पटना | 24 अप्रैल 2026: बिहार की राजधानी पटना के बाईपास थाना क्षेत्र से एक बहुत ही दर्दनाक और झकझोर देने वाली बड़ी घटना सामने आई है। बाईस अप्रैल को एक मासूम बच्ची की अचानक गुमशुदगी के संबंध में स्थानीय पुलिस को एक अहम सूचना प्राप्त हुई थी। खबर आंगन की क्राइम डेस्क के अनुसार पुलिस की खोजबीन के बाद दुखद खबर मिली।
बच्ची के लापता होने की वह प्रारंभिक सूचना मिलते ही बाईपास थाना की पुलिस ने तुरंत हरकत में आते हुए बहुत ही त्वरित और बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी थी। पुलिस प्रशासन ने बच्ची की सुरक्षित बरामदगी सुनिश्चित करने के लिए अपना तकनीकी और मानवीय अनुसंधान तुरंत पूरी तरह से प्रारंभ कर दिया था ताकि मामले को जल्द सुलझाया जाए।
मासूम बच्ची का शव बरामद और इलाके में सनसनी
तकनीकी जांच और लगातार हो रही सघन खोजबीन के बीच अगले ही दिन पुलिस टीम को एक बहुत ही बड़ा और भारी झटका लगा। तेईस अप्रैल को पुलिस अनुसंधान के क्रम में उसी बाईपास थाना क्षेत्र के अंतर्गत लापता हुई उस मासूम और गुमशुदा बच्ची का शव रहस्यमय हालात में बरामद किया गया जिससे पूरे इलाके में सनसनी आसानी से फैल गई।
बच्ची का शव मिलने की सूचना मिलते ही पुलिस के कई बड़े और वरीय अधिकारी तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गए। साक्ष्य संकलन की एकदम बारीक और कड़े स्तर की प्रक्रिया के लिए घटनास्थल पर विशेष रूप से राज्य की एफएसएल टीम को बुलाया गया। साथ ही अपराधियों का सुराग खोजने के लिए डॉग स्क्वॉड टीम की भी सहायता ली गई।
पुलिस कर रही है गंभीरता से जांच और सीसीटीवी फुटेज का अवलोकन
वारदात की एकदम असल और पूरी सच्चाई तक पहुंचने के लिए जांच टीम हर संभव और बहुत ही कड़ा प्रयास कर रही है। पुलिस द्वारा शव मिलने वाले घटनास्थल और उसके आसपास लगे हुए सभी जरूरी सीसीटीवी फुटेज का बहुत ही गहराई से लगातार अवलोकन किया जा रहा है ताकि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की आसानी से पहचान हो सके।
इस बेहद ही संगीन और बड़े मामले में पटना सिटी के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी दो डॉक्टर गौरव कुमार ने आधिकारिक रूप से अपनी अहम बाइट दी है। उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि इस पूरे मामले में आगे की एकदम विधिसम्मत और कठोर कार्रवाई पुलिस द्वारा पूरी तरह से की जा रही है और अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा।
