नई दिल्ली: केंद्र सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी योजना Pradhan Mantri Gramin Awas Yojana (PMAY-G) ने अपने दूसरे चरण में प्रवेश के साथ ही ग्रामीण भारत की तस्वीर बदलना शुरू कर दिया है। आज यानी 20 दिसंबर 2025 की दोपहर तक मिली ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, सरकार ने वित्त वर्ष 2024-25 से 2028-29 तक की अवधि के लिए 2 करोड़ अतिरिक्त पक्के घर बनाने के लक्ष्य पर तेज़ी से काम शुरू कर दिया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘हाउसिंग फॉर ऑल’ (सबके लिए आवास) विज़न के तहत, ग्रामीण विकास मंत्रालय ने दिसंबर 2025 के इस तीसरे सप्ताह में राज्यों को नए आवंटन (Allocations) जारी किए हैं। इस चरण का मुख्य उद्देश्य उन परिवारों को कवर करना है जो पहले चरण की सूची से किन्हीं कारणों से छूट गए थे या जिनका नाम ‘आवास प्लस’ (Awaas+) सर्वे के दौरान जोड़ा गया था।
खबर आंगन रिसर्च डेस्क ने PMAY-G के नए दिशा-निर्देशों और जमीनी स्तर पर इसके कार्यान्वयन का विस्तृत विश्लेषण किया है। इस रिपोर्ट में हम जानेंगे कि दिसंबर 2025 तक योजना की क्या प्रगति है, वित्तीय सहायता में क्या बदलाव हुए हैं और आप नई लाभार्थी सूची (Beneficiary List) में अपना नाम कैसे चेक कर सकते हैं।
1. PMAY-G विस्तार (2024-2029): 2 करोड़ नए घरों की सौगात
केंद्रीय कैबिनेट ने हाल ही में PMAY-G योजना को अगले पांच वर्षों के लिए विस्तारित करने की मंजूरी दी है। इसका लक्ष्य मार्च 2029 तक ग्रामीण क्षेत्रों में 2 करोड़ और पक्के घर बनाना है। इस विस्तार के लिए कुल 3,06,137 करोड़ रुपये का परिव्यय (Outlay) निर्धारित किया गया है, जिसमें केंद्र की हिस्सेदारी 2,05,856 करोड़ रुपये है।
20 दिसंबर 2025 की अपडेट के अनुसार, इस साल के लिए निर्धारित 84 लाख घरों के लक्ष्य में से आधे से अधिक घरों को पहले ही मंजूरी (Sanction) दी जा चुकी है। विशेष रूप से बिहार, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में ‘आवास प्लस’ सूची के आधार पर लाभार्थियों का चयन प्रक्रिया अंतिम दौर में है।
