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LEAP India IPO Listing: शेयर बाजार में 4% प्रीमियम के साथ एंट्री, जानें अब निवेशकों को होल्ड करना चाहिए या बेचना?

सप्लाई चेन समाधान कंपनी लीप इंडिया लिमिटेड ने बाजार में सधी हुई शुरुआत की है। लिस्टिंग के बाद वैल्युएशन, कंपनी के बिजनेस मॉडल और निवेशकों की सटीक रणनीति पर पढ़िए 'खबर आंगन' की विस्तृत रिपोर्ट।
Khabar Aangan Published on: 14 अगस्त 2026
LEAP India IPO Listing: शेयर बाजार में 4% प्रीमियम के साथ एंट्री, जानें अब निवेशकों को होल्ड करना चाहिए या बेचना?
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नई दिल्ली | 14 अगस्त 2026:

सप्लाई चेन और एसेट-पूलिंग समाधान प्रदान करने वाली दिग्गज कंपनी लीप इंडिया लिमिटेड के शेयरों ने शुक्रवार को शेयर बाजार में सधी हुई शुरुआत की है। बहुप्रतीक्षित लीप इंडिया आईपीओ आज नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) पर लिस्ट हो गया है। इस आईपीओ का इश्यू प्राइस 159 रुपये प्रति शेयर तय किया गया था, जिसके मुकाबले शेयरों ने बाजार में लगभग 4 प्रतिशत से अधिक के प्रीमियम के साथ कदम रखा है।

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बीएसई पर लीप इंडिया के शेयर 165.90 रुपये पर लिस्ट हुए, जो इश्यू प्राइस से 4.34 प्रतिशत की बढ़त दर्शाता है। वहीं, एनएसई पर शेयर 166 रुपये के भाव पर लिस्ट हुए, जो 4.40 प्रतिशत का प्रीमियम है। हालांकि लिस्टिंग सकारात्मक रही है, लेकिन ग्रे मार्केट प्रीमियम के अनुमानों को देखते हुए बाजार के जानकारों का मानना है कि यह लिस्टिंग निवेशकों की उम्मीदों से थोड़ी सुस्त रही है।

लिस्टिंग के आंकड़े और खुदरा निवेशकों का मुनाफा

लीप इंडिया के आईपीओ में निवेश करने वाले खुदरा निवेशकों को लिस्टिंग के दिन मामूली मुनाफा हाथ लगा है। कंपनी के आईपीओ का लॉट साइज 94 शेयरों का था, जिसके लिए खुदरा निवेशकों को न्यूनतम 14,946 रुपये का निवेश करना पड़ा था।

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लिस्टिंग प्राइस के आधार पर गणना करें तो:

  • प्रति शेयर निवेशकों को लगभग 6.90 रुपये का लिस्टिंग गेन मिला है।
  • एक लॉट (94 शेयर) पर खुदरा निवेशकों को कुल 648 से 658 रुपये के आसपास का शुद्ध मुनाफा हुआ है।
  • हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल (एचएनआई) निवेशकों, जिन्होंने अधिकतम 14 लॉट (1,316 शेयर) के लिए 2,09,244 रुपये का निवेश किया था, उन्हें पहले दिन लगभग 9,212 रुपये का फायदा हुआ है।

यह आईपीओ 7 अगस्त से 11 अगस्त 2026 तक सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस दौरान इसे कुल 8.38 गुना सब्सक्राइब किया गया था, जिसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) का हिस्सा 16.84 गुना और नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) का हिस्सा 12.64 गुना भरा था। खुदरा निवेशकों का कोटा 1.71 गुना सब्सक्राइब हुआ था।

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ग्रे मार्केट प्रीमियम से थोड़ी निराशा

बाजार विश्लेषकों के अनुसार, लीप इंडिया की लिस्टिंग बाजार की अपेक्षाओं से थोड़ी नीचे रही है। शेयर बाजार में लिस्ट होने से ठीक पहले ग्रे मार्केट में इसके शेयरों का प्रीमियम 12 से 13 रुपये के बीच चल रहा था। इससे यह अनुमान लगाया जा रहा था कि शेयरों की लिस्टिंग कम से कम 7 से 8 प्रतिशत के प्रीमियम के साथ 171 से 172 रुपये के आसपास होगी।

हालांकि, वर्तमान में शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव वाले माहौल को देखते हुए सकारात्मक लिस्टिंग को भी एक अच्छा संकेत माना जा रहा है। लिस्टिंग के तुरंत बाद कंपनी का कुल मार्केट कैप 7,308 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है।

कंपनी का मजबूत बिजनेस मॉडल और वित्तीय स्थिति

लीप इंडिया भारत में पैलेट पूलिंग और ऑन-डिमांड एसेट पूलिंग मार्केट में एक निर्विवाद लीडर है। देश के पैलेट पूलिंग बाजार में कंपनी की हिस्सेदारी लगभग 90 प्रतिशत है। यह एफएमसीजी, ई-कॉमर्स, ऑटोमोटिव और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स जैसी बड़ी इंडस्ट्रीज को अपने इक्विपमेंट किराये पर देती है।

