नई दिल्ली | पच्चीस अप्रैल दो हजार छब्बीस: भारतीय राजनीति में आम आदमी पार्टी को एक बहुत ही बड़ा और भारी झटका लगा है। खबर आंगन की पॉलिटिकल डेस्क के अनुसार राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा समेत पार्टी के कुल सात बड़े सांसदों ने आम आदमी पार्टी को पूरी तरह से छोड़कर भारतीय जनता पार्टी का दामन एकदम थाम लिया है। इस राजनीतिक फेरबदल से देश में हलचल है।
अन्ना हजारे ने नेतृत्व को ठहराया जिम्मेदार
सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने महाराष्ट्र के अहिल्यानगर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए इस भारी राजनीतिक घटनाक्रम पर अपनी स्पष्ट प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने आम आदमी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व पर अपना कड़ा निशाना साधा है। अन्ना के अनुसार अगर पार्टी एकदम सही रास्ते पर चलती तो ये सभी सात बड़े सांसद कभी भी पार्टी को छोड़कर नहीं जाते।
अन्ना हजारे ने अपनी बातों में यह साफ तौर पर कहा कि जब भी राजनीति में स्वार्थ बीच में आ जाता है तो सभी लोग समाज और पूरे देश को पूरी तरह से भूल जाते हैं। उन्होंने आगे यह भी कहा कि सिर्फ सत्ता और भारी पैसे के पीछे भागने के कारण ही पार्टी में भारी गड़बड़ी पैदा हुई है।
राघव चड्ढा का बयान और केजरीवाल का हमला
पार्टी छोड़ने वाले बड़े नेता राघव चड्ढा ने अपने एक बहुत ही अहम बयान में खुद को एक गलत पार्टी में मौजूद एकदम सही आदमी पूरी तरह से बताया है। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने उन्हें और अन्य सभी साथी सांसदों को पार्टी की नई सदस्यता पूरे सम्मान के साथ पूरी तरह से दिला दी है।
दूसरी तरफ आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी इस भारी दल बदल पर अपना बहुत ही तीखा और कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर एकदम कड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने पंजाब के सभी आम लोगों के साथ एक बहुत बड़ा और भारी धोखा जानबूझकर बहुत ही गलत तरीके से किया है।
हमारा निष्कर्ष
हमारा यह एकदम स्पष्ट निष्कर्ष है कि राघव चड्ढा और छह अन्य सांसदों का भारतीय जनता पार्टी में जाना आम आदमी पार्टी के लिए एक बहुत ही बड़ा झटका है। अन्ना हजारे का यह अहम बयान पार्टी के मौजूदा संकट और बड़ी अंदरूनी कलह को पूरी तरह उजागर करता है। हर पक्की राजनीतिक खबर के लिए खबर आंगन लगातार पढ़ें।
