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रूस बना रहा है बुढ़ापा रोकने की दुनिया की पहली जीन थेरेपी दवा! 150 साल जीने का पुतिन का सपना होगा सच

रूसी वैज्ञानिक बुढ़ापे को रोकने के लिए एक चमत्कारिक दवा पर काम कर रहे हैं। यह जीन थेरेपी RAGE रिसेप्टर को ब्लॉक कर कोशिकाओं को युवा रखेगी, जिससे भविष्य में इंसानों की उम्र 150 साल तक बढ़ सकती है।
Khabar Aangan Published on: 25 अप्रैल 2026
रूस बना रहा है बुढ़ापा रोकने की दुनिया की पहली जीन थेरेपी दवा! 150 साल जीने का पुतिन का सपना होगा सच
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मास्को | 25 अप्रैल 2026: रूस के वैज्ञानिकों ने चिकित्सा विज्ञान की दुनिया में एक बड़ा कदम उठाया है। खबर आंगन की साइंस डेस्क के अनुसार, रूसी वैज्ञानिक दुनिया की पहली जीन थेरेपी दवा बना रहे हैं जो इंसानों में बुढ़ापे को रोक सकती है। यह खास खोज राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के उस बड़े सपने से जुड़ी है जिसमें इंसान 150 साल तक जी सकेगा।

रूस के विज्ञान मंत्री ने किया एंटी एजिंग दवा का बड़ा दावा

रूस के विज्ञान और शिक्षा मंत्री डेनिस सेकिरिंस्की ने इस दवा के बारे में एक बड़ा दावा किया है। उन्होंने बताया है कि उनके देश के वैज्ञानिक बुढ़ापा रोकने की दिशा में तेजी से काम कर रहे हैं। यह नई दवा उम्र बढ़ने के प्राकृतिक प्रोसेस को पूरी तरह धीमा और नियंत्रित करने में एकदम सक्षम साबित होगी।

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इस दवा के काम करने का तरीका शरीर में मौजूद एक खास जीन पर आधारित है। वैज्ञानिकों के अनुसार, यह नई दवा शरीर के अंदर मौजूद RAGE नाम के एक विशेष जीन को पूरी तरह ब्लॉक करने का काम करेगी। इसी खास जीन के सक्रिय होने के कारण ही हमारे शरीर की कोशिकाएं बहुत तेजी से बूढ़ी होने लगती हैं।

विज्ञान की भाषा में इस RAGE जीन का पूरा नाम रिसेप्टर फॉर एडवांस्ड ग्लाइकेशन एंडप्रोडक्ट्स है। यह शरीर में एक ऐसा रिसेप्टर है जो कोशिकाओं में उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को शुरू कर देता है। रूसी वैज्ञानिकों का मुख्य लक्ष्य इसी रिसेप्टर को जीन थेरेपी के जरिए ब्लॉक करना है ताकि कोशिकाएं लंबे समय तक युवा बनी रहें।

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लॉन्गेविटी मेडिसिन फोरम में हुई जीन थेरेपी रिसर्च की अहम घोषणा

रूस के सरांस्क शहर में आयोजित किए गए लॉन्गेविटी मेडिसिन फोरम में मंत्री डेनिस सेकिरिंस्की ने यह पूरी जानकारी दुनिया के सामने रखी है। उन्होंने बहुत ही स्पष्ट रूप से कहा कि बुढ़ापे के खिलाफ चल रही इस बड़ी लड़ाई में यह जीन थेरेपी विज्ञान का सबसे ज्यादा आशाजनक और एकदम शानदार क्षेत्र है जिससे बड़ी सफलता मिलेगी।

यह पूरी खोज राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की लंबी उम्र की चाहत से जुड़ी हुई है। कुछ महीने पहले नवंबर में आयोजित एक AI समिट में 73 वर्षीय पुतिन ने कहा था कि आने वाले समय में इंसान 150 साल तक आसानी से जी सकता है। उनका यह बयान इस नई एंटी एजिंग रिसर्च का मुख्य आधार माना जा रहा है।

