भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस पर दुनिया के कई देशों से शुभकामनाओं का सिलसिला देखने को मिला। अमेरिका, रूस, फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया, इजरायल, नेपाल, सिंगापुर, भूटान, मालदीव और ईरान समेत कई देशों ने भारत को राष्ट्रीय पर्व पर बधाई दी। इन संदेशों में भारत की आजादी के बाद की यात्रा, विकास, लोकतांत्रिक मजबूती और बढ़ती वैश्विक भूमिका की सराहना की गई। कई देशों ने भविष्य में भारत के साथ सहयोग और साझेदारी मजबूत करने की इच्छा भी जताई।
इन शुभकामना संदेशों में सिर्फ औपचारिक बधाई तक बात सीमित नहीं रही। अलग-अलग देशों ने भारत के साथ अपने संबंधों के महत्वपूर्ण पहलुओं को भी सामने रखा। कहीं रक्षा, ऊर्जा, व्यापार और तकनीक की चर्चा हुई, तो कहीं रणनीतिक साझेदारी, क्षेत्रीय सहयोग और लोगों के बीच संबंधों को महत्व दिया गया। इस तरह भारत का 80वां स्वतंत्रता दिवस राष्ट्रीय उत्सव के साथ-साथ देश की अंतरराष्ट्रीय स्वीकार्यता और बढ़ती वैश्विक भूमिका की झलक भी देता नजर आया।
अमेरिका ने भारत के साथ रिश्तों को बताया मजबूत
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस पर भारतीय लोगों को शुभकामनाएं दीं। उनके संदेश में भारत-अमेरिका संबंधों की मजबूती पर विशेष जोर रहा। रुबियो ने कहा कि दोनों देशों के बीच दोस्ती और पारिवारिक संबंध साझेदारी की नींव हैं। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के व्यक्तिगत संबंधों को भी दोनों देशों के रिश्तों को आगे बढ़ाने वाला महत्वपूर्ण तत्व बताया।
रुबियो के संदेश में भविष्य के सहयोग के कई महत्वपूर्ण क्षेत्र भी सामने आए। इनमें रक्षा, ऊर्जा सुरक्षा, महत्वपूर्ण खनिज, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, अंतरिक्ष और व्यापार शामिल हैं। अमेरिकी पक्ष ने भारत और अमेरिका की साझेदारी को नवाचार, मजबूती और भविष्य की दिशा में आगे बढ़ने वाली साझेदारी के रूप में देखा। स्वतंत्रता दिवस की शुभकामना के साथ इन क्षेत्रों का उल्लेख यह दिखाता है कि दोनों देशों के रिश्तों का दायरा रणनीतिक मामलों से आगे आर्थिक और तकनीकी सहयोग तक भी फैला हुआ है।
पुतिन ने भारत की आर्थिक और तकनीकी प्रगति को सराहा
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस पर शुभकामनाएं दीं। उन्होंने भारत की आर्थिक, सामाजिक, वैज्ञानिक और तकनीकी क्षेत्रों में हुई प्रगति की सराहना की। पुतिन ने भारत की अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा का भी उल्लेख करते हुए कहा कि देश वैश्विक मंच पर महत्वपूर्ण स्थान बनाए हुए है। उनके संदेश में भारत की उपलब्धियों के साथ दोनों देशों के लंबे समय से चले आ रहे संबंधों को भी प्रमुखता दी गई।
पुतिन ने भारत-रूस संबंधों को विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी की भावना के साथ आगे बढ़ने वाला बताया। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र, शंघाई सहयोग संगठन और BRICS जैसे बहुपक्षीय मंचों पर दोनों देशों के सहयोग का भी उल्लेख किया। रूसी राष्ट्रपति ने भरोसा जताया कि आगे भी भारत और रूस के बीच सहयोग मजबूत होगा और यह अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा तथा स्थिरता में योगदान देगा। इस संदेश में द्विपक्षीय रिश्तों के साथ वैश्विक मंचों पर साझेदारी की अहमियत भी दिखाई दी।
ऑस्ट्रेलिया ने भारत की आठ दशक की यात्रा को सराहा
ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने भी भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस पर शुभकामनाएं दीं। उन्होंने आजादी के बाद भारत की लंबी यात्रा और उपलब्धियों की सराहना की। अल्बनीज ने भारत को दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र और तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक बताया। उन्होंने भारत की क्षमता और उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए दोनों देशों के बीच संबंधों को आगे बढ़ाने की इच्छा जताई। उनका संदेश भारत की विकास यात्रा को सकारात्मक नजरिए से देखने वाला रहा।
