
दरभंगा: उत्तर बिहार के लिए स्वास्थ्य सेवाओं की संजीवनी माने जाने वाले AIIMS Darbhanga के निर्माण को लेकर एक बड़ी प्रशासनिक अपडेट सामने आई है। शोभन बाईपास पर बनने वाले एम्स तक मरीजों की पहुंच को सुगम बनाने के लिए जिला प्रशासन ने ‘कनेक्टिविटी प्लान’ को अंतिम रूप दे दिया है।
नई परियोजना के तहत अब शहर से एम्स की दूरी सिमटकर महज 6 किलोमीटर रह जाएगी। इसके लिए शोभन से एकमी घाट तक की सड़क को फोर-लेन (Four-Lane) में तब्दील किया जाएगा और जाम से मुक्ति के लिए एक एलिवेटेड रोड का निर्माण होगा।
डीएम राजीव रौशन ने हाल ही में पथ निर्माण विभाग और अन्य वरीय अधिकारियों के साथ एक हाई-लेवल बैठक में इस रोडमैप की समीक्षा की है। प्रशासन का पूरा जोर इस बात पर है कि अस्पताल शुरू होने से पहले ही वहां तक पहुंचने का इंफ्रास्ट्रक्चर वर्ल्ड क्लास हो, ताकि एंबुलेंस और गंभीर मरीजों को एक मिनट की भी देरी न हो।
शोभन-एकमी फोर-लेन: 15 मिनट में एम्स का सफर
जिला प्रशासन द्वारा तैयार किए गए प्रस्ताव के अनुसार, एकमी घाट से शोभन बाईपास तक की मौजूदा सड़क का चौड़ीकरण किया जाएगा। अभी यह सड़क संकरी है और इस पर ट्रैफिक का दबाव ज्यादा रहता है। नई योजना के तहत इसे फोर-लेन हाइवे के रूप में विकसित किया जाएगा।
अधिकारियों ने बताया कि इस सड़क के बनने से शहर के किसी भी कोने से AIIMS Darbhanga तक पहुंचने में अधिकतम 10 से 15 मिनट का समय लगेगा। लहेरियासराय और दरभंगा शहर की घनी आबादी को अब नेशनल हाइवे पर जाने के लिए लंबा चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। यह सड़क सीधे एम्स के मुख्य द्वार तक कनेक्टिविटी प्रदान करेगी।
800 मीटर एलिवेटेड रोड: ट्रैफिक सिग्नल फ्री एंट्री
एम्स जैसे संस्थान में सबसे बड़ी चुनौती गेट पर लगने वाला जाम होता है। इसी को ध्यान में रखते हुए, एम्स परिसर के पास लगभग 800 मीटर लंबा एक ‘एलिवेटेड रोड’ (Elevated Corridor) बनाने का प्रस्ताव है। यह एलिवेटेड रोड शोभन बाईपास से शुरू होकर सीधे अस्पताल के एंट्री गेट को कनेक्ट करेगा।
पथ प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता के अनुसार, इस एलिवेटेड रोड का मकसद लोकल ट्रैफिक और अस्पताल जाने वाले ट्रैफिक को अलग करना है। इससे एंबुलेंस को ‘ग्रीन कॉरिडोर’ जैसा रास्ता मिलेगा। यह दरभंगा जिले का अपनी तरह का पहला और सबसे आधुनिक सड़क प्रोजेक्ट होगा।
150 एकड़ जमीन हस्तांतरण और मिट्टी भराई
परियोजना की प्रगति पर नजर डालें तो बिहार सरकार ने शोभन बाईपास स्थित 150.13 एकड़ जमीन केंद्र सरकार को विधिवत रूप से हस्तांतरित कर दी है। चूंकि यह इलाका ‘लो-लैंड’ (Low Land) क्षेत्र में आता था, इसलिए यहां मिट्टी भराई का काम एक बड़ी चुनौती थी।
ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य सरकार द्वारा मिट्टी भराई का काम अंतिम चरण में है। जमीन को सड़क के लेवल तक लाया जा रहा है ताकि बारिश के मौसम में जलजमाव की समस्या न हो। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की टीम ने भी साइट का मुआयना कर इसे निर्माण के लिए उपयुक्त बताया है। चारदीवारी का निर्माण कार्य भी जल्द शुरू होने के संकेत हैं।
रियल एस्टेट और रोजगार के नए अवसर
AIIMS Darbhanga की कनेक्टिविटी बेहतर होने की खबर से शोभन और एकमी इलाके की आर्थिकी बदलने लगी है। जिस 6 किलोमीटर के दायरे में फोर-लेन बनने वाला है, वहां जमीनों की कीमतें आसमान छू रही हैं। शहर का विस्तार अब पश्चिम दिशा की ओर तेजी से हो रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सड़क और एम्स के बनते ही इस इलाके में होटल, फार्मेसी, डायग्नोस्टिक सेंटर और लॉज का एक नया इकोसिस्टम तैयार होगा। इससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष अवसर पैदा होंगे।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर, AIIMS Darbhanga अब सिर्फ कागजों पर नहीं, बल्कि धरातल पर आकार लेता दिख रहा है। 6 किलोमीटर की कनेक्टिविटी और एलिवेटेड रोड का फैसला यह दर्शाता है कि प्रशासन इसे लेकर गंभीर है। यह प्रोजेक्ट न केवल मिथिलांचल बल्कि नेपाल और सीमांचल के करोड़ों लोगों के लिए जीवन रक्षक साबित होगा।
Related Disclaimer : यह समाचार रिपोर्ट 15 दिसंबर 2025 तक उपलब्ध आधिकारिक प्रशासनिक बैठकों और पथ निर्माण विभाग के प्रस्तावों पर आधारित है। निर्माण योजनाओं और समयसीमा में सरकारी मंजूरी के आधार पर परिवर्तन संभव है।
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