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इस ऐतिहासिक दवा का विकास रूस के बायोलॉजी ऑफ एजिंग एंड मेडिसिन इंस्टीट्यूट में तेज गति से किया जा रहा है। रूस इस समय अपनी गिरती आबादी और तेजी से बूढ़ी होती जनसंख्या से काफी परेशान है। इसीलिए पूरे देश में बायोटेक्नोलॉजी रिसर्च को बहुत बड़े पैमाने पर भारी वित्तीय बढ़ावा और सरकारी समर्थन दिया जा रहा है।

हेल्थ प्रिजर्वेशन नेशनल प्रोजेक्ट के तहत मिला दो ट्रिलियन का बजट

पुतिन सरकार ने इस साल हेल्थ प्रिजर्वेशन नेशनल प्रोजेक्ट नाम से एक बड़ी योजना शुरू की है। इस पूरे महात्वाकांक्षी प्रोग्राम के लिए सरकार ने 2 ट्रिलियन रूबल से भी अधिक का बजट पास किया है। इस खास प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य नागरिकों के स्वास्थ्य को सुधारना और उनके जीवनकाल को विज्ञान की मदद से काफी लंबा करना है।

रूस की उप प्रधानमंत्री तात्याना गोलिकोवा ने भी कुछ समय पहले इस विषय पर एक बड़ी जानकारी दी थी। उन्होंने दावा किया था कि रूस 2028 से 2030 के बीच इस एंटी एजिंग दवा का बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू कर देगा। उन्होंने साफ कहा कि जो बातें पहले सिर्फ एक सपना लगती थीं वह अब हकीकत बन रही हैं।

रूसी राष्ट्रपति के करीबी और जाने माने वैज्ञानिक मिखाइल कोवलचुक भी इस अहम प्रोजेक्ट से जुड़े हुए हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार यह प्रोजेक्ट उनके अमर जीवन के सपने से भी काफी प्रेरित है। रूस के उच्च अधिकारी और बड़े नेता इस एंटी एजिंग तकनीक के जरिए मानव जीवन की सभी जैविक सीमाओं को पूरी तरह तोड़ना चाहते हैं।

चिकित्सा विशेषज्ञों की शंकाएं और दुनिया भर के विज्ञान पर असर

हालांकि दुनिया भर के कई प्रमुख चिकित्सा विशेषज्ञों ने रूस के इस बड़े दावे पर अपनी गहरी शंका जताई है। कुछ वैज्ञानिकों का यह मानना है कि बिना पर्याप्त समय और सटीक परीक्षण के जैविक बुढ़ापे को इतनी जल्दी रोकना संभव नहीं है। उनका साफ कहना है कि इस जीन थेरेपी का अभी कोई ठोस सबूत सामने नहीं आया है।

इन शंकाओं के बावजूद अगर रूस के वैज्ञानिकों की यह जीन थेरेपी दवा पूरी तरह सफल हो जाती है तो यह वैश्विक चिकित्सा के क्षेत्र में बड़ा चमत्कार होगा। इससे दुनिया भर में इंसानों की उम्र बढ़ जाएगी और कई गंभीर बीमारियों का सीधा अंत हो जाएगा। यह प्रयोग सच में मानव इतिहास की सबसे बड़ी और ऐतिहासिक खोज होगी।

हमारा निष्कर्ष

हमारा यह स्पष्ट निष्कर्ष है कि रूस द्वारा विकसित की जा रही पहली जीन थेरेपी दवा इंसान को 150 साल तक जीवित रखने की दिशा में क्रांतिकारी कदम है। RAGE जीन को ब्लॉक करने वाली यह तकनीक भविष्य में मेडिकल साइंस की पूरी दिशा बदल देगी। विज्ञान की हर रोचक खबर के लिए हमेशा खबर आंगन के साथ जुड़े रहें।

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