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच संबंधों में रणनीतिक सहयोग के साथ व्यापार, तकनीक और लोगों के बीच संपर्क जैसे क्षेत्र भी महत्वपूर्ण हैं। स्वतंत्रता दिवस पर अल्बनीज का संदेश इसी व्यापक साझेदारी की पृष्ठभूमि में आया। भारत की आठ दशकों की यात्रा का उल्लेख करते हुए उन्होंने देश की मजबूती और भविष्य की क्षमता को रेखांकित किया। इस तरह ऑस्ट्रेलिया की ओर से आई शुभकामना केवल राष्ट्रीय पर्व की बधाई नहीं रही, बल्कि दोनों देशों के बीच बढ़ते संबंधों के महत्व को भी सामने लेकर आई।
इजरायल ने भारत से दोस्ती को बताया खास
इजरायल के राष्ट्रपति इसाक हर्जोग ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय लोगों को 80वें स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने भारत और इजरायल के बीच दोस्ती को और मजबूत करने की इच्छा जताई। इजरायल के विदेश मंत्रालय की ओर से भी भारत को स्वतंत्रता दिवस की बधाई दी गई। दोनों देशों के संबंधों में रणनीतिक सहयोग के साथ तकनीक, कृषि, जल और नवाचार जैसे क्षेत्र भी महत्वपूर्ण रहे हैं।
इजरायल की ओर से आए संदेश में भारत के साथ संबंधों को आगे बढ़ाने की सकारात्मक भावना दिखाई दी। राष्ट्रीय पर्व के अवसर पर किसी देश के शीर्ष नेतृत्व की ओर से दी गई शुभकामना दोनों देशों के बीच राजनीतिक और कूटनीतिक रिश्तों की अहमियत को भी रेखांकित करती है। भारत और इजरायल के बीच पिछले वर्षों में कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ा है। ऐसे में स्वतंत्रता दिवस का संदेश मौजूदा दोस्ती को मजबूत करने और भविष्य की साझेदारी को आगे बढ़ाने की इच्छा के रूप में सामने आया।
नेपाल और भूटान ने ऐतिहासिक रिश्तों को किया याद
नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत के लोगों को 80वें स्वतंत्रता दिवस पर शुभकामनाएं दीं। उन्होंने भारत और नेपाल के बीच ऐतिहासिक संबंधों, लोगों के बीच संपर्क और सहयोग को आगे मजबूत करने की उम्मीद जताई। दोनों देशों के रिश्ते सिर्फ सरकारों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि साझा संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक संपर्क का भी लंबा इतिहास है। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर नेपाल की शुभकामना में इन्हीं करीबी संबंधों को आगे बढ़ाने की भावना दिखाई दी।
भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय लोगों को स्वतंत्रता दिवस की बधाई दी। उन्होंने भारत और भूटान के बीच स्थायी दोस्ती तथा करीबी संबंधों के आगे भी मजबूत और फलते-फूलते रहने की कामना की। भूटान की ओर से आया संदेश पड़ोसी देशों के साथ भारत के रिश्तों की एक अलग तस्वीर पेश करता है, जहां रणनीतिक मुद्दों के साथ आपसी विश्वास, दोस्ती और लंबे समय से चले आ रहे संबंध भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
मालदीव ने भारत की विकास यात्रा को सराहा
मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय लोगों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने आजादी के बाद के आठ दशकों को भारत की आकांक्षाओं, दृढ़ता और स्थायी भावना का प्रतिबिंब बताया। मुइज्जू ने भारत और मालदीव के बीच करीबी साझेदारी को आपसी सम्मान, साझा समृद्धि और लंबे समय की दोस्ती के आधार पर आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता भी जताई।
मालदीव की ओर से आया संदेश भारत के पड़ोसी और हिंद महासागर क्षेत्र के साझेदार के नजरिए से महत्वपूर्ण रहा। इसमें भारत की स्वतंत्रता के बाद की यात्रा को सम्मान देने के साथ दोनों देशों के भविष्य के संबंधों पर भी जोर दिया गया। भारत और मालदीव के बीच समुद्री क्षेत्र, क्षेत्रीय सहयोग और लोगों के बीच संपर्क महत्वपूर्ण विषय हैं। स्वतंत्रता दिवस पर दी गई शुभकामना में इन्हीं करीबी संबंधों को और मजबूत करने की इच्छा स्पष्ट दिखाई दी।
