Noida | 13 अप्रैल 2026: दिल्ली से सटे Noida औद्योगिक क्षेत्र में मजदूरों का प्रदर्शन अब एक बेहद हिंसक और भयानक रूप ले चुका है। वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे इन हजारों फैक्ट्री मजदूरों का गुस्सा सिर्फ कंपनी प्रबंधन पर ही नहीं बल्कि आसमान छूती महंगाई पर भी फूट पड़ा है।
‘खबर आंगन’ की डेस्क के अनुसार तीन दिनों से चल रहा यह शांतिपूर्ण विरोध आज अचानक उग्र हो गया और शहर की मुख्य सड़कों पर भारी बवाल देखने को मिला। मजदूरों ने साफ कह दिया है कि मौजूदा वेतन में शहर के अंदर अपना और अपने परिवार का गुजारा करना अब पूरी तरह से असंभव हो चुका है।
11 हजार की सैलरी में कैसे खरीदें 4 हजार का गैस सिलेंडर?
सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे मजदूरों का सबसे बड़ा दर्द उनके न्यूनतम वेतन और बाजार में बढ़ती महंगाई के बीच का भारी अंतर है। एक महिला कर्मचारी ने अपना दर्द साझा करते हुए बताया कि उन्हें पूरे महीने मशीन पर काम करने के बाद सिर्फ 11 हजार रुपये की सैलरी मिलती है।
इतनी कम तनख्वाह में आज के समय में रसोई गैस का सिलेंडर भरवाना भी उनके लिए एक बहुत बड़ी चुनौती बन गया है। मजदूरों का कहना है कि LPG गैस अब 400 रुपये किलो तक पड़ रही है, जिससे एक सिलेंडर भराने का खर्च ही लगभग चार हजार रुपये तक पहुंच जाता है।
इतनी भारी कीमत चुकाने के बाद उनके पास राशन, बच्चों की फीस और अन्य जरूरी खर्चों के लिए पैसे ही नहीं बचते हैं। यही वजह है कि आज हजारों मजदूर अपनी भूख और मजबूरी के कारण सड़कों पर उतरकर पत्थरबाजी करने को मजबूर हो गए हैं।
हर साल बढ़ता है कमरे का किराया, लेकिन सैलरी वहीं रुकी है
औद्योगिक क्षेत्र में काम करने वाले ज्यादातर मजदूर अपने परिवारों के साथ छोटे-छोटे किराए के कमरों में रहने को मजबूर हैं। उनका आरोप है कि मकान मालिक हर साल नियमित रूप से कमरे का किराया मनमाने तरीके से बढ़ा देते हैं।
इसके विपरीत उनकी कंपनियों में सैलरी पिछले कई सालों से जस की तस रुकी हुई है, जिसमें एक रुपये का भी इजाफा नहीं किया गया है। इसके अलावा सफर करने के लिए ई-रिक्शा और ऑटो का किराया भी अब दोगुना हो चुका है, जिससे उनका दैनिक खर्च काफी ज्यादा बढ़ गया है।
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Noida के होजरी कॉम्प्लेक्स इलाके में काम करने वाले इन लोगों का कहना है कि प्रशासन द्वारा उनकी इस मजबूरी को लंबे समय से अनसुना किया जा रहा था। जब खर्चे और आमदनी का कोई तालमेल ही नहीं बचा, तो उन्हें अपना काम बंद करना पड़ा।
12 घंटे की कमरतोड़ ड्यूटी और ओवरटाइम का नहीं मिलता पैसा
महंगाई और किराए के अलावा इन मजदूरों का गुस्सा फैक्ट्री मालिकों की तानाशाही और जबरन कराए जाने वाले ओवरटाइम को लेकर भी है। कई कर्मचारियों ने साफ तौर पर आरोप लगाया है कि उनसे तय शिफ्ट के बजाय रोजाना 10 से 12 घंटे तक लगातार मशीन पर काम लिया जाता है।
इसके बावजूद उन्हें इस अतिरिक्त काम यानी ओवरटाइम का कोई भी पैसा या दोगुना वेतन नहीं दिया जाता है, जो श्रम कानूनों का भारी उल्लंघन है। जब भी कोई मजदूर कंपनी के HR के सामने अपने हक की बात रखता है, तो उसे नौकरी से निकालने की खुली धमकी दे दी जाती है।
हिंसक हुए प्रदर्शन पर पुलिस का कड़ा एक्शन और नया आदेश
सड़कों पर हुए इस भारी बवाल के बाद पुलिस को भीड़ को तितर-बितर करने के लिए हल्का बल प्रयोग और लाठीचार्ज भी करना पड़ा है। कुछ उग्र लोगों द्वारा गाड़ियों में तोड़फोड़ और आगजनी की घटना के बाद पूरे औद्योगिक इलाके को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है।
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Noida की जिलाधिकारी ने तुरंत मामले का संज्ञान लेते हुए मजदूरों की समस्याओं को सुनने के लिए एक विशेष कंट्रोल रूम स्थापित कर दिया है। प्रशासन ने सभी फैक्ट्री मालिकों को सख्त निर्देश दिया है कि ओवरटाइम का दोगुना पैसा और साप्ताहिक अवकाश हर हाल में दिया जाए।
हमारा निष्कर्ष
मजदूरों का यह हिंसक प्रदर्शन प्रशासन के लिए एक बहुत बड़ा अलार्म है कि अब औद्योगिक विकास की आड़ में आम कामगारों का आर्थिक शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। महंगाई, गैस और किराए की मार झेल रहे इन लोगों की जायज मांगों पर तुरंत कोई ठोस समाधान निकालना ही शहर की शांति लौटा सकता है। Noida के इस पूरे घटनाक्रम और मजदूरों की लड़ाई से जुड़ी ऐसी ही हर जमीनी खबर के लिए लगातार ‘खबर आंगन’ के साथ जुड़े रहें।
Disclaimer: यह खबर ‘खबर आंगन’ की डेस्क द्वारा घटनास्थल पर मौजूद मजदूरों के बयानों और स्थानीय प्रशासन की कार्रवाइयों के आधार पर तैयार की गई है। स्थिति को सामान्य बनाने के लिए पुलिस और प्रशासन की बातचीत लगातार जारी है।
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Ashutosh Kumar Jha Admin
Ashutosh Jha एक डिजिटल पत्रकार और न्यूज़ लेखक हैं, जो भारत की राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, टेक्नोलॉजी और सामाजिक मुद्दों से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं। वे तथ्य आधारित रिपोर्टिंग और विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर समाचार लिखने के लिए जाने जाते हैं।डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहते हुए Ashutosh Jha ने कई महत्वपूर्ण विषयों पर विश्लेषणात्मक लेख और समाचार प्रकाशित किए हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक निष्पक्ष, प्रमाणिक और जनहित से जुड़ी जानकारी पहुँचाना है।वर्तमान में वे Khabar Aangan न्यूज़ प्लेटफॉर्म के माध्यम से देश-दुनिया की ताज़ा खबरों, सरकारी नीतियों, सामाजिक बदलाव और टेक्नोलॉजी से जुड़े विषयों पर नियमित लेखन और रिपोर्टिंग कर रहे हैं।