कंपनी के पास वर्तमान में 1.47 करोड़ से अधिक एसेट हैं और पूरे भारत में इसके 10,100 से अधिक टचपॉइंट्स के साथ एक बड़ा लॉजिस्टिक्स नेटवर्क फैला हुआ है। जनवरी 2025 में चेप इंडिया के बड़े अधिग्रहण के बाद कंपनी की स्थिति और भी मजबूत हुई है। हिंदुस्तान कोका-कोला बेवरेजेस, मैरिको, पैनासोनिक और हायर एप्लायंसेज जैसे दिग्गज नाम इसके क्लाइंट लिस्ट में शामिल हैं।

कंपनी अपने संचालन में आधुनिक तकनीक का भी भरपूर उपयोग कर रही है। कंटेनरों को ट्रैक करने के लिए पैसिव आरएफआईडी तकनीक और फोर्कलिफ्ट की गतिविधियों की निगरानी के लिए इंटरनेट ऑफ थिंग्स आधारित सिस्टम का उपयोग किया जा रहा है। पैलेट की मांग का सटीक पूर्वानुमान लगाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग एल्गोरिदम का भी बेहतरीन ढंग से प्रयोग किया जा रहा है।

वित्तीय मोर्चे पर, कंपनी का रेवेन्यू वित्त वर्ष 2024 के 364.97 करोड़ रुपये से बढ़कर वित्त वर्ष 2026 में 729.53 करोड़ रुपये हो गया है। इसके साथ ही इसी अवधि में शुद्ध मुनाफा भी 37.17 करोड़ रुपये से उछलकर 62.34 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है।

वैल्युएशन और जोखिम: भारी कर्ज एक बड़ी चिंता

लीप इंडिया का बिजनेस मॉडल बहुत ज्यादा पूंजी-गहन है। इसके लिए लगातार नए एसेट खरीदने और उनके रखरखाव पर भारी निवेश की आवश्यकता होती है। यही कारण है कि जून 2026 तक कंपनी पर 1,023 करोड़ रुपये से अधिक का समेकित कर्ज था।

आईपीओ के जरिए जुटाए गए कुल 2,480 करोड़ रुपये में से 2,000 करोड़ रुपये का ऑफर फॉर सेल था, जो सीधे पुराने निवेशकों के पास जाएगा। वहीं, 480 करोड़ रुपये के फ्रेश इश्यू में से लगभग 360 करोड़ रुपये का उपयोग कंपनी अपने मौजूदा कर्ज को चुकाने के लिए करेगी। वैल्युएशन के नजरिए से देखें तो लिस्टिंग के बाद कंपनी का प्राइस-टू-अर्निंग रेश्यो 117.23 गुना हो गया है। यह दर्शाता है कि स्टॉक काफी महंगा है और निवेशकों ने भविष्य की शानदार ग्रोथ की उम्मीद में यह प्रीमियम चुकाया है।

अब निवेशकों के लिए क्या है रणनीति: खरीदें, रोकें या बेचें?

बाजार विशेषज्ञों ने लिस्टिंग के बाद निवेशकों के लिए अलग-अलग रणनीतियां सुझाई हैं, जो उनके निवेश के नजरिए और जोखिम लेने की क्षमता पर निर्भर करती हैं।

  • शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स (मुनाफा बुक करें): जिन निवेशकों ने केवल लिस्टिंग गेन के लिए पैसा लगाया था, वे अपना मुनाफा बुक करके निकल सकते हैं। 4 प्रतिशत का प्रीमियम बहुत बड़ा नहीं है, लेकिन बाजार की अनिश्चितता को देखते हुए मुनाफा बांधना एक सुरक्षित विकल्प है। जो लोग शेयर रखना चाहते हैं, वे अपने इश्यू प्राइस (159 रुपये) के आसपास सख्त स्टॉप-लॉस लगा सकते हैं।
  • लॉन्ग-टर्म निवेशक (होल्ड करें): जिन निवेशकों का नजरिया लंबी अवधि का है, वे इस स्टॉक को होल्ड कर सकते हैं। लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन सेक्टर में भारत की संरचनात्मक ग्रोथ को देखते हुए लीप इंडिया का भविष्य उज्ज्वल नजर आता है। कंपनी की बाजार में मोनोपोली जैसी स्थिति है और इसके 100 शीर्ष ग्राहकों के बीच कंपनी छोड़ने की दर (Churn Rate) लगभग शून्य है।
  • नए निवेशक (तुरंत खरीदारी से बचें): जो निवेशक लिस्टिंग के बाद इस शेयर को खरीदने की सोच रहे हैं, उन्हें अभी जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए। पीई रेश्यो 117 के पार होने के कारण वैल्युएशन काफी महंगा है। अगर बाजार में करेक्शन आता है और शेयर उचित भाव पर मिलता है, तब इसे पोर्टफोलियो में शामिल करने पर विचार किया जा सकता है। नए निवेशकों को कंपनी की अगली तिमाही के नतीजों और कर्ज कम होने की रफ्तार पर कड़ी नजर रखनी चाहिए।

डिस्क्लेमर: शेयर बाजार में निवेश बाजार के जोखिमों के अधीन है। ‘खबर आंगन’ द्वारा दी गई जानकारी केवल शैक्षिक और सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। यह किसी भी शेयर को खरीदने, बेचने या होल्ड करने की वित्तीय सलाह नहीं है। निवेश करने से पहले अपने पंजीकृत वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें।

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