सिंगापुर ने डिजिटल और ऊर्जा सहयोग पर दिया जोर
सिंगापुर के राष्ट्रपति थर्मन षणमुगरत्नम ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और भारत के लोगों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। उनके संदेश में भारत और सिंगापुर के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने की भावना दिखाई दी। दोनों देशों के बीच कौशल विकास, डिजिटलाइजेशन, स्थिरता और उन्नत विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में सहयोग को महत्वपूर्ण बताया गया। इसके साथ व्यापार, डिजिटल अर्थव्यवस्था और ऊर्जा सुरक्षा जैसे विषय भी भविष्य के सहयोग से जुड़े नजर आए।
सिंगापुर की ओर से आए संदेश की खासियत यह रही कि इसमें भारत के साथ आधुनिक और भविष्य केंद्रित सहयोग के क्षेत्रों को प्रमुखता मिली। डिजिटल अर्थव्यवस्था, तकनीक, ऊर्जा और उन्नत विनिर्माण जैसे क्षेत्र आने वाले वर्षों में दोनों देशों की साझेदारी के लिए महत्वपूर्ण हो सकते हैं। स्वतंत्रता दिवस की शुभकामना के साथ इन विषयों का उल्लेख यह दिखाता है कि भारत और सिंगापुर के रिश्ते पारंपरिक व्यापारिक संबंधों से आगे बढ़कर नई तकनीक और आर्थिक बदलाव से जुड़े क्षेत्रों तक पहुंच चुके हैं।
फ्रांस और ईरान ने भी भारत को दी बधाई
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस पर भारतीय लोगों को बधाई दी। उनके संदेश के साथ फ्रांस और भारत की साझेदारी को लेकर सकारात्मक भावना सामने आई। वहीं ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने भी भारत को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। ईरान की ओर से भारत के साथ ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों को महत्व दिया गया तथा आपसी विश्वास और सम्मान के आधार पर सहयोग आगे बढ़ाने की इच्छा जताई गई।
फ्रांस और ईरान दोनों के संदेश भारत की अलग-अलग क्षेत्रों में मौजूद अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों को सामने लाते हैं। फ्रांस के साथ रणनीतिक और रक्षा सहयोग महत्वपूर्ण है, जबकि ईरान के साथ भारत के संबंधों में ऐतिहासिक और सांस्कृतिक जुड़ाव की भूमिका रही है। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर इन दोनों देशों से आई शुभकामनाओं ने यह दिखाया कि भारत के साथ संबंधों का दायरा अलग-अलग क्षेत्रों और भौगोलिक क्षेत्रों तक फैला हुआ है।
दुनिया के संदेशों में दिखी भारत की बढ़ती भूमिका
भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस पर आए अंतरराष्ट्रीय संदेशों में एक साझा तस्वीर दिखाई दी। अमेरिका ने रक्षा, ऊर्जा, AI, अंतरिक्ष और व्यापार जैसे क्षेत्रों का उल्लेख किया। रूस ने भारत की आर्थिक, वैज्ञानिक और तकनीकी प्रगति के साथ बहुपक्षीय सहयोग को रेखांकित किया। ऑस्ट्रेलिया ने भारत की लोकतांत्रिक और आर्थिक यात्रा की सराहना की, जबकि सिंगापुर ने डिजिटल अर्थव्यवस्था और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों को महत्व दिया।
पड़ोसी देशों नेपाल, भूटान और मालदीव ने करीबी रिश्तों और भविष्य के सहयोग पर जोर दिया। इजरायल ने दोस्ती मजबूत करने की इच्छा जताई, जबकि फ्रांस और ईरान की शुभकामनाओं में साझेदारी और सहयोग की भावना दिखाई दी। इन सभी संदेशों को साथ रखकर देखें तो भारत की वैश्विक भूमिका और अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों का व्यापक दायरा सामने आता है। 15 अगस्त 2026 को मिले ये संदेश भारत की बढ़ती कूटनीतिक पहुंच और विश्व मंच पर उसकी अहमियत को भी रेखांकित करते हैं।
Disclaimer: यह खबर 15 अगस्त 2026 को उपलब्ध सार्वजनिक बयानों और आधिकारिक रूप से जारी जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। विभिन्न देशों के नेताओं के संदेशों का तथ्यात्मक सार प्रस्तुत किया गया है। महत्वपूर्ण कूटनीतिक बयानों की स्वतंत्र पुष्टि संबंधित आधिकारिक स्रोतों से की जा सकती है।
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