भारत के सबसे चर्चित ‘घोस्ट हंटर’ और इंडियन पैरानॉर्मल सोसाइटी के संस्थापक Gaurav Tiwari की मौत का रहस्य 9 साल बाद भी अनसुलझा है। साल 2016 की वह काली रात आज भी लोगों के जेहन में ताजा है।
हाल ही में ओटीटी पर रिलीज हुई वेब सीरीज ‘भय’ (Bhay) ने इस केस की फाइलों को फिर से खोल दिया है। आखिर एक ऐसा इंसान जो 6,000 से ज्यादा हॉन्टेड जगहों पर गया, वह अपने ही घर के बाथरूम में रहस्यमयी हालात में मृत कैसे मिला?
क्या यह आत्महत्या थी या वाकई किसी ‘अदृश्य शक्ति’ (Negative Force) ने Gaurav Tiwari का गला घोंट दिया था? पुलिस की फाइलें बंद हो चुकी हैं, लेकिन सवाल आज भी जिंदा हैं।
7 जुलाई 2016: उस रात क्या हुआ था?
दिल्ली के द्वारका सेक्टर-19 में रहने वाले Gaurav Tiwari के घर उस दिन सब कुछ सामान्य था। रात के करीब 11 बजे थे। गौरव अपने बेडरूम से निकलकर बाथरूम में नहाने गए।
कुछ देर तक पानी गिरने की आवाज आती रही। अचानक बाथरूम से एक जोर की ‘धम्म’ की आवाज आई। उनकी पत्नी और माता-पिता दौड़कर वहां पहुंचे, लेकिन दरवाजा अंदर से लॉक था।
काफी मशक्कत के बाद जब दरवाजा तोड़ा गया, तो गौरव जमीन पर बेसुध पड़े थे। उनकी गर्दन पर एक गहरा काला निशान था। यह निशान ऐसा लग रहा था मानो किसी ने बहुत ताकत से उनका गला दबाया हो।
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उन्हें तुरंत पास के अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हैरानी की बात यह थी कि बाथरूम में गौरव अकेले थे, तो फिर उनका गला किसने दबाया?
पत्नी का खौफनाक खुलासा: ‘वो मुझे खींच रही है’
मौत के बाद Gaurav Tiwari की पत्नी ने पुलिस को जो बयान दिया, उसने इस केस को पूरी तरह ‘पैरानॉर्मल’ मोड़ दे दिया। उन्होंने बताया कि घटना से कुछ दिन पहले गौरव बहुत परेशान थे।
गौरव ने अपनी पत्नी से कहा था, “एक नकारात्मक शक्ति (Negative Force) मुझे अपनी ओर खींच रही है। मैं उसे कंट्रोल करने की कोशिश कर रहा हूँ, लेकिन वो बहुत ताकतवर है।”
सोचिए, एक ऐसा पैरानॉर्मल एक्सपर्ट जो आत्माओं से बात करने का दावा करता हो, अगर वह खुद कहे कि वह ‘कंट्रोल’ खो रहा है, तो स्थिति कितनी भयावह रही होगी। गौरव ने अपने पिता से भी कहा था कि काम का बोझ उन पर हावी हो रहा है, लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि इसका अंजाम मौत होगा।
पुलिस की थ्योरी: सुसाइड या हादसा?
दिल्ली पुलिस के लिए यह केस किसी पहेली से कम नहीं था। शुरुआती जांच में पुलिस ने इसे आत्महत्या (Suicide) माना। पुलिस का तर्क था कि गौरव ने शायद किसी कपड़े या तौलिए से खुद को फांसी लगाने की कोशिश की।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण ‘एस्फिक्सिया’ (दम घुटने) बताया गया। लेकिन सबसे बड़ा पेंच यह था कि बाथरूम में कोई ऐसी जगह नहीं थी जहां से लटककर फांसी लगाई जा सके।
पुलिस ने यह भी जांच की कि क्या Gaurav Tiwari आर्थिक तंगी या पारिवारिक कलह से जूझ रहे थे। लेकिन जांच में ऐसा कुछ ठोस नहीं मिला। गौरव अपने करियर के पीक पर थे, टीवी शोज कर रहे थे और खुश थे।
जनकपुरी का वह ‘भूतिया घर’
गौरव के साथी इन्वेस्टिगेटर्स का मानना है कि उनकी मौत का कनेक्शन दिल्ली के जनकपुरी स्थित एक कथित ‘हॉन्टेड हाउस’ से था। मौत से कुछ दिन पहले ही Gaurav Tiwari वहां इन्वेस्टिगेशन के लिए गए थे।
कहा जाता है कि उस घर की जांच के बाद से ही गौरव का व्यवहार बदल गया था। क्या वह अनजाने में किसी बुरी शक्ति को अपने साथ घर ले आए थे? पैरानॉर्मल कम्युनिटी में यह थ्योरी आज भी सबसे ज्यादा मानी जाती है।
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कमर्शियल पायलट से ‘घोस्ट हंटर’ बनने का सफर
Gaurav Tiwari का जीवन किसी फिल्मी कहानी जैसा था। वह एक ट्रेन्ड कमर्शियल पायलट थे। अमेरिका के फ्लोरिडा में अपनी ट्रेनिंग के दौरान उन्हें एक अपार्टमेंट में कुछ अजीबोगरीब अनुभव हुए।
वहां उन्हें अदृश्य शक्तियों का अहसास हुआ। डरने के बजाय उन्होंने इसे समझने का फैसला किया। उन्होंने पायलट की नौकरी छोड़ी और ‘पैरानॉर्मल साइंस’ की पढ़ाई शुरू की।
वापस भारत आकर उन्होंने ‘इंडियन पैरानॉर्मल सोसाइटी’ (IPS) की स्थापना की। उन्होंने K2 मीटर, घोस्ट बॉक्स और ईवीपी रिकॉर्डर जैसे वैज्ञानिक उपकरणों के जरिए भूतों के अस्तित्व को साबित करने की कोशिश की।
क्या कभी सुलझेगी यह गुत्थी?
आज 2025 में भी Gaurav Tiwari के फैंस और फॉलोअर्स यह मानने को तैयार नहीं हैं कि उन्होंने आत्महत्या की। सोशल मीडिया पर अक्सर #JusticeForGaurav ट्रेंड करता है।
विज्ञान कहता है कि यह एक हादसा या सुसाइड था, जबकि विश्वास कहता है कि यह दूसरी दुनिया का हमला था। सच जो भी हो, गौरव तिवारी ने भारत में पैरानॉर्मल इन्वेस्टिगेशन को एक नई पहचान दी, जिसे भुलाया नहीं जा सकता।
Disclaimer: यह रिपोर्ट मीडिया खबरों, पुलिस बयानों और उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। हम किसी भी तरह के अंधविश्वास, भूत-प्रेत या पैरानॉर्मल दावों का समर्थन या पुष्टि नहीं करते हैं।
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