बों के सैंपल कलेक्ट किए हैं, जो इस Darbhanga Murder केस में आरोपियों को कड़ी सजा दिलाने में अहम भूमिका निभाएंगे।
एफआईआर दर्ज, एक मुख्य आरोपी गिरफ्तार
मृतक के जीजा राजेश लालदेव के आधिकारिक बयान के आधार पर बहेड़ी थाने में हत्या और साक्ष्य मिटाने की नामजद एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली गई है। इस कड़ी कार्रवाई में तीन लोगों—अशोक लालदेव, श्याम लालदेव और उनके पिता सीताराम लालदेव को मुख्य रूप से नामजद आरोपी बनाया गया है।
पुलिस की विशेष टीमों ने आरोपियों की धरपकड़ के लिए इलाके में ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू कर दी है। ताजा जानकारी के अनुसार, पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक मुख्य आरोपी (अशोक लालदेव) को गिरफ्तार कर लिया है। उससे कड़ाई से पूछताछ की जा रही है ताकि बाकी फरार आरोपियों के छिपे होने के ठिकानों का पता लगाया जा सके।
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हमारा निष्कर्ष
महज 15 धूर जमीन के टुकड़े के लिए अपने ही भाई का बेरहमी से खून बहा देना, हमारे समाज के गिरते नैतिक मूल्यों की एक बेहद डरावनी तस्वीर पेश करता है। बिहार में जमीन विवाद को लेकर हत्याओं का यह सिलसिला लगातार बढ़ता जा रहा है, जो पुलिस-प्रशासन के साथ-साथ आम जनमानस के लिए भी एक गहरी चिंता का विषय है।
इस Darbhanga Murder मामले में पुलिस की त्वरित कार्रवाई और एफएसएल टीम की तैनाती एक सकारात्मक कदम है। अब यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि गिरफ्तार आरोपी को न्यायपालिका से सख्त से सख्त सजा मिले। ‘खबर आंगन’ कानून-व्यवस्था का सम्मान करता है और उम्मीद करता है कि पीड़ित परिवार को इस मुश्किल घड़ी में जल्द से जल्द न्याय मिलेगा।
Disclaimer: इस न्यूज़ रिपोर्ट में दी गई सभी जानकारियां (हत्या, एफआईआर और गिरफ्तारी) बहेड़ी थाना पुलिस के आधिकारिक बयानों और 27 फरवरी 2026 की नवीनतम मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित हैं। ‘खबर आंगन’ पुलिस जांच का पूर्णतः सम्मान करता है। मामला अभी पुलिस की सघन जांच के अधीन है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
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