मुंबई, 23 अगस्त 2026: बी.आर. चोपड़ा के चर्चित टीवी सीरियल ‘महाभारत’ में कृपी का किरदार निभाकर पहचान बनाने वाली दिग्गज अभिनेत्री आशा सिंह जयसवाल का निधन हो गया है। उन्होंने 22 अगस्त की शाम करीब 7:30 बजे अंतिम सांस ली। उनके निधन की जानकारी उनके बेटे आकाश सिंह ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दी। 23 अगस्त को मुंबई में उनका अंतिम संस्कार किया गया।
‘महाभारत’ की कृपी के निधन से इंडस्ट्री में शोक
आशा सिंह जयसवाल को बी.आर. चोपड़ा के लोकप्रिय धारावाहिक ‘महाभारत’ में निभाई गई कृपी की भूमिका के लिए खास तौर पर याद किया जाता है। सीरियल में कृपी, गुरु कृपाचार्य की बहन, गुरु द्रोणाचार्य की पत्नी और अश्वत्थामा की मां का किरदार थीं। इस भूमिका ने आशा सिंह को टीवी दर्शकों के बीच खास पहचान दिलाई और उनके अभिनय को लंबे समय तक याद किया गया।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, आशा सिंह जयसवाल लंबे समय से स्वास्थ्य संबंधी परेशानी से जूझ रही थीं। उनके बेटे आकाश सिंह ने सोशल मीडिया के जरिए उनके निधन की जानकारी साझा करते हुए उन्हें मेहनती और मजबूत इरादों वाली महिला बताया। परिवार की ओर से लोगों से उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करने और उनके काम को याद करने की अपील भी की गई।
अभिनय के साथ मिमिक्री में भी बनाई अलग पहचान
आशा सिंह जयसवाल का करियर केवल टेलीविजन अभिनय तक सीमित नहीं था। उन्होंने फिल्मों और टीवी के अलावा मिमिक्री आर्टिस्ट के तौर पर भी अपनी अलग पहचान बनाई। उनके बेटे द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, वह भारत की शुरुआती महिला मिमिक्री कलाकारों में शामिल थीं और मशहूर अभिनेत्री मीना कुमारी की आवाज की नकल के लिए भी जानी जाती थीं।
उनका मनोरंजन जगत से जुड़ाव कई दशकों तक रहा। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने 1970 के दशक से इंडस्ट्री में काम करना शुरू किया था। अभिनय के साथ उन्होंने मनोरंजन और इवेंट से जुड़े व्यवसाय में भी काम किया और Aasha Events and Films की स्थापना की। इस तरह उनका करियर एक अभिनेत्री से आगे बढ़कर कलाकार, मिमिक्री आर्टिस्ट और उद्यमी के रूप में भी सामने आता है।
बेटे ने मां को बताया ‘आयरन लेडी’
आशा सिंह जयसवाल के बेटे आकाश सिंह ने अपनी मां के निधन की जानकारी देते हुए भावुक संदेश साझा किया। उन्होंने अपनी मां को एक ऐसी महिला के रूप में याद किया, जिनके लिए उनका काम जिंदगी का बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा था। उन्होंने लोगों से उनकी फिल्मों और टेलीविजन से जुड़े काम को देखने और उन्हें याद रखने की अपील की।
परिवार की ओर से साझा संदेश में उनके सामाजिक कार्यों और मनोरंजन क्षेत्र में योगदान का भी उल्लेख किया गया। आशा सिंह ने लंबे समय तक पर्दे के पीछे और कैमरे के सामने काम किया और कई तरह की भूमिकाओं के जरिए अपनी पहचान बनाई। उनके निधन के बाद पुराने टीवी दर्शकों और मनोरंजन जगत में उनके योगदान को याद किया जा रहा है।
23 अगस्त को मुंबई में हुआ अंतिम संस्कार
आशा सिंह जयसवाल के निधन के अगले दिन 23 अगस्त को मुंबई में उनका अंतिम संस्कार किया गया। एक रिपोर्ट के अनुसार, अंतिम संस्कार पवन हंस श्मशान घाट, विले पार्ले वेस्ट में हुआ। उनके निधन की खबर सामने आने के बाद मनोरंजन जगत में शोक की लहर है।
आशा सिंह जयसवाल की सबसे चर्चित पहचान भले ही ‘महाभारत’ की कृपी के किरदार से बनी हो, लेकिन उनका करियर उससे कहीं व्यापक था। अभिनय, मिमिक्री, सामाजिक कार्य और मनोरंजन व्यवसाय से जुड़े उनके काम ने उन्हें एक बहुआयामी कलाकार बनाया। उनके जाने के साथ हिंदी टेलीविजन के उस दौर की एक परिचित कलाकार की यात्रा भी समाप्त हो गई है।
Disclaimer: यह रिपोर्ट उपलब्ध सार्वजनिक बयानों और विश्वसनीय मीडिया रिपोर्टों के आधार पर तैयार की गई है। स्वास्थ्य संबंधी जानकारी वही प्रस्तुत की गई है जो सार्वजनिक रूप से उपलब्ध स्रोतों में बताई गई है। परिवार द्वारा साझा जानकारी को संबंधित संदर्भ में रखा गया है।
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