दरभंगा | 22 अप्रैल 2026: बिहार के दरभंगा जिले में पुलिस प्रशासन का दोहरा रवैया आम जनता के लिए भारी परेशानी का सबब बन चुका है। पुलिस सिर्फ दोपहिया वाहन चालकों का चालान काटने में व्यस्त है। वहीं दूसरी ओर शहर के मुख्य बाजारों और चौराहों पर अतिक्रमणकारियों ने पूरी सड़क पर अपना स्थायी कब्जा जमा लिया है जिस पर प्रशासन मौन है।
जिले में अतिक्रमण ने शहर की यातायात व्यवस्था को पूरी तरह से पंगु बना दिया है। ‘खबर आंगन’ की खास पड़ताल में प्रशासन की भारी लापरवाही और दिखावटी कार्रवाई की पोल खुल गई है। ऐतिहासिक दरभंगा टावर चौक के चारों तरफ सड़क पर दुकानदारों और ठेले वालों का पूरा और अवैध कब्जा हो चुका है।
ऐतिहासिक दरभंगा टावर और मिर्जापुर रोड की दयनीय स्थिति
शहर के हृदय स्थल यानी ऐतिहासिक दरभंगा टावर की स्थिति आज के समय में अत्यंत दयनीय और खराब हो चुकी है। टावर चौक से चारो तरफ जाने वाली सभी मुख्य सड़कों पर अवैध अतिक्रमण का पूरा राज चल रहा है। रसूखदार दुकानदारों और ठेले वालों ने मुख्य मार्ग को अपनी जागीर समझकर भारी सामान फैला रखा है।
दरभंगा टावर से मिर्जापुर जाने वाली मुख्य सड़क की स्थिति सबसे ज्यादा खराब और दयनीय है। इस पूरी सड़क के एक बड़े हिस्से पर खाने पीने के ठेले वालों ने अपना स्थायी कब्जा जमा लिया है। यह गंभीर जांच का विषय है कि इन दुकानदारों को प्रशासन से सड़क घेरने का कोई टेंडर मिला है या अपनी मर्जी चल रही है।
पुराना बस स्टैंड और इनकम टैक्स चौक पर लगता है भयंकर जाम
यह भारी अतिक्रमण सिर्फ टावर चौक तक ही सीमित बिल्कुल नहीं है। पुराना बस स्टैंड और इनकम टैक्स चौक के पास भी बिल्कुल यही दयनीय और खराब हाल देखने को मिलता है। इन सभी प्रमुख और व्यस्त इलाकों में खाने पीने के कई ठेले वालों ने सड़क के एक बड़े हिस्से पर अपना स्थायी कब्जा जमा रखा है।

