नई दिल्ली, 14 दिसंबर: आज के भागदौड़ भरे जीवन में मानसिक स्वास्थ्य एक गंभीर चुनौती बनकर उभरा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, भारत में हर छठा व्यक्ति किसी न किसी रूप में मानसिक तनाव या Depression का शिकार है।
अक्सर लोग इसे केवल ‘मन की उदासी’ समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन चिकित्सा विज्ञान इसे एक गंभीर बीमारी मानता है जिसका समय रहते इलाज जरूरी है। इस विस्तृत रिपोर्ट में हम जानेंगे कि आखिर डिप्रेशन क्यों होता है और वैज्ञानिक तरीकों से इससे कैसे बाहर निकला जा सकता है।
मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि डिप्रेशन केवल एक मानसिक स्थिति नहीं है, बल्कि यह हमारे शरीर के रसायनों (Hormones) में हुए बदलाव का परिणाम है।
जब मस्तिष्क में सेरोटोनिन और डोपामाइन जैसे ‘हैप्पी हार्मोन्स’ का स्तर गिर जाता है, तो व्यक्ति को Depression के लक्षण महसूस होने लगते हैं। अच्छी खबर यह है कि सही जीवनशैली और थोड़ी सी जागरूकता से इसे पूरी तरह हराया जा सकता है।
1. अपनी भावनाओं को स्वीकार करें और व्यक्त करें
विशेषज्ञों का मानना है कि Depression से उबरने का सबसे पहला कदम यह स्वीकार करना है कि आप ठीक नहीं हैं। हमारे समाज में मानसिक स्वास्थ्य पर बात करना आज भी एक ‘टैबू’ (Taboo) माना जाता है। लोग “लोग क्या कहेंगे” के डर से अपनी परेशानियां छुपाते हैं।