नई दिल्ली | 11 मार्च 2026: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में अचानक एक बड़ा और ऐतिहासिक भूचाल देखने को मिला है। ग्लोबल मार्केट में ब्रेंट क्रूड के दाम 11 प्रतिशत से अधिक की भारी गिरावट के साथ 87 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गए हैं।
इस बड़ी हलचल के बीच आज 11 मार्च 2026 की सुबह भारतीय तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने भी पेट्रोल और डीजल के ताजा भाव जारी कर दिए हैं। ‘खबर आंगन’ की बिजनेस डेस्क आपको कच्चे तेल के इस खेल, भारत की स्थिति और महानगरों से लेकर आपके शहर तक के एकदम सटीक और ताजा Fuel Prices की पूरी जानकारी दे रही है।
क्रूड ऑयल में इस भारी गिरावट की असली वजह
कुछ दिनों पहले मध्य पूर्व (Middle East) में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध के तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें 120 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई थीं। इसके चलते दुनियाभर में महंगाई का एक बड़ा खतरा मंडराने लगा था।
लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस हालिया बयान के बाद बाजार में अचानक शांति लौट आई, जिसमें उन्होंने युद्ध के जल्द समाप्त होने और तनाव कम होने की प्रबल संभावना जताई थी।
इस कूटनीतिक बयान का सीधा असर ग्लोबल मार्केट पर पड़ा और ब्रेंट क्रूड ऑयल (Brent Crude) औंधे मुंह गिरकर 87.57 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। वहीं डब्लूटीआई क्रूड (WTI Crude) भी गिरकर 83 डॉलर के आसपास ट्रेड कर रहा है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में हुए इतने बड़े उतार-चढ़ाव के बावजूद, भारतीय उपभोक्ताओं के लिए आज भी कोई बड़ा बदलाव या राहत नहीं दी गई है। देश भर के पेट्रोल पंपों पर कीमतें पूरी तरह से स्थिर बनी हुई हैं।
सरकारी सूत्रों और अधिकारियों के अनुसार, देश में कच्चे तेल का पर्याप्त 7 से 8 हफ्ते का आपातकालीन भंडार (रिजर्व) मौजूद है और सप्लाई पूरी तरह से सामान्य है।
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अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि भारतीय तेल कंपनियां अभी मजबूत स्थिति में हैं। जब तक क्रूड ऑयल 130 डॉलर प्रति बैरल के पार नहीं जाता, तब तक भारत में Fuel Prices बढ़ाए जाने की कोई तत्काल संभावना नहीं है।
प्रमुख महानगरों और आपके शहर के ताजा रेट
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से लेकर उत्तर प्रदेश और बिहार के प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल के दामों में कोई भारी फेरबदल नहीं हुआ है। आज 11 मार्च 2026 के लिए तेल कंपनियों द्वारा तय की गई नई कीमतें (प्रति लीटर) इस प्रकार हैं:
दिल्ली: पेट्रोल 94.77 रुपये और डीजल 87.67 रुपये प्रति लीटर।
मुंबई: पेट्रोल 103.54 रुपये और डीजल 90.03 रुपये प्रति लीटर।
कोलकाता: पेट्रोल 105.41 रुपये और डीजल 92.02 रुपये प्रति लीटर।
चेन्नई: पेट्रोल 101.23 रुपये और डीजल 92.61 रुपये प्रति लीटर।
लखनऊ और गाजियाबाद: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पेट्रोल 94.69 रुपये और डीजल 87.80 रुपये है। वहीं गाजियाबाद में पेट्रोल 94.89 रुपये पर बिक रहा है।
पटना: बिहार की राजधानी में पेट्रोल 105.58 रुपये और डीजल 92.04 रुपये प्रति लीटर के ऊंचे स्तर पर दर्ज किया गया है।
राज्यों के टैक्स के कारण कीमतों में भारी अंतर
भारत में पेट्रोल और डीजल को अभी तक माल और सेवा कर (GST) के दायरे में शामिल नहीं किया गया है। यही मुख्य कारण है कि भारत का हर राज्य अपनी आवश्यकता के अनुसार तेल पर अलग-अलग वैट (VAT) और स्थानीय सेस वसूलता है।
इसी राज्य स्तरीय टैक्स के भारी अंतर के कारण राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली (94.77 रुपये) के मुकाबले बिहार की राजधानी पटना (105.58 रुपये) में पेट्रोल की कीमतें 10 रुपये से भी ज्यादा महंगी हैं। माल ढुलाई और लॉजिस्टिक का खर्च भी शहर-दर-शहर Fuel Prices में मामूली अंतर पैदा करता है।
पेट्रोल-डीजल की किल्लत की अफवाहों पर लगाम
हाल ही में महाराष्ट्र के पुणे सहित देश के कुछ अन्य शहरों में पेट्रोल और डीजल की भारी किल्लत की फर्जी अफवाहें सोशल मीडिया पर तेजी से फैली थीं। इस झूठी खबर के कारण पेट्रोल पंपों के बाहर लोगों की लंबी कतारें और पैनिक बाइंग (Panic Buying) की स्थिति बन गई थी।
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पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन के अधिकारियों ने इन बातों का पूरी तरह से खंडन किया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि देश के कुछ हिस्सों में केवल कमर्शियल एलपीजी (LPG) गैस सिलेंडरों की थोड़ी कमी देखी गई है, लेकिन किसी भी पंप पर पेट्रोल या डीजल की कोई किल्लत नहीं है।
पड़ोसी देशों में हाहाकार, लेकिन भारत सुरक्षित
जहां एक तरफ भारत में तेल की कीमतें और सप्लाई चेन पूरी तरह से नियंत्रण में है, वहीं पड़ोसी देशों पाकिस्तान और बांग्लादेश में हालात बेहद खराब हो चुके हैं। पाकिस्तान सरकार ने तेल की कीमतों में भारी उछाल कर दिया है, जिससे वहां के आम नागरिकों में त्राहिमाम मचा हुआ है।
वहीं ऊर्जा संकट से जूझ रहे बांग्लादेश में ईंधन की कमी के कारण राशनिंग की नौबत आ गई है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए भारत अपनी ‘फ्रेंडशिप पाइपलाइन’ के जरिए असम की नुमालीगढ़ रिफाइनरी से बांग्लादेश को डीजल की लगातार सप्लाई कर रहा है।
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