नई दिल्ली | 19 अप्रैल 2026: देश में चुनावी सरगर्मी और भारी राजनीतिक उठापटक के बीच एक बार फिर से बड़ा सियासी घमासान छिड़ गया है। प्रधानमंत्री द्वारा राष्ट्र के नाम दिए गए एक अहम संबोधन को लेकर विपक्ष ने कड़ा ऐतराज जताया है। ‘खबर आंगन’ की पॉलिटिकल डेस्क के अनुसार इस मामले ने अब एक बड़े राष्ट्रीय विवाद का रूप ले लिया है।
विपक्षी खेमे से सबसे मुखर और तेज आवाज राष्ट्रीय जनता दल की तरफ से बहुत ही बेबाकी के साथ उठाई गई है। पार्टी के वरिष्ठ नेता मनोज झा ने इस संबोधन की टाइमिंग और इसके पीछे की राजनीतिक मंशा पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने चुनाव आयोग से तुरंत हस्तक्षेप करने की बड़ी मांग मजबूती से रखी है।
संबोधन के भारी खर्चे को लेकर चुनाव आयोग से बड़ी मांग
राजद नेता ने अपनी पार्टी का पक्ष रखते हुए स्पष्ट रूप से कहा है कि चुनाव के समय ऐसे प्रसारण पूरी तरह राजनीति से प्रेरित होते हैं। मनोज झा ने चुनाव आयोग से पुरजोर मांग की है कि प्रधानमंत्री के इस संबोधन में हुए भारी खर्च का एकदम सटीक और निष्पक्ष तरीके से तुरंत आकलन होना बहुत जरूरी है।
उन्होंने यह तर्क दिया कि यह राष्ट्रीय प्रसारण सीधे तौर पर सत्ताधारी दल को चुनावी फायदा पहुंचाने के इरादे से किया गया है। इसलिए इसे आम सरकारी खर्च बिल्कुल नहीं माना जाना चाहिए। उनका स्पष्ट कहना है कि इस पूरे खर्चे को सीधे तौर पर प्रधानमंत्री के व्यक्तिगत चुनावी खर्च वाले खाते में तुरंत प्रभाव से जोड़ा जाना चाहिए।
सरकारी मशीनरी के अनुचित इस्तेमाल पर विपक्ष का कड़ा प्रहार
विपक्षी दलों का चुनाव के दौरान हमेशा से यह बड़ा आरोप रहा है कि सत्ता में बैठी पार्टी अक्सर सरकारी मशीनरी का अनुचित इस्तेमाल करती है। राजद नेता मनोज झा ने मीडिया के सामने आकर इसी अहम बात को एक बार फिर से बहुत ही प्रमुखता और मजबूती के साथ देश की आम जनता के सामने खुलकर रखा है।
