दिसंबर का महीना अपने मध्य पड़ाव पर पहुंच चुका है और उत्तर भारत समेत देश के कई हिस्सों में ठंड के साथ-साथ प्रदूषण ने भी जोरदार दस्तक दी है। आज 13 दिसंबर 2025 को सुबह से ही कई बड़े शहरों में धुंध और स्मॉग की चादर देखने को मिल रही है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) द्वारा जारी किए गए ताजा आंकड़ों ने चिंता बढ़ा दी है। राजधानी दिल्ली और एनसीआर के इलाकों में AQI Level एक बार फिर खतरनाक श्रेणी में पहुंच गया है, जिससे लोगों का सांस लेना मुश्किल हो रहा है।
सर्दियों के मौसम में हवा की गति धीमी होने और तापमान गिरने के कारण प्रदूषक तत्व वातावरण में नीचे ही रह जाते हैं। यही वजह है कि सुबह और शाम के समय प्रदूषण का स्तर अपने चरम पर होता है।
केवल दिल्ली ही नहीं, बल्कि मुंबई, पुणे, कोलकाता और लखनऊ जैसे शहरों में भी वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी AQI Level बिगड़ता जा रहा है। अस्पतालों में सांस और अस्थमा के मरीजों की संख्या में अचानक बढ़ोतरी देखी गई है।
सरकार और प्रशासन द्वारा ग्रैप (GRAP) के तहत कई पाबंदियां लगाई गई हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात अभी भी चिंताजनक बने हुए हैं। आज के इस विशेष रिपोर्ट में हम आपको देश के प्रमुख शहरों के प्रदूषण स्तर, इसके स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव और बचाव के तरीकों के बारे में विस्तार से बताएंगे। अगर आप भी सुबह की सैर पर निकलते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है।