दरभंगा | 24 अप्रैल 2026: बिहार के दरभंगा जिले में ज्ञान भारतम् मिशन के तहत एक बहुत ही शानदार और ऐतिहासिक पहल की शुरुआत की गई है। खबर आंगन की रिपोर्ट के अनुसार प्रशासन ने पुरानी और बहुत ही मूल्यवान ऐतिहासिक धरोहरों को बचाने का एक बहुत बड़ा संकल्प लिया है। जिलाधिकारी कौशल कुमार के सख्त आदेश पर इस अहम काम की शुरुआत हुई है।
दारूल उलूम अहमदिया सल्फिया पुस्तकालय का किया गया सघन निरीक्षण
जिलाधिकारी के विशेष आदेशानुसार दरभंगा जिले के बेलवागंज और लहेरियासराय में स्थित दारूल उलूम अहमदिया सल्फिया का एक बहुत ही अहम भ्रमण किया गया। जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी चंदन कुमार ने संस्थान के पुस्तकालय का बहुत ही बारीकी से निरीक्षण किया। इस बड़े निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य ऐतिहासिक और बहुत ही पुरानी प्राचीन पाण्डुलिपियों का संरक्षण सुनिश्चित करना है।
भ्रमण और इस अहम निरीक्षण के दौरान संस्थान के सचिव सैयद इस्माइल खुर्रम वहां मुख्य रूप से उपस्थित रहे। उनके साथ ही वहिदुज्जम सल्फिया ने भी मौजूद रहकर अधिकारियों को संस्थान के ऐतिहासिक पुस्तकालय में बहुत ही सुरक्षित तरीके से रखी गई सौ वर्षों से भी अधिक पुरानी और एकदम प्राचीन पाण्डुलिपियों का बहुत ही करीब से अहम अवलोकन कराया।

अरबी और फारसी भाषाओं की अत्यंत सुंदर हस्तलिखित पाण्डुलिपियां
अधिकारियों द्वारा किए गए इस बहुत ही अहम निरीक्षण के क्रम में यह साफ पाया गया कि संस्थान में अभी उपलब्ध सभी पाण्डुलिपियां अत्यंत सुंदर और बेहतरीन कलात्मक शैली में लिखी गई हैं। यह सभी बहुत ही खास ऐतिहासिक पाण्डुलिपियां मुख्य रूप से अरबी फारसी और उर्दू जैसी कई प्राचीन भाषाओं में अपने हाथ से बहुत सहेजकर लिखी गई हैं।
सौ वर्षों से भी अधिक पुरानी इन पाण्डुलिपियों के इस बहुत ही विशाल संग्रह में हाथ से एकदम बारीकी से लिखी हुई कुरान शरीफ और कई तरह के अहम शब्दकोष भी मौजूद हैं। इसके अलावा भी कई अन्य अत्यंत महत्वपूर्ण और हस्तलिखित ग्रंथ पूरी तरह शामिल हैं जो ऐतिहासिक और हमारी बहुत ही पुरानी सांस्कृतिक दृष्टिकोण से अत्यंत मूल्यवान हैं।
सांस्कृतिक विरासत का डिजिटाइजेशन और संरक्षण सुनिश्चित करना
इस बहुत ही खास अवसर पर इन सभी मूल्यवान पाण्डुलिपियों के बेहतर संरक्षण और एकदम आधुनिक डिजिटाइजेशन की भारी आवश्यकता पर विशेष रूप से बल दिया गया। अधिकारियों का यह मानना है कि डिजिटाइजेशन करने से ही इस बहुत अमूल्य और ऐतिहासिक सांस्कृतिक विरासत को पूरी तरह सुरक्षित रखते हुए हमारी आने वाली नई पीढ़ियों को इससे अवगत कराया जाएगा।
जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी ने बहुत ही स्पष्ट रूप से कहा कि जिला प्रशासन दरभंगा द्वारा इस दिशा में बहुत जल्द ही सभी आवश्यक और बेहद कड़े पहल किए जाने की बात पूरी तरह कही गई है। प्रशासन की इस बहुत ही शानदार और अहम नई पहल से ही इन सभी अत्यंत दुर्लभ पाण्डुलिपियों का मजबूत संरक्षण सुनिश्चित होगा।
हमारा निष्कर्ष
हमारा यह एकदम स्पष्ट और सटीक निष्कर्ष है कि दरभंगा प्रशासन का ज्ञान भारतम् मिशन हमारी ऐतिहासिक धरोहरों को पूरी तरह से बचाने का एक बहुत ही शानदार कदम है। प्राचीन ग्रंथों के डिजिटाइजेशन से इतिहास हमेशा के लिए एकदम सुरक्षित हो जाएगा। शहर की हर एक पक्की और एकदम सटीक खबर के लिए आप हमेशा खबर आंगन पढ़ते रहें।
Disclaimer: यह खबर ‘खबर आंगन’ की खास डेस्क द्वारा सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, दरभंगा प्रशासन से प्राप्त एकदम वास्तविक और आधिकारिक प्रेस नोट के आधार पर तैयार की गई है।
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