Suchna Se Sacchai Tak
CATEGORIES
IN FOCUS
Advertisement
  1. Home
  2. Banking And Finance
  3. Share Market
  4. Pre Apply IPO: स्मार्ट निवेशकों का हथियार, भीड़ से बचने और सुकून से निवेश करने का सबसे बेहतरीन तरीका

Pre Apply IPO: स्मार्ट निवेशकों का हथियार, भीड़ से बचने और सुकून से निवेश करने का सबसे बेहतरीन तरीका

Pre Apply IPO: स्मार्ट निवेशकों का हथियार, भीड़ से बचने और सुकून से निवेश करने का सबसे बेहतरीन तरीका

Ashutosh Kumar Jha Published on: 12 दिसम्बर 2025
Pre Apply IPO: स्मार्ट निवेशकों का हथियार, भीड़ से बचने और सुकून से निवेश करने का सबसे बेहतरीन तरीका
Advertisement

शेयर बाजार में हर दिन नए अवसर आते हैं और समझदार निवेशक उन्हें हाथ से जाने नहीं देते। आज 12 December है और बाजार में ‘ICICI Prudential AMC’ और ‘Ashwini Container Movers’ जैसे बड़े आईपीओ खुल रहे हैं। अक्सर देखा गया है कि आईपीओ खुलने के दिन भारी ट्रैफिक के कारण ब्रोकर की वेबसाइट या ऐप क्रैश हो जाते हैं। ऐसे में ‘Pre Apply IPO’ वह सुविधा है जो आपको इस भगदड़ से बचाती है।

बहुत से नए निवेशक इस टर्म को लेकर भ्रमित रहते हैं। उन्हें लगता है कि प्री-अप्लाई करने से शेयर मिलने की गारंटी बढ़ जाती है। आज हम इस आर्टिकल में ‘Pre Apply IPO’ की हर बारीकी को समझेंगे। अगर आप ऑफिस की व्यस्तता के कारण मार्केट ऑवर्स में अप्लाई नहीं कर पाते, तो यह फीचर विशेष रूप से आपके लिए ही बना है। आने वाले हफ्तों में ‘Neptune Logitek’ जैसे और भी आईपीओ आ रहे हैं, जिनके लिए आप इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं।

Pre Apply IPO आखिर है क्या?

साधारण शब्दों में कहें तो, आईपीओ के आधिकारिक रूप से खुलने से पहले ही उसके लिए बोली (Bid) लगाने की प्रक्रिया को Pre Apply IPO कहते हैं। मान लीजिए कोई आईपीओ सोमवार को खुलने वाला है, तो आप उसके लिए शनिवार या रविवार को ही अपना आवेदन भर सकते हैं।

Advertisement

यह सुविधा आपके ब्रोकर (जैसे Zerodha, Groww, Upstox) द्वारा दी जाती है। एक्सचेंज (NSE/BSE) तो तय समय (सुबह 10 बजे) पर ही एप्लीकेशन स्वीकार करते हैं। लेकिन प्री-अप्लाई के जरिए ब्रोकर आपका ऑर्डर पहले ही ले लेता है और मार्केट खुलते ही उसे सिस्टम में पुश कर देता है। यह बिल्कुल वैसा ही है जैसे आप किसी फिल्म की टिकट एडवांस में बुक कर लेते हैं।

यह काम कैसे करता है?

इसकी कार्यप्रणाली बहुत सरल लेकिन प्रभावी है। जब आप प्री-अप्लाई विंडो (आमतौर पर आईपीओ खुलने से 1-2 दिन पहले) में अपनी बिड सबमिट करते हैं, तो वह सीधा एक्सचेंज के पास नहीं जाती। आपका ब्रोकर उसे अपने सर्वर पर ‘ऑफलाइन ऑर्डर’ के रूप में सेव कर लेता है।

जैसे ही आईपीओ खुलने के दिन (Opening Day) सुबह 10 बजते हैं, ब्रोकर के सिस्टम ऑटोमैटिकली आपके ऑर्डर को एक्सचेंज के पास भेज देते हैं। इसके बाद एक्सचेंज आपके बैंक को यूपीआई मैंडेट (UPI Mandate) भेजने का निर्देश देता है। यही कारण है कि प्री-अप्लाई करने के तुरंत बाद आपको पेमेंट रिक्वेस्ट नहीं आती, बल्कि आईपीओ खुलने वाले दिन आती है।

Leave a Comment

Read More

Join our WhatsApp Channel
व्हाट्सएप चैनल से जुड़ें
Breaking News ताज़ा ख़बरें Viral Updates
WELCOME TO KHABAR AANGANSuchna Se Sacchai Tak